Home» Jeevan Mantra »Fitness Mantra »Ayurvedic Nuskhe » Yoga: Diseases Of The Heart Are The Tribes Of The Ayurvedic Prescriptions USE

दिल के रोगों को दूर करने के लिए आदिवासी करते हैं इस आयुर्वेदिक नुस्खे का USE

धर्मडेस्क. उज्जैन | Jul 21, 2013, 09:15 AM IST

अर्जुन का पेड़ आमतौर पर जंगलों में पाया जाता है और यह धारियों-युक्त फलों की वजह से आसानी से पहचान आता है, इसके फल कच्चेपन में हरे और पकने पर भूरे लाल रंग के होते हैं। अर्जुन का वानस्पतिक नाम टर्मिनेलिया अर्जुना है। औषधीय महत्व से इसकी छाल और फल का ज्यादा उपयोग होता है।

अर्जुन की छाल और फलों को दिल के रोगियों के लिए वरदान के रूप में देखा जाता है। आदिवासी इसे उच्चरक्तचाप और हृदय से जुडी समस्याओं के लिए अक्सर उपयोग में लाते हैं, चलिए जानते है हृदय की समस्याओं के निदान के लिए आदिवासी किस तरह से अर्जुन को उपयोग में लाते हैं।

अर्जुन के संदर्भ में रोचक जानकारियों और परंपरागत हर्बल ज्ञान का जिक्र कर रहें हैं डॉ दीपक आचार्य (डायरेक्टर-अभुमका हर्बल प्रा. लि. अहमदाबाद)। डॉ. आचार्य पिछले 15सालों से अधिक समय से भारत के सुदूर आदिवासी अंचलों जैसे पातालकोट (मध्यप्रदेश), डाँग (गुजरात) और अरावली (राजस्थान) से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान को एकत्रित कर उन्हें आधुनिक विज्ञान की मदद से प्रमाणित करने का कार्य कर रहें हैं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: yoga: Diseases of the heart are the tribes of the Ayurvedic prescriptions USE
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    Trending Now

    Top