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  • आज भी भटक रहा है शिव का ये अवतार, इस किले से जुड़ी है इनकी कहानी
    फोटो- असीरगढ़ का किला उज्जैन। इन दिनों पवित्र श्रावण (सावन) मास चल रहा है। ये महीने भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यही उचित समय है भगवान शिव के चरित्र, स्वरूप व अवतारों के बारे में जानने का। धर्म ग्रंथों में भगवान शंकर के अनेक अवतारों का वर्णन भी मिलता है। उनमें से एक अवतार ऐसा भी है, जो आज भी पृथ्वी पर अपनी मुक्ति के लिए भटक रहा है। ये अवतार हैं गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा का। द्वापरयुग में जब कौरव व पांडवों में युद्ध हुआ था, तब अश्वत्थामा ने कौरवों का साथ दिया था। महाभारत के...
    54 mins ago
  • नागपंचमी 1 को: जानिए कैसे होता है सांपों का मिलन, कैसे बनाते हैं जोड़ा?
    उज्जैन।सांप एक ऐसा जीव है जो सदियों से मनुष्य के लिए शोध का विषय रहा है। इसके आवास, भोजन, चलने का तरीका, विष आदि विषय के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाती है, लेकिन इसके समागम और संतति के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको आज सांपों के समागम और संतति के बारे में बता रहे हैं- - सांप जैसे जीवों में जोड़ा बनाना और समागम करना एक नर और मादा सांप के मिलन की घटना मात्र नहीं है बल्कि यह एक अधिक जटिल मामला है, जो कुछ निश्चित विधि-विधानों पर निर्भर होकर सांपों की जनसंख्या संबंधी...
    01:00 AM
  • शिव के श्रेष्ठ अवतार हैं हनुमान, न करते ये काम तो नहीं हारता रावण
    उज्जैन। श्रावण के पवित्र महीने में भगवान शिव के विभिन्न अवतारों की कथा सुनने व उनकी पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। आज हम आपको भगवान शिव के सबसे श्रेष्ठ अवतार हनुमान के बारे में बता रहे हैं। शिवपुराण के अनुसार त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए भगवान शिव ने वानर जाति में हनुमान के रूप में अवतार लिया था। जब भी श्रीराम-लक्ष्मण पर कोई संकट आया, हनुमानजी ने उसे अपनी बुद्धि व पराक्रम से दूर कर दिया। रामायण के उत्तर कांड में स्वयं भगवान...
    July 29, 04:32 PM
  • भगवान शिव के भैरव अवतार ने काटा था ब्रह्मा का पांचवां मुख
    उज्जैन। भैरव को भगवान शंकर का पूर्ण रूप माना गया है। भगवान शंकर के इस अवतार से हमें अवगुणों को त्यागना सीखना चाहिए। भैरव के बारे में प्रचलित है कि ये अति क्रोधी, तामसिक गुणों वाले तथा मदिरा के सेवन करने वाले हैं। इस अवतार का मूल उद्देश्य है कि मनुष्य अपने सारे अवगुण जैसे- मदिरापान, तामसिक भोजन, क्रोधी स्वभाव आदि भैरव को समर्पित कर पूर्णत: धर्ममय आचरण करें। भैरव अवतार हमें यह भी शिक्षा मिलती है कि हर कार्य सोच-विचार कर करना ही ठीक रहता है। बिना विचारे कार्य करने से पद व प्रतिष्ठा धूमिल होती है।...
    July 27, 06:00 AM
  • ये हैं शिव के 19 अवतार, वीरभद्र ने किया था सती के पिता का वध
    उज्जैन।इन दिनों भगवान शिव का प्रिय पवित्र सावन मास चल रहा है। ये बहुत ही उचित अवसर है, भगवान शिव के चरित्र, स्वरूप व अवतारों के बारे में जानने का। पुराणों के अनुसार शिव का अर्थ ही है कल्याण स्वरूप व कल्याण करने वाला। भगवान शिव सदैव अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं। महादेव ने अनेक अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा की है। शिवपुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है, लेकिन बहुत ही कम लोग इन अवतारों के बारे में जानते हैं। सावन के पवित्र महीने में हम आपको बता रहे हैं, भगवान शिव के 19...
    July 21, 01:55 PM
  • शिव के अवतार थे पिप्पलाद मुनि, इन्होंने किया था शनि पर प्रहार
    उज्जैन।इन दिनों पवित्र श्रावण मास चल रहा है। इस महीने में भगवान शिव के पूजन करने का विशेष महत्व है। हमारे धर्म ग्रंथों में भगवान शिव की अनेक अवतारों के बारे में भी बताया गया है लेकिन बहुत कम लोग शिव के इन अवतारों के बारे में जानते हैं। आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे अवतार के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने शनिदेव पर भी प्रहार कर दिया था, जिसके कारण शनिदेव की गति मंद हो गई। दधीचि मुनि के पुत्र थे पिप्पलाद पुराणों के अनुसार भगवान शंकर ने अपने परम भक्त दधीचि मुनि के यहां पुत्र रूप में जन्म लिया।...
    July 20, 06:00 AM
  • किस रुद्राक्ष को पहनने से होता है क्या, जानिए शिवपुराण में लिखी है ये बातें
    फोटो- एकमुखी रुद्राक्ष उज्जैन। भगवान शिव भस्म रमाते हैं और नाग उनका आभूषण है। शिव के तीन नेत्र हैं और वे चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण करते हैं। ऐसी अनेक बातें हैं जो भगवान शिव के स्वरूप से जुड़ी हैं। इसी प्रकार रुद्राक्ष भी भगवान शिव के स्वरूप से जुड़ा है। शिवपुराण की विद्येश्वर संहिता में रुद्राक्ष के 14 प्रकार बताए गए हैं। एकमुखी रुद्राक्ष धारण करने वाला कभी गरीब नहीं होता, ऐसा शिवपुराण में लिखा है। जानिए कैसे हुई रुद्राक्ष की उत्पत्ति रुद्राक्ष का अर्थ है रुद्र अर्थात शिव की आंख से...
    July 19, 05:34 PM
  • क्या आप जानते हैं, भगवान विष्णु को किसने दिया था सुदर्शन चक्र?
    उज्जैन।भगवान विष्णु के हर चित्र व मूर्ति में उन्हें सुदर्शन चक्र धारण किए दिखाया जाता है। यह सुदर्शन चक्र भगवान शंकर ने ही जगत कल्याण के लिए भगवान विष्णु को दिया था। इस संबंध में शिवपुराण के कोटिरुद्र संहिता में एक कथा का उल्लेख है। उसके अनुसार- एक बार जब दैत्यों के अत्याचार बहुत बढ़ गए, तब सभी देवता श्रीहरि विष्णु के पास आए। तब भगवान विष्णु ने कैलाश पर्वत पर जाकर भगवान शिव की विधिपूर्वक आराधना की। वे हजार नामों से शिव की स्तुति करने लगे। वे प्रत्येक नाम पर एक कमल पुष्प भगवान शिव को चढ़ाते।तब...
    July 17, 06:00 AM
  • आत्मविश्वास जगाती है कावड़ यात्रा, जानिए किन बातों का रखें ध्यान
    उज्जैन। सावन भगवान शिव की भक्ति का महीना है। इस महीने में विभिन्न माध्यमों से भगवान शंकर को प्रसन्न किया जाता है। सावन के महीने में भगवान शंकर के जलाभिषेक का भी विशेष महत्व है। जलाभिषेक से शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कावड़ यात्रा भी एक श्रेष्ठ माध्यम है। कावड़ यात्रा का एक महत्व यह भी है कि यह हमारे व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है। लंबी कावड़ यात्रा से हमारे मन में संकल्प शक्ति और आत्मविश्वास जागता है। हम अपनी क्षमताओं को...
    July 16, 06:00 AM
  • मंडे की पाठशाला: भगवान शिव के ये दो अवतार आज भी हैं जीवित
    उज्जैन।श्रावण में शिव भक्ति का विशेष महत्व है। श्रावण महीना शुरू होते ही मन में अनायास ही भक्ति का भाव आ जाता है। मनो-मस्तिष्क में शिव भक्ति हिलोरे लेने लगती है। श्रावण व शिव के आध्यात्मिक पक्ष पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि श्रावण व शिव दोनों ही देने वाले हैं अर्थात कल्याण करने वाले। भगवान शिव ने संसार को बचाने के लिए हलाहल विष को अमृत की तरह पी लिया और सभी का कल्याण किया। इसी प्रकार श्रावण मास में जब बादल बरसते हैं तो भी संसार का भला ही होता है। इस तरह शिव और श्रावण सभी का हित ही करते हैं।...
    July 14, 03:44 PM
  • ये हैं वो 10 महान गुरु जिनके शिष्यों ने शस्त्र व शास्त्रों से जीती दुनिया
    उज्जैन।हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। गुरु शब्द में ही गुरु की महिमा का वर्णन है। गु का अर्थ है अंधकार और रु का अर्थ है प्रकाश। इसलिए गुरु का अर्थ है अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला यानी गुरु ही शिष्य को जीवन में सफलता के लिए उचित मार्गदर्शन करता है। जीवन में गुरु के महत्व को बताने के लिए ही आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गुरु की पूजा करने तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का विशेष महत्व है। इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व 12 जुलाई,...
    July 11, 11:14 AM
  • किसने की यज्ञ की रचना? जानिए यज्ञ से जुड़ी हर खास व रोचक बात
    उज्जैन। हिंदू धर्म में यज्ञ की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। हिंदू धर्म ग्रंथों में मनोकामना पूर्ति तथा अनिष्ट को टालने के लिए यज्ञ करने के कई प्रसंग मिलते हैं। रामायण व महाभारत में ऐसे अनेक राजाओं का वर्णन मिलता है, जिन्होंने अनेक महान यज्ञ किए हैं। देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भी यज्ञ किए जाने की परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार यज्ञ की रचना सर्वप्रथम परमपिता ब्रह्मा ने की। यज्ञ का संपूर्ण वर्णन वेदों में मिलता है। यज्ञ का दूसरा नाम अग्नि पूजा है। यज्ञ से देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता...
    July 7, 12:37 PM
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