जीवन मंत्र
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  • क्यों खेलते हैं दिवाली की रात जुआ? जानिए इससे जुड़े कुछ रोचक किस्से
    उज्जैन। हर त्योहार के साथ कोई परंपरा जरूर जुड़ी होती है। इन परंपराओं के कुछ सकारात्मक पक्ष होते हैं वहीं कुछ नकारात्मक भी। दिवाली पर जुआ खेलना भी इस पर्व से जुड़ा एक नकारात्मक पक्ष है। कथा है कि दिवाली के दिन भगवान शिव और पार्वती ने भी जुआ खेला था, तभी से ये प्रथा दिवाली के साथ जुड़ गई है। हालांकि शिव व पार्वती द्वारा दिवाली पर जुआ खेलने का ठोस तथ्य किसी ग्रंथ में नहीं मिलता। जुआ एक ऐसा खेल है जिससे इंसान तो क्या भगवान को भी कई बार भयंकर मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। जुआ, सामाजिक बुराई होकर भी...
    October 23, 01:00 AM
  • दिवाली की परंपराओं में छिपे हैं जीवन प्रबंधन के सूत्र, ऐसे बताएं नई पीढ़ी को
    उज्जैन। 23 अक्टूबर, गुरुवार को दीपावली का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। दीपावली व माता लक्ष्मी से जुड़ी अनेक मान्यताएं व परंपराएं हमारे देश में प्रचलित हैं। दीपावली व लक्ष्मी से जुड़ी ये मान्यताएं व परंपराएं कई बार बच्चों के मन में जिज्ञासा पैदा करती हैं, लेकिन उन्हें अपने प्रश्नों का उत्तर हमेशा नहीं मिल पाता। आज हम आपको दीपावली व लक्ष्मी से जुड़ी ऐसी ही मान्यताओं व परंपराओं में छिपे जीवन प्रबंधन सूत्रों के बारे में बता रहे हैं, जो बच्चों...
    October 16, 01:00 AM
  • नक्षत्रों का राजा है पुष्य, जानिए इस नक्षत्र से जुड़ी 10 खास बातें
    उज्जैन। दीपावली के पहले आने वाला पुष्य नक्षत्र बहुत ही शुभ होता है। इस बार 16 अक्टूबर को गुरु पुष्य का शुभ योग बन रहा है। इसे खरीदारी का महामुहूर्त भी कहते हैं। 16 अक्टूबर को गुरु पुष्य के साथ ही अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्धि व गजकेसरी योग भी बन रहा है। आज हम आपको पुष्य नक्षत्र से जुड़ी ऐसी खास बातें बता रहे हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं। ये हैं पुष्य नक्षत्र से जुड़ी 10 खास बातें- 1- प्राचीन काल से ही ज्योतिषी 27 नक्षत्रों के आधार पर गणनाएं कर रहे हैं। इनमें से हर एक नक्षत्र का शुभ-अशुभ प्रभाव मनुष्य के...
    October 13, 04:37 PM
  • विजयादशमी : इन 6 लोगों का श्राप बना रावण के सर्वनाश का कारण
    उज्जैन। रावण बहुत ही पराक्रमी योद्धा था। उसने अपने जीवन में अनेक युद्ध किए। धर्म ग्रंथों के अनुसार कई युद्ध तो उसने अकेले ही जीत लिए थे। इतना पराक्रमी होने के बाद भी उसका सर्वनाश कैसे हो गया? रावण के अंत का कारण श्रीराम की शक्ति तो थी ही। साथ ही, उन लोगों का श्राप भी था, जिनका रावण ने कभी अहित किया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार रावण को अपने जीवनकाल में कई लोगों से श्राप मिला था। यही श्राप उसके सर्वनाश का कारण बने और उसके वंश का समूल नाश हो गया। जानिए किन-किन लोगों ने रावण को क्या-क्या श्राप दिए थे- 1-...
    October 3, 05:22 PM
  • सीता स्वयंवर में नहीं गए श्रीराम, जानिए रामायण की 24 रोचक बातें
    उज्जैन। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरे का पर्व मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम ने राक्षसराज रावण का अंत किया जाता है। इस बार ये पर्व 3 अक्टूबर, शुक्रवार को है। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और रावण के जीवन का वर्णन यूं तो कई ग्रंथों में मिलता है, लेकिन इन सभी में वाल्मीकि रामायण में लिखे गए तथ्यों को ही सबसे सटीक माना गया है। वाल्मीकि रामायण की कुछ ऐसी रोचक बातें बताई गई हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी ही रोचक बातें बता रहे हैं। ये बातें इस...
    October 3, 12:14 PM
  • जानिए वो 7 काम जो रावण करना चाहता था, लेकिन नहीं कर पाया
    उज्जैन। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि पर भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। इस बार ये पर्व 3 अक्टूबर, शुक्रवार को है। आज हम आपको वो बातें बता रहे हैं जो रावण भगवान की सत्ता को मिटाने के लिए करना चाहता था, लेकिन सफल नहीं हो पाया क्योंकि वे बातें प्रकृति के विरुद्ध थीं। उनसे अधर्म बढ़ता और राक्षस प्रवृत्तियां अनियंत्रित हो जातीं। ये हैं वो 7 काम जो रावण करना चाहता था,...
    October 2, 11:32 AM
  • जानिए नवरात्र में क्यों करते हैं कन्या पूजन, महत्व व विधि
    उज्जैन। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। अष्टमी व नवमी तिथि के दिन तीन से नौ वर्ष की कन्याओं का पूजन किए जाने की परंपरा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष से लेकर नौ वर्ष की कन्याएं साक्षात माता का स्वरूप मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार एक कन्या की पूजा से ऐश्वर्य, दो की पूजा से भोग और मोक्ष, तीन की अर्चना से धर्म, अर्थ व काम, चार की पूजा से राज्यपद, पांच की पूजा से विद्या, छ: की पूजा से छ: प्रकार की सिद्धि, सात की पूजा से राज्य, आठ की पूजा से संपदा और नौ की पूजा...
    September 30, 12:40 PM
  • श्राद्ध: जब ब्राह्मणों में राजा दशरथ को देखा सीता ने
    उज्जैन। इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है। श्राद्ध पक्ष में ब्राह्मणों को बुलाकर उन्हें भोजन कराने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि ब्राह्मणों द्वारा किया हुआ भोजन हमारे पितरों को प्राप्त होता है। ऐसी ही एक कथा का वर्णन हमारे पद्म पुराण में भी मिलता है उसके अनुसार- जब भगवान राम वनवास में थे, तब श्राद्ध पक्ष में उन्होंने अपने पिता महाराज दशरथ का श्राद्ध किया। सीताजी ने अपने हाथों से सब सामग्री तैयार की परंतु जब निमंत्रित ब्राह्मण भोजन के लिए आए तो सीताजी उनको देखकर कुटिया में चली गईं। भोजन के...
    September 19, 06:00 AM
  • महालक्ष्मी व्रत आज, जानिए क्या काम करने से रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी का पूजन करने का विधान है। इस बार ये व्रत 16 सितंबर, मंगलवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार ये दिन लक्ष्मी कृपा पाने के लिए बहुत ही शुभ है क्योंकि इस दिन किए गए उपाय, टोटके आदि का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार वैसे तो मां लक्ष्मी अपने भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखती हैं, लेकिन कुछ कार्य विशेष करने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं। आज महालक्ष्मी व्रत के अवसर...
    September 16, 01:12 PM
  • श्राद्ध में न करें तेल मालिश और न खाएं पान, इन बातों का रखें खास ध्यान
    उज्जैन। इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है, जिसका समापन 23 सितंबर को होगा। श्राद्ध पक्ष में पितरों यानी पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान आदि कर्म किए जाते हैं। हमारे धर्म शास्त्रों में श्राद्ध पक्ष के लिए कई नियम भी बताए गए हैं। इन नियमों में कुछ बातों का निषेध बताया गया है, वहीं कुछ बातें जरूरी बताई गई हैं। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों का पालन करने से पितर हमसे संतुष्ट होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। इसलिए पितरों को प्रसन्न रखने के लिए इन नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। ये नियम...
    September 12, 03:32 PM
  • भगवान श्रीगणेश ने कब और क्यों लिए अवतार, जानिए रोचक बातें
    उज्जैन।धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान गणपति कई रूपों में अवतार लिए हैं, जैसे विष्णु और शिव के 24-24 अवतार हैं, वैसे ही गणेश के आठ प्रमुख अवतार हैं। हर युग में पैदा होने वाले राक्षसों के विनाश के लिए गणपति ने अवतार लिए हैं। श्रीगणेश के इन अवतारों का वर्णन गणेश पुराण, मुद्गल पुराण, गणेश अंक आदि ग्रंथो में मिलता है।जानिए श्रीगणेश के अवतारों के बारे में- वक्रतुंड वक्रतुंड का अवतार राक्षस मत्सरासुर के दमन के लिए हुआ था। मत्सरासुर शिव भक्त था और उसने शिव की उपासना करके वरदान पा लिया था कि उसे किसी...
    September 7, 01:00 AM
  • श्रीगणेश से सीखिए बिजनेस मैनेजमेंट के खास सूत्र, हमेशा फायदे में रहेंगे
    उज्जैन। भगवान श्रीगणेश की स्वरूप देखने में बहुत ही रहस्यमयी लगता है। उनके शरीर का हर अंग बहुत ही विचित्र है जैसे- हाथी के समान मुख, सूंड, बड़े-बड़े कान, छोटी-छोटी आंखें, बड़ा पेट आदि। देखने में भले ही श्रीगणेश का स्वरूप विचित्र लगे, लेकिन गणेशजी के इन सभी अंगों में बिजनेस मैनेजमेंट से जुड़े खास सूत्र छिपे हैं, जरूरत है तो उन्हें समझने की। श्रीगणेश से जुड़े बिजनेस मैनेजमेंट के इन सूत्रों को आजमाकर आप अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। आज हम आपको बिजनेस मैनेजमेंट के यही सूत्र बता रहे...
    September 5, 06:00 AM
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