भाजपा के लिए कैसा रहेगा 2014

उज्जैन। भारतीय जनता पार्टी के लिए अभी काफी सुनहरा समय चल रहा है। चार बड़े राज्यों में बीजेपी ने जीत का परचम लहराया और मतदाताओं का...

 
 
 
 

101 तरीके

 

न्यू ईयर मैसेज

  • भूल जाओ बीते हुए कल को, दिल में बसा लो आने वाले कल को, मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल, खुशियां लेकर आएगा आनेवाला कल। नया साल मुबारक...

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  • शुभम करोति कल्याणम, अरोग्यम धन सम्पदा, शत्रु भुद्धि विनाशाया, दीपम-ज्योति नमस्तुते... नया साल आप सभी के जीवन में सुख-सम्रद्धि और शांति बनाए रखें, यही मंगलकामनाएं..

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  • नया साल आता है, पुराना साल जाता है, इस साल आपको वो सब मिले, जो आपका दिल चाहता है। हैप्पी न्यू ईयर...

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  • बीत गया जो साल भूल जाएं, इस नए साल को गले लगाएं, करते हैं हम दुआ रब से सिर झुकाकर, इस साल के सारे सपने पूरे हों आपके नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं...

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  • I wish U to have a Sweetest Sunday, Marvelous Monday, Tasty Tuesday, Wonderful Wednesday, Thankful Thursday, Friendly Friday, Successful Saturday. Have a great Year. HAPPY NEW YEAR

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जीवन मंत्र

 
 
 
 
 

अंक राशिफल

क्या होता है अंक ज्योतिष...
अंक ज्योतिष दुनिया की सबसे ज्यादा प्रसिद्ध ज्योतिष विधाओं में से एक है। इस विद्या की ईजाद मारमन में जन्मे भविष्य वक्ता काउंट लुईस हैमन कीरो ने की थी। इसी कारण इस विधा को कीरो का अंक ज्योतिष कहा जाता है। हमारे जन्म तारीख, वर्ष और समय के आधार पर भविष्य बताने की यह विधा दुनियाभर में प्रचलित है।
कैसे जाने अपना जन्मांक...
अंक ज्योतिष से अपना भविष्य जानना बहुत आसान होता है। आपके जन्म की तारीख ही आपका मूलांक होता है। जैसे आपका जन्म 3 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 3 है। अगर आपकी जन्म तारीख दहाई से ज्यादा है तो उन अंकों को जोड़ दें जैसे 23 तारीख हो तो उसे 2+3 =5 आपका मूलांक होगा।

 
 

टैरो राशिफल

कैसे जानें अपनी टैरो राशि...
टैरो राशिफल चांद्र राशिफल के आधार पर ही दिया जा रहा है। टैरो रीडर मीतू सहगल (दिल्ली) द्वारा यह राशिफल तैयार किया गया है। इस राशिफल में भी आपकी राशि वही होगा जो सामान्य राशिफल में उपयोग होती है। अपने नाम के अनुसार जो राशि आपकी है, वही आपकी टैरो राशि भी है।

 
 
कैलेंडर 2014
05
जलझूलनी... जलझूलनी एकादशी
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को डोल ग्यारस कहते हैं। इसे परिवर्तिनी एकादशी, जयझूलनी एकादशी आदि नामों से भी जाना जाता है। इस तिथि को व्रत करने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है।
08
अनंत... अनंत चतुर्दशी
भाद्रमास मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी अनन्त चतुर्दशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भगवान अनन्त की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं सौभाग्य की रक्षा एवं सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं।
09
श्राद्ध... श्राद्ध प्रारंभ
भाद्रमास मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तिथि तक के समय को पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष कहते हैं। सनातन धर्म में इन 16 दिनों का समय पूर्वजों को तृप्त करने और उनके प्रति आस्था प्रकट करने के लिए ही बनाया गया है।
19
इंदिरा... इंदिरा एकादशी व्रत
आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान शालिग्राम की पूजा की जाती है व उनके निमित्त व्रत किया जाता है। इस व्रत को करने से मनुष्य सब पापों से छूट जाता है।
23
पितृमोक्ष... पितृमोक्ष अमावस्या
अश्विनी मास की अमावस्या को पितृमोक्ष अमावस्या कहते हैं। यह श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन होता है। इस दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों का श्राद्ध करने की परंपरा है।
25
शारदीय... शारदीय नवरात्रारंभ
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक नवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इन नौ दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर तिथि का एक विशेष महत्व होता है।