Home» Jeevan Mantra »Dharm »Utsav »Utsav Aaj » Utsav- Priwartini Ekadashi Today: This Is Method The Fast.

परिवर्तिनी एकादशी आज: इस विधि से करें ये व्रत, सब दु:ख दूर होंगे

धर्म डेस्क. उज्जैन | Sep 15, 2013, 07:00 AM IST

परिवर्तिनी एकादशी आज: इस विधि से करें ये व्रत, सब दु:ख दूर होंगे
भादौ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी, जयझूलनी, वामन, डोल ग्यारस व अन्य कई नामों से जाना जाता है। इस बार यह एकादशी 15 सितंबर, रविवार को है। परिवर्तिनी एकादशी के व्रत की विधि इस प्रकार है-
परिवर्तिनी एकादशी व्रत का नियम पालन दशमी तिथि (14 सितंबर, शनिवार) की रात्रि से ही शुरु करें व ब्रह्मचर्य का पालन करें। एकादशी के दिन सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनकर भगवान वामन की प्रतिमा के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें। इस दिन यथासंभव उपवास करें। उपवास में अन्न ग्रहण नहीं करें संभव न हो तो एक समय फलाहारी कर सकते हैं।
इसके बाद भगवान वामन की पूजा विधि-विधान से करें। (यदि आप पूजन करने में असमर्थ हों तो पूजन किसी योग्य ब्राह्मण से भी करवा सकते हैं।) भगवान वामन को पंचामृत से स्नान कराएं। स्नान के बाद उनके चरणामृत को व्रती (व्रत करने वाला) अपने और परिवार के सभी सदस्यों के अंगों पर छिड़कें और उस चरणामृत को पीएं। इसके बाद भगवान को गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पूजन सामग्री अर्पित करें।
विष्णु सहस्त्रनाम का जप एवं भगवान वामन की कथा सुनें। रात को भगवान वामन की मूर्ति के समीप हो सोएं और दूसरे दिन यानी द्वादशी के दिन वेदपाठी ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। जो मनुष्य यत्न के साथ विधिपूर्वक इस व्रत को करते हुए रात्रि जागरण करते हैं, उनके समस्त पाप नष्ट होकर अंत में वे स्वर्गलोक को प्राप्त होते हैं। इस एकादशी की कथा के श्रवणमात्र से वाजपेई यज्ञ का फल प्राप्त होता है।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: utsav- Priwartini ekadashi Today: this is method the fast.
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    Comment Now

    Most Commented

        Trending Now

        Top