Home » Jeevan Mantra »Fitness Mantra »Ayurvedic Nuskhe » Yoga: If Cancer Survival Recipe, Follow These Hill

कैंसर से बचे रहना है तो अपनाएं ये पहाड़ी नुस्खा

आपका परिचय हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले छोटे-सेब से कराते हैं।

धर्मडेस्क. उज्जैन | Last Modified - Jul 01, 2013, 11:08 AM IST

  • आप सेब के गुणों से तो परिचित ही होंगे लेकिन आज हम आपका परिचय हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले छोटे-सेब से कराते हैं ,जी हाँ बिलकुल सेब से मिलते जुलते ही इसके फल 6-8 mm के आकार के होते है। पर्वतीय क्षेत्र में घिंघारू के नाम से जाना जाता है।Rosaceae कुल की इस वनस्पति का लेटिन नाम Pyrancatha crenulata है जिसे हिमालयन-फायर-थोर्न के नाम से भी जाना जाता है। इसके छोटे-छोटे फल बड़े ही स्वादिष्ट होते हैं, जिसे आप सुन्दर झाडिय़ों में लगे हुए देख सकते हैं। इसे व्हाईट-थोर्न के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ओरनामेंटल झाड़ीदार लेकिन बडी उपयोगी वनस्पति है। आइए इसके कुछ गुणों से आपका परिचय कराते हैं -

  • -इसकी पत्तियों से पहाडी हर्बल चाय बनायी जाती है।इसके फलों को सुखाकर चूर्ण बनाकर दही के साथ खूनी दस्त का उपचार किया जाता है।इस वनस्पति से प्राप्त मजबूत लकडिय़ों का इस्तेमाल लाठी या हॉकी स्टिक बनाने में किया जाता है। घिंघारू के बीजों एवं पत्तियों में पाए जानेवाले जहरीले रसायन हायड्रोजन सायनायड के कैंसररोधी प्रभाव भी देखे गए हैं लेकिन अधिक मात्रा में इनका सेवन श्वासावरोध उत्पन्न कर सकता है।

  • -फलों में पर्याप्त मात्रा में शर्करा पायी जाती है जो शरीर को तत्काल ऊर्जा प्रदान करती है।इस वनस्पति का प्रयोग दातून के रूप में भी किया जाता है जिससे दांत दर्द में भी लाभ मिलता है। इसके फलों से निकाले गए जूस में रक्त-वर्धक प्रभाव पाया जाता है जिसका लाभ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काफी आवश्यक माना गया है।इसे प्राय: ओर्नामेंटल पौधे के रूप में साज -सजा के लिए 'बोनसाई' के रूप में प्रयोग करने का प्रचलन रहा है।

  • -इस कुल की अधिकांश वनस्पतियों के बीजों एवं पत्तों में एक जहरीला द्रव्य 'हायड्रोजन-सायनायड; पाया जाता है जिस कारण इनका स्वाद कडुआ होता है एवं इससमें एक विशेष प्रकार की खुशबू पायी जाती है। अल्प मात्रा में पाए जाने के कारण यह हानिरहित होता है तथा श्वास-प्रश्वास की क्रिया को उद्दीपित करने के साथ ही पाचन क्रिया को भी ठीक करता है।

    हिमालयन-फायर-थोर्नकेबारे में रोचक जानकारी दे रहे हैं डॉ.नवीन जोशी एम.डी.आयुर्वेद। डॉ.नवीन जोशी विगत कई वर्षों से अपने लेखन क माध्यम से लोगों को आयुर्वेद,योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के बारे में जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं। दैनिक भास्कर जीवन मन्त्र के लिए लगभग 200 से अधिक लेख लिख चुके हैं साथ ही विभिन्न जड़ी-बूटियों को लाइव वीडियो के माध्यम से आपके समक्ष प्रस्तुत कर चुके हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×