Home >> Jeevan Mantra >> Jeene Ki Rah >> Suktiyon Ki Seekh
  • सिम्पल तरीके, जिन्हें अपनाकर कोई भी हमेशा खुश रह सकता है
    उज्जैन।मस्ती का एक मंत्र होता है। भक्ति में यह मंत्र आसानी से मिल जाता है। मस्ती का मतलब है अनियंत्रित अनुशासन, भोली-भाली प्रसन्नता, स्वनिर्मित खुशनुमा माहौल। इन सबका मिला-जुला नाम होता है मस्ती। हम सबने बचपन में खूब मस्ती की, क्योंकि हम उस समय वर्तमान में जीना जानते थे। अतीत को बहुत जल्दी भूल जाते थे और भविष्य की ज्यादा चिंता पाली नहीं गई थी। बचपन इसी का नाम है। बड़े होते-होते जो चीजें खो जाती हैं उसमें से एक चीज है मस्ती। आजकल हर बात का दबाव है। काम करो तो दबाव, रिश्ते निभाओ तो प्रेशर, घर आओ तो...
    August 27, 03:43 PM
  • रोज ध्यान करने से दूर हो जाती है, ये समस्याएं
    उज्जैन।बच्चों को पढ़ाई से डर क्यों लगता है? जिन्हें डर नहीं लगता उन्हें अरुचि होती है। कम बच्चे होते हैं जो स्वेच्छा से, समझ से, स्वयं पढ़ाई कर लेते हैं। माता-पिता दबाव बनाते हैं तब कोई बच्चा पढ़ाई करता है। शिक्षा को जब तक बाहरी दृष्टि से देखा जाएगा, ऐसा ही होगा। बच्चों को पढ़ाई-लिखाई से जोडऩे के लिए माता-पिता जितनी भी तकनीकें अपनाते हैं वे सब सांसारिक हैं। कॅरिअर ओरिएंटेड है, लाइफ ओरिएंटेड नहीं। चूंकि विद्यार्थी शिक्षा से अधूरे ढंग से जुड़ा है, इसलिए उसमें अरुचि और भय जाग जाता है। विद्यार्थी को...
    August 26, 02:58 PM
  • असफलता से पीछा छुड़ाने और सफलता पाने के 3 तरीके
    उज्जैन।सफलता की ललक ने अच्छे-अच्छों को बेताब कर दिया है। फिर सफलता के साथ लगातार शब्द और जुड़ गया है। निरंतर सफल रहने का नशा जब चढ़ता है तो मनुष्य कुछ बातें भूल जाता है। उसमें से एक यह है कि जब कभी असफल होना पड़े, तब क्या करेंगे। ऐसे लोगों की असफलता उन्हें तोड़ देती है। वे या तो गुस्से में आकर दूसरों को दोष देने लगते हैं या डिप्रेशन में डूबकर खुद का नुकसान करते हैं। सफलता के लिए खूब तैयारी करिए, पर थोड़ी बहुत तैयारी असफलता प्राप्त होने पर क्या करें इसकी भी करते रहिए। इसमें आध्यात्मिक दृष्टिकोण...
    August 25, 04:22 PM
  • जब एक गरीब को मिला पारस पत्थर, जिसके छूते ही लोहा बन जाता था सोना
    (पारस पत्थर का प्रतिकात्मक फोटो ) उज्जैन। पुराने समय से ही एक ऐसे पत्थर की बात की जाती रही है, जिसके स्पर्श मात्र से लोहे की वस्तु सोने की बन जाती है। इस चमत्कारी पत्थर को पारस पत्थर के नाम से जाना जाता है। इसके संबंध में कई किस्से-कहानियां प्रचलित हैं। पारस पत्थर का नाम काफी लोगों ने सुना है, लेकिन ये दिखता कैसा है, इसका स्वरूप कैसा है? यह कहां है? ये सभी प्रश्न आज भी अबुझ पहेली बने हुए हैं। पारस पत्थर के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए कई प्रकार के शोध हुए हैं, लेकिन फिर भी इस पत्थर के संबंध में पूर्ण...
    August 23, 03:40 PM
  • तनाव को भूलने के तीन आसान तरीके
    उज्जैन।प्रबंधन के इस युग में हम सब काफी प्लानिंग से चलते हैं। इसीलिए सफल भी होते हैं। पर मैंने देखा है कि अत्यधिक प्लानिंग से चलने वाले लोग जरा भी अप्रत्याशित हो जाएं तो चिड़चिड़ाने लगते हैं, परेशान हो उठते हैं। खुद को भरोसा दिलाइए कि कुछ स्थितियां आपके हाथ में नहीं हैं और जब ऐसा हो तो हैरान-परेशान न हों। यात्रा के दौरान मैंने देखा है, खासतौर पर फ्लाइट के समय कि सभी यात्री टाइम के मामले में कट-टू-कट होते हैं। उनके पास समय कम होता है। जब फ्लाइट डिले हो जाए, ट्रेन लेट हो जाए तो अप्रत्याशित...
    August 23, 02:26 PM
  • इन तीन साधारण बातों को याद रखेंगे तो कभी दुखी नहीं होंगे
    उज्जैन।जब कभी हमारे साथ अनहोनी होती है, हम पहला पत्थर भगवान की ओर उछालते हैं। उन्हें दोष देने लगते हैं। खासतौर पर जब घर में किसी सदस्य की असमय मृत्यु हो जाती है तब हमारे मन में यह सवाल उठता ही है कि हमने कभी किसी का बुरा नहीं किया फिर भगवान ने हमारे साथ ऐसा क्यों किया? चूंकि भगवान तो उत्तर देने आ नहीं सकते इसलिए कई लोगों के सवाल अनुत्तरित ही रह जाते हैं। यह रोष धीरे-धीरे उदासी में और उदासी फिर डिप्रेशन में बदल जाती है। इसलिए बिना उत्तर प्राप्त किए जीवन को बोझ बनाकर न जीएं। ईश्वर अवतार लेता ही...
    August 22, 01:40 PM
  • ये तीन नियम अपनाएंगे तो मन कभी अशांत नहीं होगा
    उज्जैन।जब हम बाजार जाते हैं तो हमारी कोशिश रहती है अच्छी से अच्छी चीज ढूंढ़ी जाए। इसीलिए खरीदते समय खूबियों पर बहुत ध्यान देते हैं। खूबियों के चक्कर में आदमी कभी-कभी अपनी औकात से बाहर जाकर खर्च कर देता है। फिर यह तो क्वालिटी का युग है। लोग नारे की तरह यह घोषणा करते हैं कि दो पैसे भले ही ज्यादा लग जाएं, पर क्वालिटी चाहिए। क्वालिटी खोजने की इस आदत को खुद पर लागू करें। थोड़ा शांति से बैठकर अपने भीतर की खूबियों का विश्लेषण करें। जब ऊपर वाले ने हमें इस संसार में भेजा तो अपनी इच्छा से भेजा। इसी तरह...
    August 20, 02:34 PM
  • शादी को एक सुंदर रिश्ता बनाने के खास तरीके
    उज्जैन।शादियां जुए के खेल में दांव की तरह हैं। कोई सफल हो गया, कोई हार गया। जो लोग पति-पत्नी के रिश्ते निभा रहे हैं, जरूरी नहीं कि वे सफल हो गए हैं। हर पति-पत्नी के बीच अपने वैवाहिक रिश्ते को लेकर एक उदासी और असंतोष बना ही रहता है। पहले इसे समझौते के लेपन से दबा दिया जाता था और आजकल के जोड़े ज्यादा बर्दाश्त नहीं करते। इसलिए आजकल इसका समापन अदालतों में ज्यादा होने लगा है। इसलिए तनावग्रस्त जोड़ों को सत्संग का प्रयोग करते रहना चाहिए। सत्संग का अर्थ है किसी के साथ ऐसा संग करना जहां हृदय की प्रधानता...
    August 19, 02:24 PM
  • गुस्से पर काबू पाना हो तो याद रखें ये साधारण बातें
    उज्जैन। क्या आपको गुस्सा बहुत आता है? ज्यादातर लोगों का जवाब रहता है, हां। आजकल किसी को कम गुस्सा आता ही नहीं है। जब भी आता है जमकर आता है। हां, प्रदर्शन में उसकी तीव्रता कम-ज्यादा हो सकती है। लोग क्रोध कम करने के लिए अनेक प्रयास करते हैं। सबसे सरल तरीका है योग। प्राणायाम द्वारा क्रोध नियंत्रित होता है, लेकिन फिर समय की दिक्कत है। यदि ऐसा है तो एक बात का अभ्यास बढ़ा दीजिए। हमारी बहुत सी आदतों की तरह क्रोध भी आदत ही है। चलिए, आदत से आदत को मारें। अपने भीतर क्षमा करने की आदत विकसित करें। क्षमा करने का...
    August 18, 01:36 PM
  • जानिए किस दिन से हमारे जीवन का अंत होना शुरू हो जाता है
    मार्टिन लूथर किंग जूनियर की नीतियां, जो आपके जीवन को सुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं... - हमारे जीवन का उस दिन अंत होना शुरू हो जाता है, जिस दिन हम उन मुद्दों के बारे में चुप हो जाते हैं जो आम समाज के लिए मायने रखते हैं। - एक सच्चा लीडर लोगों के विचारों के पीछे नहीं चलता बल्कि वो लोगों के विचारों को बदल देता है। - हमें सीमित निराशा को स्वीकार करना चाहिए, लेकिन असीमित आशा को कभी नहीं भूलना चाहिए। - व्यक्ति का निर्णायक आकलन इससे नहीं होता है कि वह सुख व सहूलियत की घड़ी में कहां खड़ा...
    August 17, 12:49 PM
  • किसी भी फिल्ड में सक्सेसफुल बनने के 3 आसान तरीके
    उज्जैन।किसी भी काम में सक्सेस होने के लिए प्लानिंग बहुत जरूरी होती है। इसलिए समझदार लोग आने वाले वक्त के लिए योजना बनाने पर ऊर्जा लगाते हैं। सुंदरकांड में लंका जाने के लिए श्रीराम ने समुद्र से मार्ग मांगा था। रावण का मित्र होने के कारण समुद्र ने श्रीराम को सीधे-सीधे मार्ग नहीं दिया, लेकिन फिर भगवान राम का प्रताप देखकर समुद्र ने सोचा, मैंने रावण जैसे गलत आदमी से मित्रता कर रखी है। राम जैसा व्यक्तित्व जीवन में आए और हम चूक जाएं यह मूर्खता होगी। यह बात समुद्र समझ चुका था। इसीलिए उसने कहा, प्रभु...
    August 16, 12:54 PM
  • कपड़ों से बनती है इमेज, ज्यादा टाइट कपड़े पहनने से होती हैं ये परेशानियां
    उज्जैन। क्या कपड़ों का संबंध केवल फैशन से है या आपके व्यक्तित्व से भी है? वेश-भूषा को लेकर खूब रिसर्च होती है। ऋषि-मुनियों ने वस्त्रों पर अपने तरीके से काम किया है, क्योंकि कपड़े व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। वस्त्रों से ही कई लोगों की छवि बन जाती है। लोग अपने कार्यस्थल पर सुविधा की दृष्टि से कपड़े पहनते हैं। आजकल जींस तो इस तरह से स्वीकार कर ली गई है, जैसे चुस्त रहने के लिए उसमें अमृतकण बसे हों। सब मानकर चलते हैं कि इसे पहनने के बाद हमारी सक्रियता बढ़ जाती है। हम खुद को फिट समझते...
    August 15, 12:05 AM
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें