ऐसे मनाया जा सकता है रुठी लक्ष्मी को, ये फॉर्मूला काम का साबित हो सकता है

जीवनमंत्र डेस्क | Mar 20, 2017, 00:57 IST

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Mahalakshmi Ashtakam: Namastestu Mahamaye

महर्षि दुर्वासा के शाप से तीनों लोक श्रीहीन हो गई और इन्द्र की राज्यलक्ष्मी समुद्र में चली गईं। देवताओं की प्रार्थना से जब वे प्रकट हुईं, तब उनका सभी देवता, ऋषि-मुनियों ने अभिषेक किया। देवी महालक्ष्मी की कृपा से पूरा विश्व समृद्धशाली और सुख-शांति से सम्पन्न हो गया। देवराज इन्द्र ने उनकी इस प्रकार स्तुति की

1. लक्ष्मी जी की मूर्ति का पंचामृत से अभिषेक किया गया।
2. केशर, रोली, चावल, पान, सुपारी, फल, फूल, दूध, खील, बताशे, सिंदूर, शहद, सिक्के, लौंग. आदि अर्पित करके पूजन किया।

उसके बाद इंद्र ने …
अगली स्लाइड पर पढ़ें- इंद्र की इन बातों से प्रसन्न हुई थी महालक्ष्मी ..
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Web Title: Maha Lakshmi Ashtakam
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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