Home» Jeevan Mantra »Jyotish »Jyotish Nidaan » Jyts Know The Nature Of Any Person According To Astrology

समझिए, किस राशि के लोग कैसे होते हैं

धर्म डेस्क. उज्जैन | Jan 06, 2013, 13:51 PM IST

कन्या राशि- राशि चक्र की छठी कन्या राशि दक्षिण दिशा की द्योतक है। इस राशि का चिह्न हाथ में फूल लिए कन्या है। राशि का स्वामी बुध है। इसके अन्तर्गत उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण, चित्रा के पहले दो चरण और हस्त नक्षत्र के चारों चरण आते है। जातक को उसके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के प्रति अधिक महत्वाकांक्षी बनाते हैं। जातक भावुक होता है एवं वह दिमाग की अपेक्षा ह्रदय से काम लेना चालू कर देता है। इस राशि के लोग संकोची और शर्मीले प्रभाव के साथ झिझकने वाले होते है। मकान, जमीन और सेवाओं वाले क्षेत्र में इस राशि के जातक कार्य करते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से फेफड़ों में ठंड लगना और पाचन एवं आंतों से संबंधी बीमारियां जातकों मे मिलती है।
बाल्याकाल से युवावस्था के अलावा जातकों की वृद्धावस्था अधिक सुखी और ज्यादा स्थिर होता है। इस राशि वाल पुरुषों का भी शरीर स्त्रियों की भांति कोमल होता है। ये नाजुक और ललित कलाओं से प्रेम करने वाले लोग होते है। इनका बचपन संघर्षों में बीतता है, इन्हें सुविधायें आसानी से प्राप्त नहीं होती है। किंतु ये अपनी योग्यता के बल पर ही उच्च पद पर पहुंच जाते है। विपरीत परिस्थितियां भी इन्हें डिगा नहीं सकती और ये अपनी सुझ-बुझ, धैर्य, चातुर्य के कारण आगे बढ़ते रहते है। ये कभी विचलित नही होते है। बुध का प्रभाव इनके जीवन मे स्पष्ट झलकता है. अच्छे गुण, विचारपुर्ण जीवन, बुद्धिमत्ता, इस राशि वाले में अवश्य देखने को मिलती है। इसके स्वभाव मे नम्रता और लज्जा का पुट होता है। शिक्षा और जीवन में सफलता के कारण लज्जा और झेंपुपन तो कम हो जाते हैं परंतु नम्रता तो इनका स्वाभाविक गुण है। इनको अकारण क्रोध नहीं आता किंतु जब क्रोध आता है तो जल्दी समाप्त नहीं होता। जिसके कारण क्रोध आता है, उसके प्रति घृणा की भावना इनके हृदय में घर कर जाती है। इन व्यक्तियों मे भाषण व बातचीत करने की अच्छी शक्ति होती है। सम्बन्धियों से इन्हे विशेष लाभ नहीं होता है इनका वैवाहिक जीवन भी सुखी नहीं होता। यह जरुरी नहीं की इनका किसी और औरत के साथ सम्बन्ध होने के कारण ही ऐसा होगा। बगैर पराई स्त्री से प्रेम के बावजूद भी क्लेशमय हो सकता है। अगर ये ये दुसरा विवाह कर भी लें जिसकी प्रबल सम्भावना रहती है, तो इनके जीवन मे काफी परिवर्तन आ जाता है। पर इनके प्रेम सम्बन्ध प्राय: बहुत सफल नहीं होते है। इसी कारण निकटस्थ लोगों के साथ इनके झगड़े चलते रहते है। ऐसे व्यक्ति धार्मिक विचारों में आस्था तो रखते है परंतु किसी विशेष मत के नहीं होते है। इन्हें यात्राएं भी करनी पड़ती है तथा विदेश गमन की भी सम्भावना रहती है। जिस काम मे हाथ डालते है लगन के साथ पुरा करके ही छोड़ते है। इस राशि वाले लोग अपरिचित लोगों मे अधिक लोकप्रिय होते है, इसलिये इन्हें अपना सम्पर्क विदेशों और विदेशियों मे बढ़ाना चाहिये। परिश्रम और सतत संघर्ष से किसी भी कार्य मे लगें रहे तो इनको सफलता के साथ यश भी मिलता है। इन्हें पेट की बीमारी से प्राय: कष्ट होता है। जिगर भी उसी का भाग है। पैर के रोगों से भी सचेत रहें। वैसे इन व्यक्ति की मैत्री किसी भी प्रकार के व्यक्ति के साथ हो सकती है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: jyts know the nature of any person according to astrology
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    Comment Now

    Most Commented

        Trending Now

        Top