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कब्ज, गैस या एसीडिटी: पेट की हर प्राब्लम का हल है ये खट्टा-मीठा फल

धर्मडेस्क. उज्जैन | Oct 08, 2011, 09:25 IST

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कब्ज, गैस या एसीडिटी: पेट की हर प्राब्लम का हल है ये खट्टा-मीठा फल

अंजीर अपने खट्टे-मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध अंजीर एक स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और बहु उपयोगी फल है।अंजीर कई प्रकार का होता है जिसमें से कुछ इस प्रकार के हैं।वैज्ञानिकों के अनुसार अंजीर कि इसके सूखे फल में कार्बोहाइड्रेट (शर्करा) 63 प्रतिशत, प्रोटीन 5.5 प्रतिशत, सेल्यूलोज 7.3 प्रतिशत, चिकनाई एक प्रतिशत, खनिज लवण 3 प्रतिशत, अम्ल 1.2 प्रतिशत, राख 2.3 प्रतिशत और जल 20.8 प्रतिशत होता है। इसके अलावा प्रति 100 ग्राम अंजीर में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लोहा, विटामिन,थोड़ी मात्रा में चूना, पोटैशियम, सोडियम, गंधक, फास्फोरिक एसिड और गोंद भी पाया जाता है।
घरेलू उपचार में ऐसा माना जाता है कि स्थाई रुप से रहने वाली कब्ज़ अंजीर खाने से दूर हो जाती है। गैस और एसीडिटी से भी राहत मिलती है।साधारण कब्ज में गरम दूध में सूखे अंजीर उबाल कर सेवन सुबह दस्त साफ होता है। इससे कफ बाहर आ जाता है। सूखे अंजीर को उबाल कर बारीक़ पीस कर अगर गले की सुजन या गांठ पर बांधी जाए तो लाभ पहुंचता है। ताजे अंजीर खा कर साथ दूध का सेवन करना शक्तिवर्धक होता है। डायबिटीज के रोगी को अंजीर से लाभ पहुंचता है। खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध और मिश्री के साथ लगातार हफ्ते भर सेवन करने से लाभ होता है। अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना अत्यंत शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है। खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। मधुमेह रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। किसी प्रकार का बाह्य पदार्थ यदि पेट में चला जाए तो उसे निकालने के लिए अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है। अस्थमा की बीमारी में प्रात:काल सूखे अंजीर का सेवन पथ्यकारी है।
अस्थमा की बीमारी में रोज सुबह सूखे अंजीर का प्रयोग लाभ देता है। अंजीर कफ को जमने से भी रोकता है। किसी भी प्रकार के बुखार विशेषकर पेट की खराबी से होने वाले बिखर में अंजीर का सेवन लाभदायक होता हैं। यह भी बताना हितकर होगा की किसी भी औषधि का सेवन वैद्य के मार्गदर्शन में ही करना लाभप्रद होता है। बिना जानकारी के स्वयं प्रयोग अहितकारी होता है। अंजीर में कैल्शियम बहुत होता है, जो हड्डियों को मजबूत करने में सहायक होता है। कम पोटैशियम और अधिक सोडियम लेवल के कारण हाइपरटेंशनकी समस्या पैदा हो जाती है। अंजीर में पोटैशियम ज्यादा होता है और सोडियम कम होता है इसलिए यह हाइपरटेंशन की समस्या होने से बचाता है।दो अंजीर को बीच से आधा काटकर एक ग्लास पानी में रात भर के लिए भिगो दें सुबह उसका पानी पीने से अंजीर खाने से रक्त संचार बढ़ता है।
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Web Title: कब्ज, गैस या एसीडिटी: सब की है एक खट्टी-मीठी दवा
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