Home >> Jeevan Mantra >> Jeene Ki Rah >> Chankaya Neeti
  • चाणक्य नीति: इन तीन स्त्री-पुरुष का भला करने पर भी दुख ही मिलेगा
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो) उज्जैन। आमतौर पर हमारी यही भावना रहती है कि अन्य लोगों का भला करने पर हमारा भी भला होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में तीन ऐसे लोग बताए हैं, जिनका भला करने पर भी हमें दुख मिलने की संभावनाएं काफी अधिक होती हैं। चाणक्य की इस नीति के अनुसार इन तीनों लोगों से दूर रहने में ही हमारा लाभ रहता है। चाणक्य कहते हैं- मूर्खाशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दु:खिते सम्प्रयोगेण पंडितोऽप्यवसीदति।। मूर्खाशिष्योपदेशेन यानी मूर्ख शिष्य को...
    September 15, 11:38 AM
  • फटे दूध से मक्खन नहीं निकलता, ये हैं रहीम के दोहे और उनके अर्थ
    उज्जैन। मुगल कालीन रहीम द्वारा लिखे गए दोहे आज भी सुखी और समृद्धिशाली जीवन के लिए प्रेरणादायी हैं। इन दोहों में छिपी बातों को ध्यान रखने पर हम समाज में और परिवार में सुख प्राप्त कर सकते हैं। जैसे रहीम का ये एक दोहा बहुत फेमस है- बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय। रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय।। इस दोहे का अर्थ यह है कि हमें समाज में और घर-परिवार में अच्छी तरह सोच-समझकर ही सभी से व्यवहार करना चाहिए। जिस प्रकार फटे हुए दूध से माखन नहीं निकाला जा सकता, ठीक उसी प्रकार बात बिगड़ने पर पुन:...
    September 12, 01:10 PM
  • चाणक्य नीति: स्त्री हो या पुरुष, ये चार काम करने में शर्म न करें
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो) उज्जैन। आमतौर पर शर्म को शिष्टाचार का आवश्यक अंग माना जाता है। स्त्रियों के लिए तो लज्जा एक गहने की समान समझी जाती है, लेकिन आचार्य चाणक्य ने कुछ कार्य ऐसे बताए हैं, जिनके लिए स्त्री और पुरुष, दोनों को किसी भी प्रकार की शर्म नहीं करना चाहिए। यहां जानिए ये चार काम कौन-कौन से हैं... आचार्य चाणक्य कहते हैं कि... धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणे तथा। आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्ज: सुखी भवेत्।। इस श्लोक में आचार्य चाणक्य ने पहला काम यह बताया है कि हमें धन...
    September 3, 06:00 AM
  • चाणक्य नीति: मूर्ख व्यक्ति और ये 6 सो रहे हों तो सोने दें, इन्हें जगाए नहीं
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्म चित्र ) उज्जैन। यदि आचार्य चाणक्य की नीतियों का पालन किया जाए तो हम कई प्रकार की परेशानियों से बच सकते हैं। चाणक्य को उनकी नीतियों के लिए आज भी याद किया जाता है। उन्होंने अपनी कूटनीति से एक सामान्य बालक चंद्रगुप्त को भारत का सम्राट बनाया और विदेशी शासक सिकंदर के आक्रमण से भारत को बचाया। उन्होंने बताया है कि हमें मूर्ख लोगों से किस प्रकार बचना चाहिए ताकि हम स्वयं किसी परेशानी से बच सकें। आचार्य ने हर परिस्थिति के लिए अलग-अलग नीतियां बताई हैं। यहां तक कि कोई...
    August 21, 11:08 AM
  • नौकरी में प्रमोशन और इंक्रीमेंट चाहिए तो ध्यान रखें गीता की ये नीतियां
    उज्जैन। हमारे जीवन में सुख और दुख का आना-जाना लगा ही रहता है। किसी व्यक्ति के जीवन में सुख अधिक समय के लिए रहता है तो किसी व्यक्ति के जीवन में दुख। सभी को कभी ना कभी इन दोनों अवस्थाओं का सामना करना ही पड़ता है। हर इंसान के जीवन में सुख और दुख के अलग-अलग मायने हो सकते हैं। श्रीमद भागवत में श्रीकृष्ण ने कुछ ऐसे स्त्री और पुरुषों के विषय में बताया है, जिन्हें जीवन में या नौकरी या अन्य कामों में हमेशा दुख ही दुख प्राप्त होते हैं। यहां जानिए ये कौन लोग हैं जो दुख अधिक प्राप्त करते हैं... श्रीमद भागवत...
    August 18, 12:40 PM
  • चाणक्य नीति: जब हो जाए ऐसी 4 बातें तो तुरंत भाग जाना चाहिए
    उज्जैन। जीवन में कभी-कभी ऐसे हालात निर्मित हो जाते हैं, जब यदि हम त्वरित निर्णय न लें तो किसी भयंकर परेशानी में फंस सकते हैं। आचार्य चाणक्य ने चार ऐसे हालात बताए हैं, जब व्यक्ति को तुरंत भाग निकलना चाहिए। यहां जानिए ऐसे चार हालात कौन-कौन से हैं और वहां से भागना क्यों चाहिए...   आचार्य चाणक्य कहते हैं- उपसर्गेऽन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे। असाधुजनसंपर्के य: पलायति स जीवति।।   इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि किसी स्थान पर दंगा या उपद्रव हो जाता है तो उस स्थान से तुरंत भाग जाना...
    August 2, 06:45 AM
  • चाणक्य नीति- पुरुषों को ये 4 बातें कभी भी किसी को बताना नहीं चाहिए
    फोटो- आचार्य चाणक्य का प्रतीकात्मक चित्र। उज्जैन। आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई नीतियों में सफल और सुखी जीवन के कई सूत्र बताए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति चाणक्य की नीतियों का पालन करता है तो निश्चित ही वह कई प्रकार की परेशानियों से बच सकता है। अक्सर जाने-अनजाने कुछ लोग ऐसी बातें दूसरों को बता देते हैं, जो भविष्य में किसी बड़े संकट का कारण बन जाती हैं। चाणक्य ने मुख्य रूप से चार ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें हमेशा राज ही रखना चाहिए। जो लोग ये बातें अन्य लोगों के सामने जाहिर कर देते हैं, वे परेशानियों...
    July 24, 10:04 AM
  • चाणक्य नीति- जानिए किस समय पानी पीने से पाचन शक्ति हो सकती है कमजोर
    उज्जैन।पानी से शरीर को जीने के लिए ऊर्जा मिलती है और इसकी सही मात्रा से हमारे पाचन तंत्र को भी काम करने में सहायता मिलती है। पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पानी से स्वास्थ्य को नुकसान भी हो सकता है। खाना खाने से ठीक पहले पानी पीने से पाचन शक्ति कमजोर होती है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि गलत समय पर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कैसे हानिकारक हो सकता है। इस नीति में कुछ परिस्थितियां बताई हैं जब पानी पीने से नुकसान हो सकता है। आचार्य चाणक्य कहते...
    July 14, 07:21 PM
  • नीति: जब होती हैं ये 4 बातें तो रातभर करवट बदलते हैं, लेकिन नींद नहीं आती
    उज्जैन।महाभारत में एक समय जब महाराज धृतराष्ट्र बहुत व्याकुल थे और उन्हें नींद नहीं आ रही थी, तब उन्होंने महामंत्री विदुर को बुलवाया। कुछ समय बाद विदुर महल में महाराज के सामने पहुंच गए। धृतराष्ट्र ने विदुर से कहा कि मेरा मन बहुत व्याकुल है। जब से संजय पांडवों के यहां से लौटकर आया है, तब से मेरा मन बहुत अशांत है। संजय कल सभा में सभी के सामने क्या कहेगा, यह सोच-सोचकर मन व्यथित हो रहा है। नींद नहीं आ रही है। यह सुनकर विदुर ने महाराज से महत्वपूर्ण नीति की बात कही। विदुर ने कहा जब किसी व्यक्ति चाहे...
    July 2, 10:15 AM
  • चाणक्य की ये नीतियां ध्यान रखेंगे तो नहीं बनेंगी विपरीत परिस्थितियां
    उज्जैन।सामान्यत: ऐसा देखा जाता है कि काफी लोग अपने पास की वस्तु को छोड़कर दूसरी वस्तु को पाने के लिए भागते हैं, ऐसी परिस्थिति में कई बार दोनों वस्तुएं हाथ से निकल जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों के संबंध में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि- यो ध्रुवाणि परित्यज्य अध्रुवं परिषेवते। ध्रुवाणि तस्य नश्यन्ति अध्रुवं नष्टमेव हि।। इस श्लोक का अर्थ है कि जो व्यक्ति निश्चित वस्तुओं को छोड़कर अनिश्चित वस्तुओं की ओर भागता है, उसके हाथों से दोनों ही वस्तुएं निकल जाती है। आचार्य चाणक्य के अनुसार लालची व्यक्ति...
    June 20, 02:05 PM
  • यदि किसी पुरुष के साथ होते हैं ये तीन काम तो उसकी किस्मत है खराब
    उज्जैन। आचार्य चाणक्य ने हमारे जीवन को सुखी बनाए रखने के लिए कई नीतियां बताई हैं। इन नीतियों में कई रहस्य छिपे हुए हैं, जिनसे हमारे सुख और दुख की भी जानकारी प्राप्त हो जाती है। आचार्य ने विशेष रूप से पुरुषों के लिए तीन ऐसी स्थितियां बताई हैं जो किसी भी पुरुष को भयंकर दुख देती हैं। आचार्य कहते हैं कि... वृद्धकाले मृता भार्या बन्धुहस्ते गतं धनम्। भोजनं च पराधीनं त्रय: पुंसां विडम्बना:।। इस श्लोक में आचार्य कहते हैं कि किसी वृद्ध पुरुष की पत्नी का मरना दुर्भाग्य की बात है। किसी भी व्यक्ति के...
    June 8, 11:58 AM
  • ये हैं 6 ऐसे काम जो हमें ले जाते हैं मृत्यु के करीब
    उज्जैन। पुराने समय में इंसान की औसत उम्र थी सौ साल। किसी दुर्घटना में या युद्ध में मृत्यु ना हो तो हर व्यक्ति कम से कम सौ साल अवश्य जीवित रहता था। जबकि, आज के समय में बहुत ही कम लोग सौ वर्ष की आयु तक जीवित रह पाते हैं। अधिकतर लोग 60 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते कई रोगों से पीडि़त हो जाते हैं और आने वाले कुछ ही वर्षों में देह त्याग देते हैं। शास्त्रों के अनुसार भगवान ने हर व्यक्ति की आयु सौ वर्ष निर्धारित की है। भगवान द्वारा इतनी आयु निर्धारित करने के बाद भी बहुत कम लोग इस उम्र तक पहुंच पाते हैं। ऐसा...
    June 5, 11:59 AM
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