Home» Jeevan Mantra »Self Help » Self Help Tips In Hindi For Happy Life

इस एक बात को नहीं समझना चाहिए अपमान, इससे होता है फायदा

जीवन मंत्र डेस्क | Dec 29, 2016, 16:26 PM IST

इस एक बात को नहीं समझना चाहिए अपमान, इससे होता है फायदा, religion hindi news, rashifal news
यदि आप किसी नियम का पालन कर रहे हों तो इसे निजी अपमान न समझें। बहुत से लोग होते हैं कि जिन्हें यदि किसी नियम में बंधकर काम करना पड़ता है तो वे उसे अपना अपमान मान लेते हैं, दबाव में आ जाते हैं। हम भी इस स्थिति से गुजर सकते हैं। किसी से नियम के तहत काम करवाते हों तो परेशानी हो सकती है और यदि किसी के द्वारा बनाए नियम के तहत उनके लिए काम कर रहे होंगे तो भी दबाव में आ सकते हैं।
किसी से नियम का पालन करवाने का मतलब उसे पालतू बनाना नहीं होता। ऐेसे ही यदि आप किसी के लिए नियम में बंधकर काम कर रहे हैं तो भी यह न समझें कि हम उसके पालतू या गुलाम हो गए। कायदे से बंधना गुलामी नहीं, एक अनुशासन है। लेकिन, मनुष्य का अहंकार उसे अनुशासन से बंधने में भी गुलामी दिखाने लगता है। अनुशासित जीवन खुद एक तपस्या है, भक्ति है। अनुशासन चाहे शरीर का हो, मन या आत्मा का, हर हाल में शांति ही देगा। फिर भी हम सब कहीं न कहीं चार तरीके से नियम तोड़ते हैं। पहला अहंकार से, दूसरा स्वार्थ के कारण, तीसरा अज्ञान से और जो चौथा ढंग है वह बड़ा आध्यात्मिक है। कई बार वैराग्य भाव से भी नियम टूट जाते हैं लेकिन, यह ऊंची स्थिति सबके लिए संभव नहीं होती।
ज्यादातर लोग अहंकार के कारण ही नियम तोड़ते हैं। स्वार्थ तो तुड़वाएगा ही और अज्ञान के कारण तोड़ दें यह भी क्षम्य है पर यदि कभी नियम तोड़ने की इच्छा हो तो पहले भीतर वैराग्य भाव पैदा करें। अहंकार, स्वार्थ और अज्ञान से मुक्ति का नाम है वैराग्य। वैरागी यानी फूल जैसा जीवन। फल जैसा नहीं। फल में एक आकांक्षा है, क्योंकि यह अपने आप में एक परिणाम है। जब हम परिणाम पर टिकते हैं तो अहंकारी हो सकते हैं। वैराग भाव का मतलब सिर्फ कर्म करना है, परिणाम किसी और पर छोड़ दिया जाए।
- पं. विजयशंकर मेहता
humarehanuman@gmail.com
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: self help tips in hindi for happy life
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      Trending Now

      पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

      दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

      * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
      Top