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  • चाणक्य नीति- पुरुषों को ये 4 बातें कभी भी किसी को बताना नहीं चाहिए
    फोटो- आचार्य चाणक्य का प्रतीकात्मक चित्र। उज्जैन। आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई नीतियों में सफल और सुखी जीवन के कई सूत्र बताए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति चाणक्य की नीतियों का पालन करता है तो निश्चित ही वह कई प्रकार की परेशानियों से बच सकता है। अक्सर जाने-अनजाने कुछ लोग ऐसी बातें दूसरों को बता देते हैं, जो भविष्य में किसी बड़े संकट का कारण बन जाती हैं। चाणक्य ने मुख्य रूप से चार ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें हमेशा राज ही रखना चाहिए। जो लोग ये बातें अन्य लोगों के सामने जाहिर कर देते हैं, वे परेशानियों...
    July 24, 10:04 AM
  • चाणक्य नीति- जानिए किस समय पानी पीने से पाचन शक्ति हो सकती है कमजोर
    उज्जैन।पानी से शरीर को जीने के लिए ऊर्जा मिलती है और इसकी सही मात्रा से हमारे पाचन तंत्र को भी काम करने में सहायता मिलती है। पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पानी से स्वास्थ्य को नुकसान भी हो सकता है। खाना खाने से ठीक पहले पानी पीने से पाचन शक्ति कमजोर होती है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि गलत समय पर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कैसे हानिकारक हो सकता है। इस नीति में कुछ परिस्थितियां बताई हैं जब पानी पीने से नुकसान हो सकता है। आचार्य चाणक्य कहते...
    July 14, 07:21 PM
  • नीति: जब होती हैं ये 4 बातें तो रातभर करवट बदलते हैं, लेकिन नींद नहीं आती
    उज्जैन।महाभारत में एक समय जब महाराज धृतराष्ट्र बहुत व्याकुल थे और उन्हें नींद नहीं आ रही थी, तब उन्होंने महामंत्री विदुर को बुलवाया। कुछ समय बाद विदुर महल में महाराज के सामने पहुंच गए। धृतराष्ट्र ने विदुर से कहा कि मेरा मन बहुत व्याकुल है। जब से संजय पांडवों के यहां से लौटकर आया है, तब से मेरा मन बहुत अशांत है। संजय कल सभा में सभी के सामने क्या कहेगा, यह सोच-सोचकर मन व्यथित हो रहा है। नींद नहीं आ रही है। यह सुनकर विदुर ने महाराज से महत्वपूर्ण नीति की बात कही। विदुर ने कहा जब किसी व्यक्ति चाहे...
    July 2, 10:15 AM
  • चाणक्य की ये नीतियां ध्यान रखेंगे तो नहीं बनेंगी विपरीत परिस्थितियां
    उज्जैन।सामान्यत: ऐसा देखा जाता है कि काफी लोग अपने पास की वस्तु को छोड़कर दूसरी वस्तु को पाने के लिए भागते हैं, ऐसी परिस्थिति में कई बार दोनों वस्तुएं हाथ से निकल जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों के संबंध में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि- यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवं परिषेवते। ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव हि।। इस श्लोक का अर्थ है कि जो व्यक्ति निश्चित वस्तुओं को छोड़कर अनिश्चित वस्तुओं की ओर भागता है, उसके हाथों से दोनों ही वस्तुएं निकल जाती है। आचार्य चाणक्य के अनुसार लालची व्यक्ति...
    June 20, 02:05 PM
  • यदि किसी पुरुष के साथ होते हैं ये तीन काम तो उसकी किस्मत है खराब
    उज्जैन। आचार्य चाणक्य ने हमारे जीवन को सुखी बनाए रखने के लिए कई नीतियां बताई हैं। इन नीतियों में कई रहस्य छिपे हुए हैं, जिनसे हमारे सुख और दुख की भी जानकारी प्राप्त हो जाती है। आचार्य ने विशेष रूप से पुरुषों के लिए तीन ऐसी स्थितियां बताई हैं जो किसी भी पुरुष को भयंकर दुख देती हैं। आचार्य कहते हैं कि... वृद्धकाले मृता भार्या बन्धुहस्ते गतं धनम्। भोजनं च पराधीनं त्रय: पुंसां विडम्बना:।। इस श्लोक में आचार्य कहते हैं कि किसी वृद्ध पुरुष की पत्नी का मरना दुर्भाग्य की बात है। किसी भी व्यक्ति के...
    June 8, 11:58 AM
  • ये हैं 6 ऐसे काम जो हमें ले जाते हैं मृत्यु के करीब
    उज्जैन। पुराने समय में इंसान की औसत उम्र थी सौ साल। किसी दुर्घटना में या युद्ध में मृत्यु ना हो तो हर व्यक्ति कम से कम सौ साल अवश्य जीवित रहता था। जबकि, आज के समय में बहुत ही कम लोग सौ वर्ष की आयु तक जीवित रह पाते हैं। अधिकतर लोग 60 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते कई रोगों से पीडि़त हो जाते हैं और आने वाले कुछ ही वर्षों में देह त्याग देते हैं। शास्त्रों के अनुसार भगवान ने हर व्यक्ति की आयु सौ वर्ष निर्धारित की है। भगवान द्वारा इतनी आयु निर्धारित करने के बाद भी बहुत कम लोग इस उम्र तक पहुंच पाते हैं। ऐसा...
    June 5, 11:59 AM
  • स्त्री हो या पुरुष, ये चार काम करना हम खुद ही सीखते हैं
    उज्जैन। इंसान जन्म के बाद बहुत कुछ सीखता है, कुछ अच्छी आदतें होती हैं तो कुछ बुरी आदतें। व्यक्ति आसपास के वातावरण और अन्य लोगों के व्यवहार को देखकर ही सारी बातें सीखता है, समझता है। कुछ खास काम करने का विशेष तरीका व्यक्ति के स्वभाव में जन्म से ही शामिल होता है। हमारे इन तरीकों को बदलना या सुधारना किसी अन्य व्यक्ति के लिए काफी मुश्किल कार्य है। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में चार ऐसे काम बताए हैं जो कि इंसान खुद ही सीखता है और ये काम करना कोई दूसरा व्यक्ति हमें नहीं सीखा सकता। चाणक्य द्वारा...
    June 4, 12:05 AM
  • स्त्री हो या पुरुष, ये 14 बुरी आदतें जीवित को भी बना देती हैं मृत समान
    उज्जैन। अच्छे और सुखी जीवन के लिए जरूरी है कि कुछ नियमों का पालन किया जाए। शास्त्रों के अनुसार बताए गए नियमों का पालन करने वाले व्यक्ति को जीवन में कभी भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। स्त्री हो या पुरुष, कुछ बातों का ध्यान दोनों को ही समान रूप से रखना चाहिए। अन्यथा भविष्य में भयंकर परिणामों का सामना करना पड़ता है। मृत्यु एक अटल सत्य है। देह एक दिन खत्म हो जानी है, यह पूर्व निश्चित है। आमतौर पर यही माना जाता है कि जब देह निष्क्रिय होती है, तब ही इंसान की मृत्यु होती है,...
    May 16, 12:05 AM
  • ये 7 लोग जब भी सोते दिखाई दे तो इन्हें तुरंत जगा देना चाहिए
    उज्जैन।वैसे तो अच्छे स्वास्थ्य के लिए नींद लेना बहुत जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों के लिए गलत समय पर सोना हानिकारक साबित हो सकता है। अत: आपको ऐसे लोग जब भी सोते हुए दिखाई दें तो इन्हें तुरंत नींद से जगा देना चाहिए। आचार्य चाणक्य द्वारा सात लोग ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें नींद से तुरंत जगा देना चाहिए... आचार्य चाणक्य कहते हैं- विद्यार्थी सेवक: पान्थ: क्षुधार्तो भयकातर:। भाण्डारी प्रतिहारी च सप्त सुप्तान् प्रबोधयेत्।। इस श्लोक में आचार्य चाणक्य ने बताया है कि किसी भी व्यक्ति के जीवन शिक्षा का...
    May 13, 12:05 AM
  • सुभाषचंद्र ने प्रोफेसर को मारा था चांटा, विवेकानंद ने नर्तकी से मांगी थी क्षमा
    सुभाषचंद्र ने प्रोफेसर को मार दिया था चांटा सुभाषचंद्र बोस जब कॉलेज में पढ़ते थे तो अंग्रेज प्रोफेसर ओटंग ने किसी बात पर नाराज होकर सुभाष को अपशब्द कहे, साथ ही भारतवासियों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। सुभाष को यह सहन नहीं हुआ और उन्होंने प्रोफेसर को चांटा मार दिया। उन्हें कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया। सुभाष अपने गृहनगर कटक चले आए। पिता ने नाराज होकर सुभाष से दुर्व्यवहार का कारण पूछा तो वे बोले, मुझे प्रोफेसर ओटंग ने मूर्ख, बेवकूफ और बदमाश कहा, मेरे देशवासियों को गाली दी। पिताजी...
    May 10, 09:50 AM
  • चाणक्य ने बताया है कौन से काम करने पर अचानक हो सकती है मौत
    उज्जैन। किसी भी व्यक्ति की मृत्यु का दिन और समय मालूम कर पाना असंभव है। शास्त्रों के अनुसार मृत्यु का समय उसी दिन निर्धारित हो जाता है, जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है। कुछ लोगों की मृत्यु अचानक ही हो जाती है। इस संबंध में आचार्य चाणक्य ने कुछ काम ऐसे बताए हैं, जिनसे किसी व्यक्ति की मृत्यु जल्दी हो सकती है या अचानक हो सकती है।   आचार्य चाणक्य कहते हैं कि- आत्पद्वेषाद् भवेन्मृत्यु: परद्वेषाद् धनक्षय:। राजद्वेषाद् भवेन्नाशो ब्रह्मद्वेषाद कुलक्षय:।। इस श्लोक में आचार्य ने बताया है कि...
    May 8, 07:58 AM
  • जब कोई स्त्री-पुरुष बात करते हुए दिखाई दें तो ध्यान रखें ये चाणक्य नीति
    उज्जैन। आमतौर पर ऐसा होता है कि हमें कहीं जाना होता है और रास्ते में कुछ लोग खड़े होते हैं तो हम उनके बीच में से ही निकल जाते हैं। वैसे तो यह एक सामान्य सी बात है, लेकिन आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसी परिस्थितियां बताई हैं जब हमें लोगों के बीच में से नहीं निकलना चाहिए। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि- विप्रयोर्विप्रवह्नेश्च दम्पत्यो: स्वामिभृत्ययो:। अन्तरेण न गन्तव्यं हलस्य वृषभस्य च।। इस श्लोक में आचार्य चाणक्य ने बताया है कि जब भी दो विद्वान या वरिष्ठजन या अधिकारी लोग आपस में बात कर रहे हों तो उनके...
    May 1, 12:11 PM
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