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PICS: महामृत्युञ्जय मंत्र के इस चमत्कारी उपाय से हर मुसीबत से पाएं पार

धर्म डेस्क. उज्जैन | Dec 02, 2012, 20:21 PM IST

mhamriunjay

भगवान शिव का महामृत्युञ्जय रूप काल को मात देने व काबू करने वाले देवता के रूप में पूजनीय है। महामृत्यंजय की उपासना निरोग होने, मौत को टालने या मृत्यु के समान दु:खों का अंत करने में बहुत असरदार मानी गई है।
शास्त्रों में महामृत्युञ्जय की आराधना के लिए महामृत्युञ्जय मंत्र के जप का महत्व बताया गया है। इस महामृत्युंजय मंत्र का जप हर रोज कोई भी व्यक्ति कर सकता है। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति रोग से पीडि़त हो या मानसिक अशांति या भय, बाधाओं से घिरा हो, तब इस मंत्र की साधना पीड़ानाशक मानी गई है।
शास्त्रों में इस मंत्र के जप के विधि-विधान का पालन साधारण व्यक्ति के लिए कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। हालांकि किसी योग्य ब्राह्मण से इस मंत्र का जप कराया जाना अधिक सुफल देने वाला होता है। फिर भी अगर किसी विवशता के चलते विधिवत मंत्र जप करना संभव न हो तो यहां बताया जा रहा है महामृत्युंजय जप का आसान उपाय। इसका श्रद्धा और आस्था के साथ पालन निश्चित रूप से कष्टों से राहत देगा -
- इस मंत्र का जप यथासंभव रोग या कष्ट से पीडि़त व्यक्ति द्वारा करना अधिक फलदायी होता है।
- ऐसा संभव न हो तो रोगी या पीडि़त व्यक्ति के परिजन इस मंत्र का जप करें।
- मंत्र जप के लिए जहां तक संभव हो सफेद कपड़े पहने और आसन पर बैठें। मंत्र जप रूद्राक्ष की माला से करें।
- महामृत्युंजय मंत्र जप शुरू करने के पहले यह आसान संकल्प जरूर करें - मैं (जप करने वाला अपना नाम बोलें) महामृत्युंजय मंत्र का जप (स्वयं के लिए या रोगी का नाम) की रोग या पीड़ा मुक्ति या के लिए कर रहा हूं। महामृत्युंजय देवता कृपा कर प्रसन्न हो रोग और पीड़ा का पूरी तरह नाश करे।
- कम से कम एक माला यानि 108 बार इस मंत्र का जप अवश्य करें-
ऊँ त्रयम्बकं यजामहं सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम।
उव्र्वारूकमिवबन्धान्मृत्र्योमुक्षी यमामृतात।।
- मंत्र जप पूरे होने पर क्षमा प्रार्थना और पीड़ा शांति की कामना करें।

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Web Title: ups_take this miraculous steps of mahamritunjay mantra jap in crisis
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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