Home >> Jeevan Mantra >> Dharm >> Utsav >> Rochak Batein
  • क्या आप जानते हैं, क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे ?
    उज्जैन। गुड फ्राइडे प्रभु यीशु के निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। सही मायनों में यह प्रभु यीशु द्वारा मानवता के लिए प्राण का न्यौछावर करने का दिन है। इस बार गुड फ्राइडे 18 अप्रैल, शुक्रवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार यीशु मसीह का जन्म इजराइल के एक गांव बैथलहम में हुआ था। बालक यीशु को बैथलहम के राजा हेरोदेस ने मरवाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। जब यीशु बड़े हुए तो जगह-जगह जाकर लोगों को मानवता और शांति का संदेश देने लगे। उन्होंने धर्म के नाम पर अंधविश्वास फैलाने वाले...
    06:00 AM
  • जानिए कैसे मिली हनुमानजी को दिव्य शक्तियां, ये हैं कुछ रोचक बातें
    उज्जैन। शिव महापुराण के अनुसार धर्म की रक्षा के लिए भगवान शिव ने अनेक अवतार लिए। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए भगवान शिव ने हनुमान के रूप में अवतार लिया था। हनुमानजी भगवान शिव के सबसे श्रेष्ठ अवतार माने जाते हैं। इस अवतार में भगवान शंकर ने एक वानर का रूप धारण किया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमानजी बचपन से ही बहुत बलवान थे, लेकिन एक बार उनके जीवन में एक ऐसी घटना घटी, जिसके कारण उन्हें दिव्य शक्तियां प्राप्त हो गई। ये घटना इस प्रकार हुई कि बचपन में...
    April 12, 06:00 AM
  • क्या आप जानते हैं भगवान श्रीराम नीले और श्रीकृष्ण काले क्यों हैं?
    उज्जैन। आज (8 अप्रैल, मंगलवार) राम नवमी है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन श्रीराम का जन्म हुआ था। ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीराम नीले रंग के थे, वहीं शास्त्रों में श्रीकृष्ण को काले रंग का बताया है। यह सुनकर अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि हमारे भगवानों के रंग-रूप इतने अलग क्यों हैं? भगवान श्रीकृष्ण का काला रंग तो फिर भी समझ में आता है, लेकिन भगवान राम को नील वर्ण भी कहा जाता है। क्या वाकई भगवान राम नीले रंग के थे? किसी के शरीर का रंग नीला कैसे हो सकता है? वहीं काले रंग के कृष्ण इतने आकर्षक...
    April 8, 06:00 AM
  • संवत् 2071 शुरू, जानिए इस साल कैसा रहेगा मौसम का हाल
    उज्जैन। प्रकृति का बदलता मिजाज ही मौसम कहलाता है। सोचिए अगर मौसम न हो तो जीवन कैसा नीरस रहेगा। मौसम बदलने का अपना एक निश्चित समय होता है। उसी समय प्रकृति में परिवर्तन देखने को मिलते हैं। यह परिवर्तन हर साल होता है। मौसम बदलने को हम ऋतु परिवर्तन भी कहते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार साल में 6 ऋतुएं होती हैं, लेकिन मुख्य रूप से 3 ऋतुएं ही मुख्य मानी जाती हैं। इस बार विक्रम संवत् 2071 का प्रारंभ 31 मार्च 2014 से हो चुका है। जानिए विक्रम संवत् 2071 में कब-कब ऋतु परिवर्तन होगा- ग्रीष्म ऋतु- विक्रम संवत् 2071 में...
    April 3, 06:00 AM
  • रोचक परंपरा: यहां हिंदू नव वर्ष के पहले दिन खाई जाती है चटनी
    उज्जैन। आंध्र प्रदेश में हिंदू नव वर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, इस बार 31 मार्च, सोमवार) का पर्व उगादि के नाम से मनाया जाता है। उगादि का शुद्ध रूप है युगादि, जिसका अर्थ है युग का प्रारंभ। आंध्रा में इस दिन घरों को आम के पेड़ की पत्तियों के बंदनवार से सजाया जाता है। सुखद जीवन की अभिलाषा के साथ-साथ यह बंदनवार समृद्धि, व अच्छी फसल के भी प्रतीक हैं। उगादि पर्व पर आंध्रा में घर-घर खुशियां मनाई जाती है। सुबह बच्चों को तेल स्नान कराया जाता है। इसके बाद सभी लोग नहाकर नए कपड़े पहनते हैं। तब सभी लोग नव वर्ष की...
    March 27, 06:00 AM
  • ये हैं पूजन से जुड़े 11 खास नियम, हमेशा रखें इन बातों का ध्यान
    उज्जैन। देवी-देवताओं का पूजन हिंदू धर्म का अभिन्न अंग है। पूजन के अभाव में हिंदू धर्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हिंदू धर्म को मानने वाला प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन किसी न किसी रूप में भगवान का स्मरण अवश्य करता है। हिंदू धर्म ग्रंथों में पूजन से संबंधित बहुत से नियम बताए गए हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में बहुत से लोग इन नियमों के बारे में नहीं जानते। आज हम आपको देवी-देवताओं के पूजन से जुड़ी कुछ ऐसी ही नियमों के बारे में बता रहे हैं- 1- सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु को पंचदेव कहा गया है। सुख की...
    March 26, 01:00 AM
  • 31 से शुरू होगा संवत् 2071, जानिए कौन है इस साल का स्वामी और राजा
    उज्जैन। विश्व में विभिन्न धर्मों में अलग-अलग तिथि व समय पर नया वर्ष मनाया जाता है। इसी तरह हिंदू धर्म में नए साल का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी गुड़ी पड़वा से माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि निर्माण का कार्य प्रारंभ किया था। इस दिन से चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ भी होता है। इस तिथि से विक्रम संवत् का प्रारंभ भी होता है। ग्रंथों के अनुसार उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के राजा विक्रमादित्य ने इसी तिथि से कालगणना के लिए विक्रम संवत् का प्रारंभ किया था, जो आज भी...
    March 25, 12:28 PM
  • किसी के पास है चूहा तो कोई बैठे शेर पर, ये हैं देवताओं की पसंदीदा सवारी
    उज्जैन। हिंदू धर्म में विभिन्न देवताओं का स्वरूप अलग-अलग बताया गया है। हर देवता का स्वरूप उनके आचरण व व्यवहार के अनुरूप ही हमारे धर्म ग्रंथों में वर्णित है। स्वरूप के साथ ही देवताओं के वाहनों में विभिन्नता देखने को मिलती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार अधिकांश देवताओं के वाहन पशु ही होते हैं। देवताओं के वाहन के रूप में ये पशु किसी न किस रूप में हमें लाइफ मैनेजमेंट का पाठ भी पढ़ाते हैं। आप भी जानिए किस देवता का वाहन क्या है और क्यों है- भगवान श्रीगणेश का वाहन मूषक भगवान श्रीगणेश का वाहन है मूषक...
    March 24, 01:00 AM
  • ये भी एक कारण है होली मनाने का
    उज्जैन। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस बार होली (धुरेड़ी) 17 मार्च, सोमवार को है। इस त्योहार का वर्णन अनेक धर्म शास्त्रों में किया गया है। उन्हीं में कुछ दंत कथाओं का वर्णन भी है। भविष्य पुराण में भी होली के त्योहार से जुड़ी एक कथा का उल्लेख है। उसके अनुसार- राजा रघु के राज्य में ढुण्डा नाम की एक राक्षसी ने शिव से अमरत्व का वर प्राप्त कर लोगों को खासकर बच्चों को सताना शुरु कर दिया। भयभीत प्रजा ने अपनी पीड़ा राजा रघु को बताई। तब राजा रघु के पूछने पर महर्षि वशिष्ठ ने बताया कि...
    March 11, 06:00 AM
  • ये हैं भगवान शिव के श्रेष्ठ अवतार, एक घटना से बने ये इतने शक्तिशाली
    उज्जैन। शिव महापुराण के अनुसार भगवान शिव ने अनेक अवतार लिए हैं। अपने विभिन्न अवतारों में भगवान शिव ने दुष्टों का संहार कर धर्म की रक्षा की है। त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए ही भगवान शिव ने हनुमान के रूप में अवतार लिया था। हनुमानजी भगवान शिव के सबसे श्रेष्ठ अवतार माने जाते हैं। इस अवतार में भगवान शंकर ने एक वानर का रूप धरा था। यूं तो हनुमानजी बचपन से ही बहुत बलवान थे लेकिन एक बार उनके जीवन में ऐसी घटना घटी जिसके कारण वह परम शक्तिशाली हो गए। ये घटना कुछ...
    February 28, 11:45 AM
  • भगवान शिव ने लिए हैं 19 अवतार, इस रूप में किया था ब्रह्मा के पुत्र का वध
    उज्जैन। पुराणों के अनुसार शिव का अर्थ ही है कल्याणस्वरूप व कल्याण करने वाला। भगवान शिव सदैव अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।महादेव ने अनेक अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा की है। धर्म की स्थापना और दुष्टों के नाश के लिए भी भोलेनाथ ने कई अवतार लिए हैं। शिव महापुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है, लेकिन बहुत ही कम लोग इन अवतारों के बारे में जानते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं भगवान शिव के 19 अवतारों के बारे में- 1- वीरभद्र अवतार भगवान शिव का यह अवतार तब हुआ था, जब दक्ष द्वारा आयोजित...
    February 28, 11:42 AM
  • भगवान शिव का आभूषण हैं सांप, जानिए इनसे जुड़े कुछ अंधविश्वास
    उज्जैन। भगवान शिव का स्वरूप जितना निराला है, उतना रहस्यमय भी है। आमजन जिन चीजों से दूर भागते हैं, भगवान शिव को वही चीजें बहुत प्रिय हैं। सांप का नाम सुनकर लोग सिहर उठते हैं, वहीं भगवान शिव सांप को अपने गले में धारण करते हैं। सांप को भगवान शिव का आभूषण भी कहा जाता है। सांप के बिना भगवान शिव के स्वरूप की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यही कारण है कि हिंदू धर्म में सांप को देवता मान कर उसकी पूजा की जाती है। भगवान शिव के प्रिय मास सावन में नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन हिंदू धर्मावलंबी नागों की...
    February 25, 04:05 PM
Ad Link
 
विज्ञापन
 
 
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 

रोचक खबरें

विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें