दुष्ट इंसान की मीठी बातों पर कभी भरोसा मत करो। वो अपना मूल स्वभाव कभी नहीं छोड़़ सकता, जैसे शेर कभी हिंसा नहीं छोड़ सकता। - चाणक्य