Home» Jeevan Mantra »Jyotish »Jyotish Nidaan » Jyts Effects Of Ketu In Tula Lagna's Kundli 3-4 Houses

केतु के कारण इन लोगों को नहीं मिलता है सुख

धर्म डेस्क. उज्जैन | Jan 06, 2013, 13:08 PM IST

केतु के कारण इन लोगों को नहीं मिलता है सुख, religion hindi news, rashifal news

जानिए यदि किसी व्यक्ति की कुंडली तुला लग्न की हो और उसके तृतीय या चतुर्थ भाव में केतु स्थित है तो ऐसे इंसान के जीवन पर क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं-
तुला लग्न की कुंडली के तृतीय भाव में केतु हो तो...
कुंडली का तीसरा भाव पराक्रम का कारक स्थान होता है और तुला लग्न की कुंडली में केतु स्थित हो तो व्यक्ति साहसी होता है। ये लोग किसी भी प्रकार के जोखिम भरे कार्य आसानी से कर लेते हैं। इन्हें भाई-बहन और परिवार की ओर से भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होता है। केतु के प्रभाव से ये लोग परिश्रमी होते हैं और धैर्य तथा चतुरता के साथ कार्यों में सफलता प्राप्त कर लेते हैं।
तुला लग्न की कुंडली के चतुर्थ भाव में केतु हो तो...
जिन लोगों की कुंडली तुला लग्न की है और उसके चतुर्थ भाव में केतु होने पर व्यक्ति को माता की ओर से पूर्ण सुख और सहयोग प्राप्त नहीं हो पाता है। ऐसे लोग भूमि एवं भवन से भी सुख प्राप्त नहीं कर पाते हैं। कुंडली का चतुर्थ भाव माता एवं भूमि-भवन से संबधित होता है। तुला लग्न में चौथे भाव मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि की इस राशि में केतु होने पर व्यक्ति का जीवन कई प्रकार की परेशानियों से भरा होता है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: jyts effects of ketu in tula lagna's kundli 3-4 houses
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      Trending Now

      Top