Home >> Jeevan Mantra >> Dharm >> Utsav >> Jeevan Utsav
  • छोटी उम्र में गृहस्थी से जुड़े जीवन प्रबंधन सूत्र बताता है संजा पर्व
    उज्जैन। हमारा देश भारत रीति-रिवाजों व परंपराओं का देश है। यहां प्रत्येक त्योहार के साथ कई परंपराएं व रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। इन परंपराओं व रीति-रिवाजों के पीछे कहीं न कहीं जीवन प्रबंधन से जुड़ा कोई संदेश अवश्य जुड़ा होता है। इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है। श्राद्ध पक्ष से जुड़ी एक परंपरा भी है, जिसे हमें संजा पर्व या साँझी उत्सव के नाम से जानते हैं। संजा पर्व मुख्य तौर पर मालवा, निमाड़, राजस्थान, गुजरात आदि स्थानों पर प्रचलित है। संजा पर्व में श्राद्ध के सोलह ही दिन(भाद्रपद पूर्णिमा...
    September 10, 06:00 AM
  • पूर्वजों के प्रति आस्था प्रकट करने का पर्व है श्राद्ध पक्ष
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के भाद्रमास मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तिथि तक के समय को पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष कहते हैं। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ 8 सितम्बर, सोमवार से हो चुका है, जिसका समापन 23 सितंबर, मंगलवार को होगा। सनातन धर्म में इन 16 दिनों का समय पूर्वजों को तृप्त करने और उनके प्रति आस्था प्रकट करने के लिए ही बनाया गया है। हर धर्म का आधार श्रद्धा है। सभी धर्मों में पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा के भाव का महत्व बताया गया है। सनातन धर्म में श्रद्धा प्रकट करने का ही एक...
    September 9, 06:00 AM
  • कल पवित्रता और जिम्मेदारी से करें गणेश प्रतिमा का विसर्जन
    उज्जैन। दैनिक भास्कर के आग्रह पर इस वर्ष गणेश उत्सव में देश के कई प्रांतों में भगवान श्रीगणेश की मिट्टी से निर्मित मूर्ति की स्थापना की गई। जिन भक्तों ने मिट्टी से बनी प्रतिमाएं स्थापित की, उन्हें साधुवाद। अब बारी विसर्जन की है। परंपरागत रूप से अनंत चतुर्दशी (इस बार 8 सितंबर, सोमवार) के दिन समारोहपूर्वक प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। शास्त्रोक्त मान्यता है कि जो प्रतिमा स्थापित की जाए, उसका विसर्जन होना चाहिए। जरूरी नहीं कि यह विसर्जन नदी या जलाशय में ही हो। हां, विसर्जन जल में ही होना चाहिए।...
    September 7, 06:00 AM
  • बच्चों को बताएं श्रीगणेश से जुड़ी ये बातें, क्यों मैनेजमेंट गुरु हैं गणपति ?
    उज्जैन। इन दिनों गणेशोत्सव चल रहा है। भगवान श्रीगणेश के जन्म की कथा जितनी रोचक है, उनके शरीर की बनावट भी उतनी ही रहस्यमयी है। इसके अलावा भी श्रीगणेश से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जो बच्चों के लिए जिज्ञासा का विषय है जैसे- श्रीगणेश को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं या श्रीगणेश को मोदक का भोग क्यों लगाया जाता है? आज हम बच्चों की जिज्ञासा दूर करने के लिए श्रीगणेश से जुड़े ऐसे ही रोचक सवालों के जवाब आपको बता रहे हैं। इन जवाबों में लाइफ मैनेजमेंट के कर्इं सूत्र भी छिपे हैं, जो बच्चों के भावी जीवन के लिए उपयोगी...
    September 3, 01:00 AM
  • जानिए, मिट्टी की ही गणेश प्रतिमा की स्थापना क्यों करेंं
    उज्जैन।श्रीगणेश प्रतिमा का निर्माण मिट्टी से करना ही श्रेष्ठ होता है क्योंकि ये न केवल पर्यावरण के लिए उपयुक्त है बल्कि शास्त्र सम्मत भी है। इसका रहस्य गणेशजी के जन्म की कथा में ही छुपा हुआ है। धर्म ग्रंथों के अनुसार माता पार्वती ने मिट्टी से एक बालक गढ़ा। (कई ग्रंथों में यह उबटन से निर्मित भी बताया जाता है।) उसमें प्राण फूंके और देवी स्नान के लिए चली गईं। यह बालक मां की आज्ञा से द्वार पर पहरा देने लगा। शिवजी का आगमन हुआ और बालक ने उन्हें भीतर जाने से रोका तो क्रोध में शिवजी ने बालक का सिर काट...
    August 29, 06:00 AM
  • निष्काम कर्म करने की प्रेरणा देती है श्रीमद्भागवतगीता
    उज्जैन।जब महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने वाला था। तब अर्जुन ने कौरवों के साथ भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य आदि श्रेष्ठ महानुभावों को देखकर उनके प्रति स्नेह होने पर युद्ध करने से इंकार कर दिया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था जिसे सुन अर्जुन ने न सिर्फ महाभारत युद्ध में भाग लिया अपितु उसे निर्णायक स्थिति तक पहुंचाया। गीता को आज भी हिंदू धर्म में बड़ा ही पवित्र ग्रंथ माना जाता है। गीता के माध्यम से ही श्रीकृष्ण ने संसार को धर्मानुसार कर्म करने की प्रेरणा दी। वास्तव...
    August 15, 06:00 AM
  • भाद्रपद मास आज से, इस महीने में रखना चाहिए इन बातों का ध्यान
    उज्जैन। हिन्दू पंचांग का छठा माह भाद्रपद (भादौ) है। इस बार यह 11 अगस्त, सोमवार से शुरू हो रहा है। यह चातुर्मास के चार पवित्र महीनों का दूसरा महीना भी है। हिन्दू पंचांग का भाद्रपद महीना भादौ, भादवा या भाद्र के नाम से भी जाना जाता है। इस महीने में आकाश में पूर्वा या उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के योग बनने से इस माह का नाम भाद्रपद है। यह योग भाद्रपद पूर्णिमा के दिन बनता है। भाद्रपद महीना हिंदू धर्म के पवित्र चातुर्मास के अंतर्गत आता है। इसलिए इसमें कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है- जो इस...
    August 11, 06:00 AM
  • रक्षाबंधन 10 को, भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है ये पर्व
    उज्जैन।श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं। वहीं भाई भी जीवन भर अपनी बहनों को रक्षा का वचन देते हैं। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का अनुपम उदाहरण है। इस बार यह त्योहार 10 अगस्त, रविवार को है। बहनों को इस पर्व का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं भाई भी बहनों के घर आने की बाट जोहते हैं। जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है तो वे यह कामना करती...
    August 6, 06:00 AM
  • भगवान शिव का रौद्र अवतार है वीरभद्र, ये बातें सीखें इनसे
    उज्जैन।भगवान शिव के वीरभद्र अवतार का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। यह अवतार हमें संदेश देता है कि शक्ति का प्रयोग वहीं करें जहां उसका सदुपयोग हो। वीरों को दो वर्ग होते हैं- भद्र एवं अभद्र वीर। राम, अर्जुन और भीम वीर थे। रावण, दुर्योधन और कर्ण भी वीर थे, लेकिन पहला भद्र (सभ्य) वीर वर्ग है और दूसरा अभद्र (असभ्य) वीर वर्ग। सभ्य वीरों का काम होता है हमेशा धर्म के पथ पर चलना तथा नि:सहायों की सहायता करना। जबकि असभ्य वीर वर्ग सदैव अधर्म के मार्ग पर चलते हैं तथा नि:शक्तों को परेशान करते हैं। भद्र का अर्थ...
    July 18, 06:00 AM
  • श्रावण मास 13 से: शिव भक्ति और प्राकृतिक सुंदरता का संगम है ये महीना
    उज्जैन।धर्म ग्रंथों में श्रावण (सावन) मास का विशेष महत्व बताया गया है। धर्म ग्रंथों के अनुसार श्रावण का अर्थ है सुनना। इसलिए यह भी कहा जाता है इस महीने में सत्संग, प्रवचन व धर्मोपदेश सुनने से विशेष फल मिलता है। यह महीना और भी कई कारणों से विशेष है क्योंकि इस दौरान भक्ति, आराधना तथा प्रकृति के कई रंग देखने को मिलते हैं। यह महीना भगवान शंकर की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस मास में विधि पूर्वक शिव उपासना करने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। सावन में ही कई प्रमुख...
    July 11, 06:00 AM
  • जानिए, जीवन में गुरु का होना क्यों जरूरी है?
    उज्जैन।हिन्दू धर्म में आषाढ़ पूर्णिमा ( इस वर्ष 12 जुलाई, शनिवार) गुरु भक्ति को समर्पित गुरु पूर्णिमा का पवित्र दिन भी है। भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को सर्वोपरि माना है। वास्तव में यह दिन गुरु के रुप में ज्ञान की पूजा का है। गुरु का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना माता-पिता का। माता-पिता के कारण इस संसार में हमारा अस्तित्व होता है। किंतु जन्म के बाद एक सद्गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान और अनुशासन का ऐसा महत्व सिखाता है, जिससे व्यक्ति अपने सद्कर्मों और सद्विचारों से जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद...
    July 10, 11:30 AM
  • ब्रज भाषा के श्रेष्ठ कवि थे संत सूरदास, जयंती कल
    उज्जैन।संतसूरदास का नाम कृष्ण भक्त कवियों में सबसे पहले लिया जाता है। हिन्दी साहित्य में भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य उपासक और ब्रजभाषा के श्रेष्ठ कवि महात्मा सूरदास हिंदी साहित्य के सूर्य माने जाते हैं। इस बार 4 मई, रविवार को इनकी जयंती है।सूरदास का जन्म 1478 ईस्वी में रुनकता नामक गांव में हुआ। यह गाँव मथुरा-आगरा मार्ग के किनारे स्थित है। कुछ विद्वानों का मत है कि सूर का जन्म सीही नामक ग्राम में एक निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बाद में ये आगरा और मथुरा के बीच गऊघाट पर आकर रहने लगे थे।...
    May 3, 06:00 AM
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें