Home >> Jeevan Mantra >> Jeene Ki Rah >> Suktiyon Ki Seekh
  • बच्चों का प्यार पाना चाहते हैं तो हमेशा याद रखें तीन अनमोल बातेें
    उज्जैन।यह आम शिकायत है कि आज के बच्चे अपने परिवार से कम जुड़ रहे हैं। यदि उन्हें स्वतंत्रता मिले तो वे पहली फुर्सत में घर के बाहर का सान्निध्य ढूंढ़ते हैं। परिवार प्लेटफार्म की तरह हो गया है। खाया-पिया, अपनी गाड़ी आई और बैठकर चल दिए। परिवार के रिश्तों में उदासीनता इसीलिए आती है। बाहर भागने की इच्छा जिम्मेदारी का अहसास भी खत्म करती है। बच्चों को परिवार से जोडऩे के लिए कोर्स चल रहे हैं, वर्कशॉप लगाई जा रही हैं, किताबें लिखी गई हैं। किंतु इस मसले को केवल मैनेजमेंट के हिसाब से न लिया जाए।...
    September 1, 03:38 PM
  • 30-31 अगस्त को दिल्ली में हुई श्री श्री रविशंकर की कॉन्फ्रेन्स
    (फोटो- श्रीश्री रविशंकर) उज्जैन।ख्यात आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने नई दिल्ली के आईआईटी होजखास स्थित डोंगरा हॉल ऑडिटोरियम में मेडिटेशन और आर्ट ऑफ लिविंग का महत्व बताया। डोंगरा हॉल में 30 और 31 अगस्त को स्ट्रेस रिडक्शन स्कील्स पर एक कॉन्फ्रेन्स आयोजित की गई थी। इस कॉन्फ्रेन्स का आयोजन श्री श्री ग्लोबल मेडिटेटिंग डॉक्टर्स एसोसिएशन एंड डिपार्टमेंट ऑफ साइकेट्री द्वारा किया गया था। कॉन्फ्रेन्स के मुख्य वक्ता श्री श्री रविशंकर थे और सम्मानित अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन थे।...
    September 1, 02:31 PM
  • गणेशजी के फोटो में छिपे ये सूत्र ध्यान रखेंगे तो आप कभी असफल नहीं होंगे
    उज्जैन। श्रीगणेश बुद्धि के देवता हैं। इसलिए उनके साथ रिद्धि और सिद्धि भी हैं। संकेत यह हैं कि जिसके पास बुद्धि है, उसके पास सुख और शांति भी अवश्य रहेगी। इसीलिए श्रीगणेश प्रथम पूज्य हैं, अर्थात प्रत्येक शुभ कार्य में गणेशजी की पूजा सबसे पहले की जाती है। उनका स्वरूप अध्यात्म और जीवन के कई रहस्यों का प्रतीक भी है, जिनसे हम जीवन प्रबंधन के सफल सूत्र हासिल कर सकते हैं। गणेशजी के फोटो को ध्यान से देखेंगे तो आप समझ सकते हैं, उनके फोटो में ही सफलता के कई सूत्र छिपे हुए हैं। गणेशजी का स्वरूप बहुत ही...
    September 1, 10:23 AM
  • लोकप्रिय होना आसान है, बस न भूलें ये तीन बातें
    उज्जैन।हमारेयहां शब्दों को भी शस्त्र माना गया है। कुछ शब्द तो जीवनभर के घाव दे जाते हैं। कहते हैं मनुष्य के शरीर में जुबान एक ऐसा अंग है जिस पर चोट लग जाए तो सबसे जल्दी ठीक होती है और शरीर के इस अंग से यदि किसी को चोट पहुंचाई जाए तो जीवनभर उसके ठीक होने की संभावना नहीं होती। कहते हैं लात का तोड़ होता है, बात का नहीं। सुंदरकांड में समापन के नजदीक पहुंचकर समुद्र ने श्रीराम से एक ऐसी पंक्ति बोल दी, जिसे लेकर श्रीरामचरित मानस के शोधकर्ता खूब शोर मचाते हैं। यह चौपाई है - ढोल गंवार सूद्र पसु नारी। सकल...
    August 30, 03:01 PM
  • जीवन में कुछ बड़ा करना है तो ये बातें हमेशा याद रखें
    उज्जैन।इस दौर में बिना संघर्ष के कम ही लोगों को उपलब्धियां मिलेंगी और जिन्हें मिल जाएंगी वे उसे बहुत दिनों तक पचा नहीं सकेंगे। समस्या, परेशानी, संघर्ष को सहजता से लीजिए। अब इस स्तंभ में हम चर्चा कर रहे हैं श्रीरामचरित मानस के चौथे सोपान किष्किंधा कांड की। यह संघर्ष की कथा है। यहां न सिर्फ श्रीराम संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि जितने पात्र आएंगे सब कहीं न कहीं किसी न किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं। श्रीराम व हनुमान बताते हैं कि संघर्ष एक जीवनशैली है। इसे बोझ, प्रतिकूलता, तनाव और परेशानी का कारण न...
    August 30, 02:34 PM
  • वनवास के चौदह वर्ष में बस एक ही रात आई थी लक्ष्मण को नींद
    उज्जैन। जब श्रीराम को कैकयी के कहने पर राजा दशरथ ने चौदह वर्ष का वनवास दिया तो सीता माता के साथ लक्ष्मण भी उनके साथ चलने को तैयार हो गए। प्रभु श्रीराम ने उन्हें मना किया, किंतु लक्ष्मण का तर्क था कि भाई की सेवा किए बिना वे नहीं रह सकते। अंतत: उनकी जिद के समक्ष श्रीराम को झुकना पड़ा और वे लक्ष्मण व सीताजी को लेकर वन में गए। कुटिया में जब भी श्रीराम सोते तो लक्ष्मण जागकर पहरेदारी करते। रात्रिकाल सभी के लिए शयनकाल होता है, किंतु लक्ष्मण श्रीराम व सीता माता की सतर्क रक्षक के रूप में सेवा करते थे। नींद...
    August 30, 06:00 AM
  • सिम्पल तरीके, जिन्हें अपनाकर कोई भी हमेशा खुश रह सकता है
    उज्जैन।मस्ती का एक मंत्र होता है। भक्ति में यह मंत्र आसानी से मिल जाता है। मस्ती का मतलब है अनियंत्रित अनुशासन, भोली-भाली प्रसन्नता, स्वनिर्मित खुशनुमा माहौल। इन सबका मिला-जुला नाम होता है मस्ती। हम सबने बचपन में खूब मस्ती की, क्योंकि हम उस समय वर्तमान में जीना जानते थे। अतीत को बहुत जल्दी भूल जाते थे और भविष्य की ज्यादा चिंता पाली नहीं गई थी। बचपन इसी का नाम है। बड़े होते-होते जो चीजें खो जाती हैं उसमें से एक चीज है मस्ती। आजकल हर बात का दबाव है। काम करो तो दबाव, रिश्ते निभाओ तो प्रेशर, घर आओ तो...
    August 27, 03:43 PM
  • रोज ध्यान करने से दूर हो जाती है, ये समस्याएं
    उज्जैन।बच्चों को पढ़ाई से डर क्यों लगता है? जिन्हें डर नहीं लगता उन्हें अरुचि होती है। कम बच्चे होते हैं जो स्वेच्छा से, समझ से, स्वयं पढ़ाई कर लेते हैं। माता-पिता दबाव बनाते हैं तब कोई बच्चा पढ़ाई करता है। शिक्षा को जब तक बाहरी दृष्टि से देखा जाएगा, ऐसा ही होगा। बच्चों को पढ़ाई-लिखाई से जोडऩे के लिए माता-पिता जितनी भी तकनीकें अपनाते हैं वे सब सांसारिक हैं। कॅरिअर ओरिएंटेड है, लाइफ ओरिएंटेड नहीं। चूंकि विद्यार्थी शिक्षा से अधूरे ढंग से जुड़ा है, इसलिए उसमें अरुचि और भय जाग जाता है। विद्यार्थी को...
    August 26, 02:58 PM
  • असफलता से पीछा छुड़ाने और सफलता पाने के 3 तरीके
    उज्जैन।सफलता की ललक ने अच्छे-अच्छों को बेताब कर दिया है। फिर सफलता के साथ लगातार शब्द और जुड़ गया है। निरंतर सफल रहने का नशा जब चढ़ता है तो मनुष्य कुछ बातें भूल जाता है। उसमें से एक यह है कि जब कभी असफल होना पड़े, तब क्या करेंगे। ऐसे लोगों की असफलता उन्हें तोड़ देती है। वे या तो गुस्से में आकर दूसरों को दोष देने लगते हैं या डिप्रेशन में डूबकर खुद का नुकसान करते हैं। सफलता के लिए खूब तैयारी करिए, पर थोड़ी बहुत तैयारी असफलता प्राप्त होने पर क्या करें इसकी भी करते रहिए। इसमें आध्यात्मिक दृष्टिकोण...
    August 25, 04:22 PM
  • जब एक गरीब को मिला पारस पत्थर, जिसके छूते ही लोहा बन जाता था सोना
    (पारस पत्थर का प्रतिकात्मक फोटो ) उज्जैन। पुराने समय से ही एक ऐसे पत्थर की बात की जाती रही है, जिसके स्पर्श मात्र से लोहे की वस्तु सोने की बन जाती है। इस चमत्कारी पत्थर को पारस पत्थर के नाम से जाना जाता है। इसके संबंध में कई किस्से-कहानियां प्रचलित हैं। पारस पत्थर का नाम काफी लोगों ने सुना है, लेकिन ये दिखता कैसा है, इसका स्वरूप कैसा है? यह कहां है? ये सभी प्रश्न आज भी अबुझ पहेली बने हुए हैं। पारस पत्थर के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए कई प्रकार के शोध हुए हैं, लेकिन फिर भी इस पत्थर के संबंध में पूर्ण...
    August 23, 03:40 PM
  • तनाव को भूलने के तीन आसान तरीके
    उज्जैन।प्रबंधन के इस युग में हम सब काफी प्लानिंग से चलते हैं। इसीलिए सफल भी होते हैं। पर मैंने देखा है कि अत्यधिक प्लानिंग से चलने वाले लोग जरा भी अप्रत्याशित हो जाएं तो चिड़चिड़ाने लगते हैं, परेशान हो उठते हैं। खुद को भरोसा दिलाइए कि कुछ स्थितियां आपके हाथ में नहीं हैं और जब ऐसा हो तो हैरान-परेशान न हों। यात्रा के दौरान मैंने देखा है, खासतौर पर फ्लाइट के समय कि सभी यात्री टाइम के मामले में कट-टू-कट होते हैं। उनके पास समय कम होता है। जब फ्लाइट डिले हो जाए, ट्रेन लेट हो जाए तो अप्रत्याशित...
    August 23, 02:26 PM
  • इन तीन साधारण बातों को याद रखेंगे तो कभी दुखी नहीं होंगे
    उज्जैन।जब कभी हमारे साथ अनहोनी होती है, हम पहला पत्थर भगवान की ओर उछालते हैं। उन्हें दोष देने लगते हैं। खासतौर पर जब घर में किसी सदस्य की असमय मृत्यु हो जाती है तब हमारे मन में यह सवाल उठता ही है कि हमने कभी किसी का बुरा नहीं किया फिर भगवान ने हमारे साथ ऐसा क्यों किया? चूंकि भगवान तो उत्तर देने आ नहीं सकते इसलिए कई लोगों के सवाल अनुत्तरित ही रह जाते हैं। यह रोष धीरे-धीरे उदासी में और उदासी फिर डिप्रेशन में बदल जाती है। इसलिए बिना उत्तर प्राप्त किए जीवन को बोझ बनाकर न जीएं। ईश्वर अवतार लेता ही...
    August 22, 01:40 PM
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