जीवन मंत्र
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  • बुरा समय दूर करना हो तो ध्यान रखें ये चाणक्य नीति
    उज्जैन।सुख और दुख, यही जीवन की दो अवस्थाएं हैं। सभी लोगों के जीवन में सुख और दुख आते-जाते रहते हैं। कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता है कि कभी भी दुख या गरीबी का सामना हो। गरीब व्यक्ति सोचता है कि किसी भी प्रकार उसके भी अच्छे दिन आ जाए और इसके लिए जो लोग सही प्रयास करते हैं, उन्हें सफलता भी प्राप्त होती है। चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि किस प्रकार गरीबी और बुरे समय से मुक्ति पाई जा सकती है। चाणक्य कहते हैं कि दारिद्रयनाशनं दानं शीलं दुर्गतिनाशनम्। अज्ञाननाशिनी प्रज्ञा भावना भयनाशिनी।।...
    October 24, 07:58 AM
  • भविष्य में परेशानियों से बचना है तो चाणक्य की ये बातें ध्यान रखें
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो ) उज्जैन।हर व्यक्ति के जीवन में सुख और दुख का आना-जाना लगा रहता है। ऐसा माना जाता है कि कोई व्यक्ति सुख को जाने से और दुख को आने से रोक नहीं सकता है। दुख को रोकने के लिए हमें पहले से ही ऐसे कर्म करते रहना चाहिए, जिनसे भविष्य में कोई परेशानी उत्पन्न न हो। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि हमें भविष्य के कष्टों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-कौन सी बातें इंसान को दुख प्रदान कर सकती है। इन बातों का ध्यान रखने पर व्यक्ति को जीवन में...
    October 13, 08:34 AM
  • चाणक्य नीति- इन लोगों का अच्छा करने पर हमारा ही नुकसान होता है
    उज्जैन। आमतौर ऐसा माना जाता है कि ज्ञान की बातें सुनाने या पढ़ाने से कोई भी इंसान विद्वान बन सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि किसी मूर्ख इंसान को उपदेश नहीं देना चाहिए यानी ज्ञान बातें नहीं बतानी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि- मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दु:खिते सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति।। यह श्लोक चाणक्य नीति के प्रथम अध्याय का चौथा श्लोक है। इसमें चाणक्य ने बताया है कि कुछ लोगों का भला करने पर भी दुख ही प्राप्त होता है, यहां जानिए...
    October 10, 01:25 PM
  • चाणक्य नीति: समझदार व्यक्ति को हमेशा मालूम रहते हैं इन 6 प्रश्नों के उत्तर
    उज्जैन। आज के समय में अधिकांश लोगों को धन संबंधी सुख पाने के लिए अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है। फिर भी बहुत ही कम लोग अधिक श्रम के बाद भी पर्याप्त प्रतिफल प्राप्त कर पाते हैं। व्यक्ति को कुछ कामों में तो सफलता मिल जाती है, लेकिन कुछ कामों में असफलता का मुंह भी देखना पड़ता है। यदि आप सफलता का प्रतिशत बढ़ाना चाहते हैं तो यहां एक चाणक्य नीति बताई जा रही है। इस नीति का ध्यान रखेंगे तो आपको अधिकतर कार्यों में सफलता मिल सकती है। हम जब ज्यादा कामों में सफल होंगे तो धन संबंधी लाभ भी मिलेगा और इस प्रकार धन...
    October 8, 12:58 PM
  • चाणक्य नीति: शरीर को आटे से दस गुना ज्यादा ताकत देती है ये चीज
    उज्जैन। शरीर को ऊर्जा मिलती रहे इसके लिए हमारे पास खान-पान की कई चीजें उपलबध हैं। जैसे तरह-तरह के अन्न, दूध, सब्जियां, घी आदि। इन चीजों से शरीर को प्रचुर मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है और हम लगातार काम करते रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं किस चीज में कितनी शक्ति होती है। हमारे खान-पान में उपयोग की जाने वाली कौन सी चीज अधिक ऊर्जा प्रदान करती है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि खाने की किस खास चीज में कितना बल होता है और किस चीज को खाने से शरीर को क्या लाभ होता है... आचार्य चाणक्य कहते हैं...
    October 2, 11:21 AM
  • इस चाणक्य नीति का ध्यान रखेंगे तो बचे रहेंगे दुखों से, मिलेगी कामयाबी
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो ) उज्जैन। सुख और दुख, जीवन की दो अवस्थाएं हैं। हर व्यक्ति के जीवन में सुख और दुख का आना-जाना लगा रहता है। ऐसा माना जाता है कि कोई व्यक्ति सुख को जाने से और दुख को आने से रोक नहीं सकता है। दुख को रोकने के लिए हमें पहले से ही ऐसे कर्म करते रहना चाहिए, जिनसे भविष्य में कोई परेशानी उत्पन्न न हो। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में बताया है कि हमें भविष्य के कष्टों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-कौन सी बातें इंसान को दुख प्रदान कर सकती है। इन बातों का ध्यान...
    September 25, 09:29 AM
  • चाणक्य नीति: इन तीन स्त्री-पुरुष का भला करने पर भी दुख ही मिलेगा
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो) उज्जैन। आमतौर पर हमारी यही भावना रहती है कि अन्य लोगों का भला करने पर हमारा भी भला होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आचार्य चाणक्य ने एक नीति में तीन ऐसे लोग बताए हैं, जिनका भला करने पर भी हमें दुख मिलने की संभावनाएं काफी अधिक होती हैं। चाणक्य की इस नीति के अनुसार इन तीनों लोगों से दूर रहने में ही हमारा लाभ रहता है। चाणक्य कहते हैं- मूर्खाशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च। दु:खिते सम्प्रयोगेण पंडितोऽप्यवसीदति।। मूर्खाशिष्योपदेशेन यानी मूर्ख शिष्य को...
    September 15, 11:38 AM
  • फटे दूध से मक्खन नहीं निकलता, ये हैं रहीम के दोहे और उनके अर्थ
    उज्जैन। मुगल कालीन रहीम द्वारा लिखे गए दोहे आज भी सुखी और समृद्धिशाली जीवन के लिए प्रेरणादायी हैं। इन दोहों में छिपी बातों को ध्यान रखने पर हम समाज में और परिवार में सुख प्राप्त कर सकते हैं। जैसे रहीम का ये एक दोहा बहुत फेमस है- बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय। रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय।। इस दोहे का अर्थ यह है कि हमें समाज में और घर-परिवार में अच्छी तरह सोच-समझकर ही सभी से व्यवहार करना चाहिए। जिस प्रकार फटे हुए दूध से माखन नहीं निकाला जा सकता, ठीक उसी प्रकार बात बिगड़ने पर पुन:...
    September 12, 01:10 PM
  • चाणक्य नीति: स्त्री हो या पुरुष, ये चार काम करने में शर्म न करें
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्मक फोटो) उज्जैन। आमतौर पर शर्म को शिष्टाचार का आवश्यक अंग माना जाता है। स्त्रियों के लिए तो लज्जा एक गहने की समान समझी जाती है, लेकिन आचार्य चाणक्य ने कुछ कार्य ऐसे बताए हैं, जिनके लिए स्त्री और पुरुष, दोनों को किसी भी प्रकार की शर्म नहीं करना चाहिए। यहां जानिए ये चार काम कौन-कौन से हैं... आचार्य चाणक्य कहते हैं कि... धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणे तथा। आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्ज: सुखी भवेत्।। इस श्लोक में आचार्य चाणक्य ने पहला काम यह बताया है कि हमें धन...
    September 3, 06:00 AM
  • चाणक्य नीति: मूर्ख व्यक्ति और ये 6 सो रहे हों तो सोने दें, इन्हें जगाए नहीं
    (आचार्य चाणक्य का प्रतिकात्म चित्र ) उज्जैन। यदि आचार्य चाणक्य की नीतियों का पालन किया जाए तो हम कई प्रकार की परेशानियों से बच सकते हैं। चाणक्य को उनकी नीतियों के लिए आज भी याद किया जाता है। उन्होंने अपनी कूटनीति से एक सामान्य बालक चंद्रगुप्त को भारत का सम्राट बनाया और विदेशी शासक सिकंदर के आक्रमण से भारत को बचाया। उन्होंने बताया है कि हमें मूर्ख लोगों से किस प्रकार बचना चाहिए ताकि हम स्वयं किसी परेशानी से बच सकें। आचार्य ने हर परिस्थिति के लिए अलग-अलग नीतियां बताई हैं। यहां तक कि कोई...
    August 21, 11:08 AM
  • नौकरी में प्रमोशन और इंक्रीमेंट चाहिए तो ध्यान रखें गीता की ये नीतियां
    उज्जैन। हमारे जीवन में सुख और दुख का आना-जाना लगा ही रहता है। किसी व्यक्ति के जीवन में सुख अधिक समय के लिए रहता है तो किसी व्यक्ति के जीवन में दुख। सभी को कभी ना कभी इन दोनों अवस्थाओं का सामना करना ही पड़ता है। हर इंसान के जीवन में सुख और दुख के अलग-अलग मायने हो सकते हैं। श्रीमद भागवत में श्रीकृष्ण ने कुछ ऐसे स्त्री और पुरुषों के विषय में बताया है, जिन्हें जीवन में या नौकरी या अन्य कामों में हमेशा दुख ही दुख प्राप्त होते हैं। यहां जानिए ये कौन लोग हैं जो दुख अधिक प्राप्त करते हैं... श्रीमद भागवत...
    August 18, 12:40 PM
  • चाणक्य नीति: जब हो जाए ऐसी 4 बातें तो तुरंत भाग जाना चाहिए
    उज्जैन। जीवन में कभी-कभी ऐसे हालात निर्मित हो जाते हैं, जब यदि हम त्वरित निर्णय न लें तो किसी भयंकर परेशानी में फंस सकते हैं। आचार्य चाणक्य ने चार ऐसे हालात बताए हैं, जब व्यक्ति को तुरंत भाग निकलना चाहिए। यहां जानिए ऐसे चार हालात कौन-कौन से हैं और वहां से भागना क्यों चाहिए...   आचार्य चाणक्य कहते हैं- उपसर्गेऽन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे। असाधुजनसंपर्के य: पलायति स जीवति।।   इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि किसी स्थान पर दंगा या उपद्रव हो जाता है तो उस स्थान से तुरंत भाग जाना...
    August 2, 06:45 AM
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