जीवन मंत्र
Home >> Jeevan Mantra >> Jeene Ki Rah >> Chankaya Neeti
  • चाणक्य नीति: ऐसे समय में पिएंगे पानी तो पानी हो जाता है विष समान
    उज्जैन।पानी से शरीर को जीने के लिए ऊर्जा मिलती है और इसकी सही मात्रा से हमारे पाचन तंत्र को भी काम करने में सहायता मिलती है। पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पानी से स्वास्थ्य को नुकसान भी हो सकता है। खाना खाने से ठीक पहले पानी पीने से पाचन शक्ति कमजोर होती है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि गलत समय पर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कैसे हानिकारक हो सकता है। इस नीति में कुछ परिस्थितियां बताई हैं जब पानी पीने से नुकसान हो सकता है। आचार्य चाणक्य कहते...
    November 25, 01:01 PM
  • चाणक्य नीति: पति के लिए अच्छी नहीं होती हैं पत्नी की ये बातें
    उज्जैन। पति-पत्नी का रिश्ता आपसी तालमेल और एक-दूसरे को समझने की क्षमता के आधार पर ही सुखद हो सकता है। जिन घरों में इस बात की कमी रहती है, वहां अशांति और दुख का वातावरण बना रहता है। जब अशांति और मानसिक तनाव बढ़ता है तो पति और पत्नी, एक-दूसरे को अपना शत्रु समझने लगते हैं। आचार्य चाणक्य ने पति-पत्नी के लिए एक नीति में बताया है कि कब किसी पत्नी के लिए उसका पति ही सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है... चाणक्य कहते हैं- लुब्धानां याचक: शत्रु: मूर्खाणां बोधको रिपु:। जारस्त्रीणां पति: शत्रुश्चौराणां चंद्रमा:...
    November 21, 05:55 PM
  • किसी स्त्री या पुरुष को परखना हो तो इस चाणक्य नीति से परखें
    उज्जैन। सभी लोग जानना चाहते हैं कि हमारे आसपास रहने वाले लोग अच्छे हैं या नहीं, उनका स्वभाव कैसा है। किसी भी व्यक्ति को परखने के लिए आचार्य चाणक्य ने एक सटीक नीति बताई है। यदि इस नीति में बताई गई बातों के आधार पर किसी स्त्री या पुरुषको परखेंगे तो व्यक्ति के संबंध में सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आचार्य कहते हैं कि- यथा चतुर्भि: कनकं परीक्ष्यते निघर्षणं छेदनतापताडनै:। तथा चतुर्भि: पुरुषं परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा।। इस श्लोक में चाणक्य कहते हैं स्वर्ण को परखने के लिए...
    November 17, 11:30 AM
  • चाणक्य नीति- किसी भी पुरुष के लिए ये तीन बातें होना अच्छा नहीं हैं
    उज्जैन। भाग्य और अभाग्य की बात अक्सर होती रहती है। भाग्य यानी सुख-समृद्धि और श्रेष्ठ जीवन। अभाग्य यानी दुख और परेशानियों से भरा जीवन। किसी व्यक्ति को भाग्य का साथ मिल रहा है या नहीं, ये वर्तमान परिस्थितियों को देखकर भलीभांति समझा जा सकता है। आचार्य चाणक्य ने तीन परिस्थितियां ऐसी बताई हैं जो किसी भी पुरुष के दुर्भाग्य की ओर इशारा करती हैं। यहां जानिए ये तीन परिस्थितियां कौन-कौन सी हैं... आचार्य कहते हैं कि- वृद्धकाले मृता भार्या बन्धुहस्ते गतं धनम्। भोजनं च पराधीनं त्रय: पुंसां...
    November 1, 12:59 PM
  • चाणक्य नीति: किन परिस्थितियों के कारण हम फंस सकते हैं मुसीबत में
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक चित्र) उज्जैन। जीवन में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां निर्मित हो जाती हैं, जब यदि हम त्वरित निर्णय न लें तो किसी भयंकर परेशानी में फंस सकते हैं। आचार्य चाणक्य ने चार ऐसे हालात बताए हैं, जब व्यक्ति को तुरंत भाग निकलना चाहिए। यहां जानिए ऐसे चार हालात कौन-कौन से हैं और वहां से भागना क्यों चाहिए... आचार्य चाणक्य कहते हैं- उपसर्गेऽन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे। असाधुजनसंपर्के य: पलायति स जीवति।। इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि किसी स्थान पर दंगा या...
    October 29, 06:00 AM
  • बुरा समय दूर करना हो तो ध्यान रखें ये चाणक्य नीति
    उज्जैन।सुख और दुख, यही जीवन की दो अवस्थाएं हैं। सभी लोगों के जीवन में सुख और दुख आते-जाते रहते हैं। कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता है कि कभी भी दुख या गरीबी का सामना हो। गरीब व्यक्ति सोचता है कि किसी भी प्रकार उसके भी अच्छे दिन आ जाए और इसके लिए जो लोग सही प्रयास करते हैं, उन्हें सफलता भी प्राप्त होती है। चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि किस प्रकार गरीबी और बुरे समय से मुक्ति पाई जा सकती है। चाणक्य कहते हैं कि दारिद्रयनाशनं दानं शीलं दुर्गतिनाशनम्। अज्ञाननाशिनी प्रज्ञा भावना भयनाशिनी।।...
    October 24, 07:58 AM
  • भविष्य में परेशानियों से बचना है तो चाणक्य की ये बातें ध्यान रखें
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो ) उज्जैन।हर व्यक्ति के जीवन में सुख और दुख का आना-जाना लगा रहता है। ऐसा माना जाता है कि कोई व्यक्ति सुख को जाने से और दुख को आने से रोक नहीं सकता है। दुख को रोकने के लिए हमें पहले से ही ऐसे कर्म करते रहना चाहिए, जिनसे भविष्य में कोई परेशानी उत्पन्न न हो। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि हमें भविष्य के कष्टों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-कौन सी बातें इंसान को दुख प्रदान कर सकती है। इन बातों का ध्यान रखने पर व्यक्ति को जीवन में...
    October 13, 08:34 AM
  • चाणक्य नीति- इन लोगों का अच्छा करने पर हमारा ही नुकसान होता है
    उज्जैन। आमतौर ऐसा माना जाता है कि ज्ञान की बातें सुनाने या पढ़ाने से कोई भी इंसान विद्वान बन सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि किसी मूर्ख इंसान को उपदेश नहीं देना चाहिए यानी ज्ञान बातें नहीं बतानी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि- मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दु:खिते सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति।। यह श्लोक चाणक्य नीति के प्रथम अध्याय का चौथा श्लोक है। इसमें चाणक्य ने बताया है कि कुछ लोगों का भला करने पर भी दुख ही प्राप्त होता है, यहां जानिए...
    October 10, 01:25 PM
  • चाणक्य नीति: समझदार व्यक्ति को हमेशा मालूम रहते हैं इन 6 प्रश्नों के उत्तर
    उज्जैन। आज के समय में अधिकांश लोगों को धन संबंधी सुख पाने के लिए अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है। फिर भी बहुत ही कम लोग अधिक श्रम के बाद भी पर्याप्त प्रतिफल प्राप्त कर पाते हैं। व्यक्ति को कुछ कामों में तो सफलता मिल जाती है, लेकिन कुछ कामों में असफलता का मुंह भी देखना पड़ता है। यदि आप सफलता का प्रतिशत बढ़ाना चाहते हैं तो यहां एक चाणक्य नीति बताई जा रही है। इस नीति का ध्यान रखेंगे तो आपको अधिकतर कार्यों में सफलता मिल सकती है। हम जब ज्यादा कामों में सफल होंगे तो धन संबंधी लाभ भी मिलेगा और इस प्रकार धन...
    October 8, 12:58 PM
  • चाणक्य नीति: शरीर को आटे से दस गुना ज्यादा ताकत देती है ये चीज
    उज्जैन। शरीर को ऊर्जा मिलती रहे इसके लिए हमारे पास खान-पान की कई चीजें उपलबध हैं। जैसे तरह-तरह के अन्न, दूध, सब्जियां, घी आदि। इन चीजों से शरीर को प्रचुर मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है और हम लगातार काम करते रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं किस चीज में कितनी शक्ति होती है। हमारे खान-पान में उपयोग की जाने वाली कौन सी चीज अधिक ऊर्जा प्रदान करती है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि खाने की किस खास चीज में कितना बल होता है और किस चीज को खाने से शरीर को क्या लाभ होता है... आचार्य चाणक्य कहते हैं...
    October 2, 11:21 AM
  • इस चाणक्य नीति का ध्यान रखेंगे तो बचे रहेंगे दुखों से, मिलेगी कामयाबी
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो ) उज्जैन। सुख और दुख, जीवन की दो अवस्थाएं हैं। हर व्यक्ति के जीवन में सुख और दुख का आना-जाना लगा रहता है। ऐसा माना जाता है कि कोई व्यक्ति सुख को जाने से और दुख को आने से रोक नहीं सकता है। दुख को रोकने के लिए हमें पहले से ही ऐसे कर्म करते रहना चाहिए, जिनसे भविष्य में कोई परेशानी उत्पन्न न हो। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि हमें भविष्य के कष्टों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-कौन सी बातें इंसान को दुख प्रदान कर सकती है। इन बातों का ध्यान...
    September 25, 09:29 AM
  • चाणक्य नीति: इन तीन स्त्री-पुरुष का भला करने पर भी दुख ही मिलेगा
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो) उज्जैन। आमतौर पर हमारी यही भावना रहती है कि अन्य लोगों का भला करने पर हमारा भी भला होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में तीन ऐसे लोग बताए हैं, जिनका भला करने पर भी हमें दुख मिलने की संभावनाएं काफी अधिक होती हैं। चाणक्य की इस नीति के अनुसार इन तीनों लोगों से दूर रहने में ही हमारा लाभ रहता है। चाणक्य कहते हैं- मूर्खाशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दु:खिते सम्प्रयोगेण पंडितोऽप्यवसीदति।। मूर्खाशिष्योपदेशेन यानी मूर्ख शिष्य को...
    September 15, 11:38 AM
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें