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बच्चे की हकलाहट हो सकती है कम, बस अपनाएं ये 5 बातें

अगर बच्चा हकलाता है तो यहां बताई जा रही 5 बातें आपके काम आ सकती हैं।

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Dec 25, 2017, 05:00 PM IST

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    अधिकतर माता-पिता बच्चों के हकलाने से परेशान हो जाते हैं। ये कोई गंभीर बात नहीं है, लेकिन इस वजह से बच्चे का मजाक उड़ाया जाता है या अन्य लोग नकल करते हैं तो बच्चे में धीरे-धीरे हीन भावना आने लगती है। इस कारण बच्चा नए लोगों से मिलने में डरने लगता है और उदास रहने लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए माता-पिता को यहां बताई जा रही बातों का ध्यान रखना चाहिए...

    आमतौर पर हकलाने वाले बच्चे एक ही शब्द को लंबा खींचते हैं या कोई वाक्य बोलते समय अचानक किसी शब्द पर अटक जाते हैं और उसे बार-बार बोलने की कोशिश करते हैं। कई बार सामान्य रूप से बातचीत करने वाले बच्चे या बड़े भी डर, शर्म, निराशा या आत्मविश्‍वास की कमी की वजह से हकलाने लगते हैं।

    कब और क्यों हो सकती है ये समस्या?

    आमतौर पर हकलाहट या स्टैमरिंग तीन से पांच साल की उम्र के बच्चों में शुरू हो जाती है। पांच से नौ साल के बच्चों में ये धीरे-धीरे कम हो जाती है और 12-13 साल के बच्चों में हकलाहट की परेशानी बहुत कम हो जाती है। लगभग 5 प्रतिशत बच्चों को हकलाने की परेशानी रहती है। लड़कियों के मुकाबले लड़कों में यह दोष 5 गुना ज्यादा होता है। वैसे तो यह एक सामान्य दोष है, इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे बच्चे की भाषा पर अच्छी पकड़ न होना, बहुत ज्यादा भावुक होना, डरना, मानसिक तनाव, एकाग्रता की कमी, असमंजस की स्थिति आदि।

    हकलाहट दूर करने के लिए ध्यान रखें ये बातें

    1. इस परेशानी का इलाज किसी दवा से नहीं, बल्कि स्पीच थेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिक की मदद से किया जा सकता है।

    2. सबसे पहले हकलाहट का कारण जानने की कोशिश करनी चाहिए। बच्चे के मन में किसी प्रकार का भय हो तो उसे दूर करने की कोशिश करें।

    3. बच्चे के मन में आत्मविश्‍वास पैदा करें और दिमाग से यह बात दूर करने के कोशिश करें कि उसके अंदर किसी प्रकार का दोष है।

    4. बच्चे को तनावमुक्त रखें। स्पीच थेरेपिस्ट बच्चों से उन्हीं शब्दों या अक्षरों को बार-बार बुलवाते हैं, जिन्हें बोलने में बच्चे को परेशानी होती है। निरंतर अभ्यास से ये परेशानी दूर हो सकती है।

    5.अगर बच्चा किसी शब्द को बोलते समय अटकता है तो धैर्य से उसकी बात सुनें और उसे ही अपना वाक्य पूरा करने दें। बच्चे का मजाक न उड़ाएं।

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Web Title: Parenting Tips In Hindi, Family Management Tips About Child
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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