जीवन मंत्र
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  • बिजनेस हो या जॉब, सफलता पाने के ये हैं  3 जबरदस्त सूत्र
    उज्जैन।कम्प्यूटर के इस युग में भी कुछ पुरानी दुकानों में जाएं तो एक मुनीम बही-खाते लिखता हुआ नजर आएगा। आज का हिसाब आज मिलना ही चाहिए, पुराने सेठ-मुनीम में यह अघोषित अनुबंध हुआ करता था। दुकान के दरवाजे बंद करने की अनुमति बही-खाते से ही ली जाती थी। ऐसा ही एक बही-खाता हमें अपने निजी जीवन का बनाना चाहिए। इसे आज की भाषा में डेली चार्ट कह लें। यह सुनिश्चित किए बिना न सोएं कि जो काम आज किए जाने थे वे पूरे हुए या नहीं। कामयाबी और नाकामी का बही-खाता भविष्य को उज्जवल बनाएगा ही। यदि सोने के पहले आज के...
    09:23 AM
  • संघर्ष के समय में ये छोटा सा फंडा याद रखेंगे तो कभी दुखी नहीं होंगे
    उज्जैन।जीवन गणित की तरह नहीं होता, जिसमें सबकुछ तय शुदा होता है। कभी भी परिणाम उसके फॉर्मूले के बाहर नहीं आते, लेकिन जीवन में सबकुछ तय नहीं होता। आज जो है जरूरी नहीं कि वैसा कल भी मिले। जीवन की सबसे अच्छी तुलना रसायन शास्त्र से हो सकती है। यह विभिन्न तत्वों के मिश्रण से मिलने वाले परिणाम का अध्ययन है। जीवन भी कई लोगों के मिश्रण से तैयार होता है, इसीलिए मनुष्य के जीवन का एक हिस्सा है संघर्ष। कब किसके जीवन में उतर आए कह नहीं सकते। कुछ लोगों का जीवन तो संघर्ष से ऐसे जुड़ जाता है कि उन्हें इसे जीवनशैली...
    December 20, 03:36 PM
  • बच्चों को कैसे बनाएं महान, सीखें महाभारत के इन पात्रों से
    उज्जैन।समाज और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण इकाई है परिवार जबकि परिवार की शुरुआत होती है दाम्पत्य से। परिवार की सम्पत्ति होती है संतान। अगर यह कहें कि संतान के बिना समाज का कोई अस्तित्व ही नहीं है तो कोई अचरज नहीं है। अपना परिवार बढ़ाना या संतान का उत्पादन करना सिर्फ व्यक्तिगत ही नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह कार्य साधारण नहीं बल्कि बड़ा ही महत्वपूर्ण और चुनौती वाला है। किसी भी युवक या युवति को माता-पिता बनने की जिम्मेदारी को उठाने के लिए आगे आने से पहले हर तरह से...
    December 19, 08:54 AM
  • ग्रंथों से: जो लोग इस 1 सूत्र को याद रखते हैंं, उनके घर कभी गरीबी नहीं आती
    उज्जैन।साधारण से असाधारण बनने का एक तरीका सदाचार ही है, लेकिन लोगों ने इसे केवल सम्पत्ति से जोड़ लिया है। यदि आपके पास धन है, तो लोग आपको असाधारण मान लेंगे। आपकी प्रतिष्ठा में चार चांद लग जाएंगे, किंतु यह अधूरा विचार है। दुनिया की चकाचौंध के बाद जो दृश्य साफ हुआ है उसमें अपने सदाचार पर दृष्टि डालिए। अच्छे से कमाइए और उससे भी अच्छे से खर्च कीजिए। लक्ष्मी पैसा अच्छे मार्ग से घर में आए और पवित्र तरीके से घर से बाहर जाएतो कभी लक्ष्मी रूष्ट नहीं होती है।जिस घर में इस बात का ध्यान रखा जाता है वहां कभी...
    December 17, 01:43 PM
  • जानिए किस इंसान साथ कैसा होना चाहिए आपका व्यवहार...
    उज्जैन। लोग अपना व्यक्तित्व इस प्रकार बना लेते हैं कि उनमें जीवन की संभावना ही समाप्त हो जाती है। जीवन का अर्थ है कुछ अच्छा करने की क्षमता, क्योंकि जीवित रहने में और अपने भीतर जीवन होने में फर्क है। श्रीराम ने सुदरकांड में जब समुद्र से मार्ग मांगा तो तीन दिन बीत गए पर समुद्र ने मार्ग नहीं दिया। श्रीराम को क्रोध आया और तब उन्होंने टिप्पणी की कि सात लोगों से व्यवहार करना व्यर्थ है। सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीति। सहज कृपन सन सुंदर नीती।। ममता रत सन ग्यान कहानी। अति लोभी सन बिरति बखानी। क्रोधिहि...
    December 16, 03:01 PM
  • जब भी जीवन में आए बुरा समय, ये फंडा हमेशा काम आएगा
    उज्जैन। जितने अधीर होंगे उतने ही दीन होते जाएंगे। धैर्य की परीक्षा विपरीत समय पर होती है। अधीरता हमारी शक्ति को खा जाती है। यही शक्ति बल्कि इससे आधी ताकत भी हम समस्या को निपटाने में लगा दें तो परिणाम ज्यादा अच्छे मिल जाएंगे। आदमी सर्वाधिक परेशान तीन तरह की स्थितियों से होता है। मृत्यु, वृद्धावस्था और विपत्ति। फकीरों ने कहा है इन सबको आना ही है, कोई नहीं बचेगा, लेकिन जो ज्ञानी होगा वो इन्हें ज्ञान के सहारे काट देगा और अज्ञानी ऐसे हालात में रोएगा, परेशान रहेगा। यहां ज्ञान का मतलब है कि हमें यह...
    December 15, 02:16 PM
  • जब खूब मेहनत के बाद ये काम करेंगे तो होगा ताजगी का एहसास
    उज्जैन।इन दिनों लोगों का समय भारी व्यस्तता में बीत रह है। कुछ लोग कमाने में जुटे हैं तो कुछ कामाया हुआ ठिकाने लगाने में। अब जिनके पास खूब धन आ गया यदि वो भी अशांत होंगे और जिनका गया वो भी शांत नहीं होंगे तो बेकार रही सारी मारा-मारी। जरा इस पर ध्यान दीजिए बचाया क्या हमने? हमारी बचत सुख के साथ शांति होना चाहिए। जब हमारे भीतर मानसिक असंतुलन और उत्तेजना आती है तो व्यक्तित्व में अधीरता आ जाती है। अधिक अधीरता हृदय को संकीर्ण करती है और कुछ लोगों को मानसिक बालपन आ जाता है। इसलिए इस समय खूब मेहनत के बाद...
    December 13, 01:11 PM
  • फिल्ड चाहे जो भी हो सक्सेस पाने के ये है 3 तरीके
    उज्जैन।किसी भी काम में सक्सेस होने के लिए प्लानिंग बहुत जरूरी होती है। इसलिए समझदार लोग आने वाले वक्त के लिए योजना बनाने पर ऊर्जा लगाते हैं। सुंदरकांड में लंका जाने के लिए श्रीराम ने समुद्र से मार्ग मांगा था। रावण का मित्र होने के कारण समुद्र ने श्रीराम को सीधे-सीधे मार्ग नहीं दिया, लेकिन फिर भगवान राम का प्रताप देखकर समुद्र ने सोचा, मैंने रावण जैसे गलत आदमी से मित्रता कर रखी है। राम जैसा व्यक्तित्व जीवन में आए और हम चूक जाएं यह मूर्खता होगी। यह बात समुद्र समझ चुका था। इसीलिए उसने कहा, प्रभु...
    December 12, 02:57 PM
  • जीवन से दुःख को विदा करना है तो एक तरीका ये भी है...
    उज्जैन।मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक जो लोग अधिक फुर्सत में होते हैं वे मानसिक रूप से ज्यादा परेशान पाए जाते हैं और व्यस्त लोग कम दुखी मिलेंगे। दरअसल, दुखी तो व्यस्त लोग भी रहते हैं पर वे अपनी व्यस्तता में इस दुख को भूल जाते हैं। कई महिलाएं तो सिर्फ इसीलिए नौकरी करती हैं और यदि वे नहीं करना चाहें तो घर के पुरुष उन्हें जबर्दस्ती कहीं न कहीं व्यस्त कर देते हैं, ताकि खाली समय में न वे परेशान हों और न दूसरों को करें। इसलिए आप देखेंगे कि जो व्यस्त रहते हैं उनका सुख टटोला जा सकता है, क्योंकि दुख के...
    December 11, 01:35 PM
  • सक्सेस पाने की खुशी तभी है, जब साथ हों ये भी....
    उज्जैन।सभी लोग सफलता चाहते हैं। आजकल हम बच्चों को पहली सांस से ही सफलता की लोरियां सुनाना शुरू कर देते हैं। मुझसे पिछले दिनों प्राइमरी कक्षा में पढ़ रहे कुछ बच्चों ने प्रश्न पूछा कि सफलता का मतलब क्या होता है। एक क्षण के लिए तो मैं भी चौंक गया कि इस बाल उम्र में इन्हें सफलता का क्या अर्थ बताया जाए। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता में कुछ जगह सफलता के मतलब समझाए थे। यदि हम उनका निचोड़ निकालें तो सफलता के तीन अर्थ हैं। पहला जीतना, दूसरा आजादी और तीसरा संरक्षण। आपकी सफलता ऐसी होनी चाहिए कि आपको लगे कि...
    December 10, 03:59 PM
  • जब भी मन हो अशांत अपनाएं ये फंडे
    उज्जैन।जब हम बाजार जाते हैं तो हमारी कोशिश रहती है अच्छी से अच्छी चीज ढूंढ़ी जाए। इसीलिए खरीदते समय खूबियों पर बहुत ध्यान देते हैं। खूबियों के चक्कर में आदमी कभी-कभी अपनी औकात से बाहर जाकर खर्च कर देता है। फिर यह तो क्वालिटी का युग है। लोग नारे की तरह यह घोषणा करते हैं कि दो पैसे भले ही ज्यादा लग जाएं, पर क्वालिटी चाहिए। क्वालिटी खोजने की इस आदत को खुद पर लागू करें। थोड़ा शांति से बैठकर अपने भीतर की खूबियों का विश्लेषण करें। जब ऊपर वाले ने हमें इस संसार में भेजा तो अपनी इच्छा से भेजा। इसी तरह...
    December 9, 04:38 PM
  • संघर्ष के समय में भी रहना हो प्रसन्न तो याद रखें ये टिप्स
    उज्जैन।संघर्ष के बाद मिली उपलब्धि स्थायी होती है और उसका मजा कुछ अलग ही रहता है। इस समय हर व्यक्ति अपनी योग्यता को मांजने पर लगा है। किसी काम को करने के लिए जब आप पूरी ताकत लगा रहे होते हैं, तब दूसरा भी यही कर रहा होता है। इसीलिए प्रतिस्पर्धा खूब बढ़ गई है। इसलिए संघर्ष को जीवनशैली बना लें। हो सकता है जब संघर्ष शुरू हो आप अकेले रहें, लेकिन एक आदमी का संघर्ष बाद में कई लोगों का संघर्ष बन जाता है। संघर्ष की स्थिति आए तो पहले ठीक से उसका आकलन करिए। कितना उसमें भाग्य-दुर्भाग्य काम कर रहा है, स्थिति कौन...
    December 8, 02:51 PM
  • कोई भी काम शुरू करने से पहले इन चीजों का जरूर ध्यान रखें
    उज्जैन।इस समय जब लोग आपस में मिलते हैं चाहे परिचित हों या अपरिचित एक-दूसरे से मिलकर, सुनकर भीतर ही भीतर यह सवाल उठता है क्या सामने वाला सच बोल रहा है। मेलजोल में संदेह हवा की तरह उतर आया है। भीतर संदेह है और बाहर अपनापन दर्शाना पड़ता है। इसमें बड़ी ऊर्जा लगती है। इसी चक्कर में कभी-कभी आप धोखा भी खा जाते हैं। धोखा न खाएं इसके लिए हम अपनी सारी योग्यता झोंक देते हैं। जहां अक्ल न लगानी हो, वहां भी लगानी पड़ती है। नतीजे में हमारी सहजता खो जाती है। जब कभी आप किसी से मिलें खासतौर पर व्यावसायिक जीवन में जब...
    December 6, 03:28 PM
  • जिंदगी में अपना लेंगे ये एक फंडा तो कभी दुखी नहीं होंगे
    उज्जैन।जीवन को यदि गरिमा से जीना है तो मृत्यु से परिचय होना आवश्यक है। मौत के नाम पर भय न खाएं बल्कि उसके बोध को पकड़ें। एक प्रयोग करें। बात थोड़ी अजीब लगेगी लेकिन किसी दिन सुबह से तय कर लीजिए कि आज का दिन जीवन का अंतिम दिन है, ऐसा सोचनाभर है। अपने मन में इस भाव को दृढ़ कर लें कि यदि आज आपका अंतिम दिन हो तो आप क्या करेंगे। बस, मन में यह विचार करिए कि कल का सवेरा नहीं देख सकेंगे, तब क्या करना...? इसलिए आज सबके प्रति अतिरिक्त विनम्र हो जाएं। आज लुट जाएं सबके लिए। प्रेम की बारिश कर दें दूसरों पर। विचार करते...
    December 3, 02:06 PM
  • जीवन को बेहतर बनाना हो तो इस गांठ को खोलना जरूरी है
    उज्जैन।धागे का उपयोग इसी बात में है कि वह सही सूई में पिरोया जाए और उसमें गलत वक्त में गांठन लग जाए। सिलते वक्त बिना धागे की सूई चुभने के अलावा कुछ नहीं करेगी और बिना सूई का धागा गठाने में उलझने के सिवाय और क्या कर सकेगा। इसका सीधा संबंध मनुष्य और परमात्मा के रिश्ते से है। जिन्दगी के धागे में लगी इस गठान को ही ऋषियों ने ग्रंथी कहा है। मनोग्रंथी खुली और उस परमशक्ति से साक्षात्कार हुआ। वो अंशी है और हम उसका अंश हैं। इसीलिए उस ईश्वर की सारी खूबियां हमारे भीतर भी हैं। इस ग्रंथी के कारण जिसे माया भी...
    December 2, 02:38 PM
  • इस तरह कर सकते हैं जीवन में आने वाली मुसीबतों का सामना
    उज्जैन। किसके जीवन में मुसीबत नहीं आती। छोटे को छोटी और बड़े को बड़ी दिक्कतें आती ही रहती हैं। मुसीबतों को आने के लिए कोई रिजर्वेशन नहीं कराना पड़ता और ना ही वे पूर्व सूचना दिए आती हैं। कुछ तो वे स्वयं चलकर आती हैं और कुछ हम खुद आमंत्रित करते हैं। स्व-आमंत्रित समस्याओं के मामले में कुछ लोग बहुत भरेपूरे होते हैं। जैसे ही मुसीबतों के आने का एहसास हो या वह सामने आकर खड़ी ही हो जाए तो अपने भीतर के अध्यात्म को जगाएं।यहीं से आपका होश बदलेगा, सोचने का तरीका परिवर्तित हो जाएगा। अपने मन में ग्रंथी न...
    December 1, 04:32 PM
  • ये बातें सुनना, समझना और बोलना भी एक महान कला है...
    उज्जैन।अधिकतर देखा गया है कि जो हमारा इरादा होता है हम वैसा बोल नहीं पाते हैं। हमारे विचार ठीक से अभिव्यक्ति नहीं हो पाते। कई बार हम अच्छे से जानते हैं कि हमें बोलना क्या है, लेकिन फिर भी मूल विषय के दाएं-बाएं ही अपने शब्द फेंकते रहते हैं। जैसे अच्छा तीरंदाज निशाने के इधर-उधर तीर फेंकता रहे। इसके पीछे चार कारण होते हैं। सामने वाले को बुरा न लग जाए, अपन कहीं नासमझ या बेवकूफ न मान लिए जाएं और अपने ही विचार पर सही या गलत होने का संदेह। चौथी बात शब्दों को लेकर लापरवाही की आदत ही पड़ गई हो। यदि ऐसा है तो...
    November 29, 01:41 PM
  • गुस्से को दबाएं नहीं, ऐसे करें उसका उपयोग
    उज्जैन।सर्वश्रेष्ठ सद्गुणी व्यक्ति में यदि दुर्गुण ढूंढ़ें तो हो सकता है आपको असफलता हाथ लगे। इसके बावजूद एक दुर्गुण मिलने की आशंका रहेगी। आज की जीवनशैली में सबसे ज्यादा दिक्कत इसी दुर्गुण के कारण है और वह है क्रोध। बच्चे से बूढ़े तक, अमीर से गरीब तक, आदमी हो या औरत सबको क्रोध ने अपनी चपेट में ले रखा है। यह जानते हुए भी कि क्रोध कई बीमारियों को जन्म देता है, लोग क्रोध करने से नहीं चूकते। क्रोध का पहला नुकसान तो मनुष्य स्वयं का करता है, फिर परिवार व समाज में, अपने व्यावसायिक क्षेत्र में संबंधों...
    November 28, 01:15 PM
  • रावण का ये एक दोष ही उसकी सबसे बड़ी मूर्खता साबित हुई..
    उज्जैन।आप किसी से शत्रुता करें या मित्रता निभाएं, सामने वाले की बुद्धि और बल दोनों की थाह जरूर प्राप्त कर लें। जब तक सामने वाले के भीतर न उतरें, तब तक आप उसे पहचान नहीं पाएंगे। इसके लिए पहले हमें स्वयं अपने भीतर उतरना होता है। यह काम होता है योग से। मेडिटेशन भीतर उतरने की कला है। श्रीराम को रावण तक पहुंचने के लिए समुद्र पार करना था। समुद्र अपनी गहराई के लिए जाना जाता है। श्रीराम तो बिना गहरे उतरे कोई काम करते ही नहीं थे। उनकी रुचि रावण से ज्यादा उसके भीतर की बुराई मिटाने में थी। इसलिए श्रीराम...
    November 26, 04:20 PM
  • डिप्रेशन से उबरना हो तो न भूलें ये एक बात
    उज्जैन।इस समय जितनी शिक्षा बढ़ी है, उतनी ही अधीरता भी बढ़ रही है। पढ़े-लिखे लोग अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए इस कदर अधीर होते जा रहे हैं कि जरा-सी रुकावट या देरी उन्हें डिप्रेशन की ओर ले जाती है। जो थोड़े हिम्मत वाले हैं, वे अपने आप को डिप्रेशन से तो बचा लेते हैं, लेकिन चिड़चिड़े हो जाते हैं। कुल मिलाकर शिक्षा ने आदमी को बुद्धिमान बनाया, पर बेताब भी बना दिया। हर पढ़े-लिखे आदमी को यह बात जरूर समझनी चाहिए कि कुछ बातें होकर ही रहती हैं। जीवन के प्रवाह में कुछ ऐसा होता ही है, जो घट जाता है।आप चाहें या न...
    November 25, 03:32 PM
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