जीवन मंत्र
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  • क्यों खेलते हैं दिवाली की रात जुआ? जानिए इससे जुड़े कुछ रोचक किस्से
    उज्जैन। हर त्योहार के साथ कोई परंपरा जरूर जुड़ी होती है। इन परंपराओं के कुछ सकारात्मक पक्ष होते हैं वहीं कुछ नकारात्मक भी। दिवाली पर जुआ खेलना भी इस पर्व से जुड़ा एक नकारात्मक पक्ष है। कथा है कि दिवाली के दिन भगवान शिव और पार्वती ने भी जुआ खेला था, तभी से ये प्रथा दिवाली के साथ जुड़ गई है। हालांकि शिव व पार्वती द्वारा दिवाली पर जुआ खेलने का ठोस तथ्य किसी ग्रंथ में नहीं मिलता। जुआ एक ऐसा खेल है जिससे इंसान तो क्या भगवान को भी कई बार भयंकर मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। जुआ, सामाजिक बुराई होकर भी...
    01:00 AM
  • श्रीराम जब घर लौट रहे थे, दीपावाली पर अयोध्या में क्या हुआ‌?
    दीपावली की पूर्व संध्या पर शहर जगमगा उठा। लग रहा था जैसे भगवान राम के स्वागत में आरती के थाल में चांद-तारे सजाकर खड़ी हो। आगे की स्लाइड पर क्लिक करके जानिए जब श्रीराम अयोध्या पहुंचे तो और क्या हुआ...
    12:16 AM
  • श्रीराम जब घर लौट रहे थे, दीपावाली पर अयोध्या में क्या हुआ‌?
    दीपावली की पूर्व संध्या पर शहर जगमगा उठा। लग रहा था जैसे भगवान राम के स्वागत में आरती के थाल में चांद-तारे सजाकर खड़ी हो। आगे की स्लाइड में पढ़ें श्रीराम जब घर लौट रहे थे तो दीपावली, रूप चौदस और धनतेरस पर अयोध्या में और क्या हुआ...
    12:07 AM
  • दीपावली आजः जानिए मां लक्ष्मी की पूजन विधि, आरती व शुभ मुहूर्त
    उज्जैन। कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन दीपावली (इस बार 23 अक्टूबर, गुरुवार) का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवती श्रीमहालक्ष्मी एवं भगवान गणेश की नई प्रतिमाओं का प्रतिष्ठापूर्वक विशेष पूजन किया जाता है और अंत में मां लक्ष्मी की आरती की जाती है। जानिए कैसे करें मां लक्ष्मी की आरती- ये भी पढ़ें- (दीपावली पर करें राशि अनुसार ये आसान उपाय, प्रसन्न होंगी महालक्ष्मी) आरती के लिए एक थाली में स्वस्तिक आदि मांगलिक चिह्न बनाकर चावल तथा पुष्पों के आसन पर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। एक अलग थाली में कर्पूर रख कर...
    October 22, 11:22 PM
  • श्रीराम जब घर लौट रहे थे, रूप चौदस पर अयोध्या में क्या हुआ‌?
    पूरे चौदह साल बाद भगवान राम जब वनवास से लौट रहे थे, अयोध्या नगरी में उनके स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। रामचरित मानस में वर्णित इन तैयारियों के रूपांतरण का विनम्र प्रयास। 23 अक्टूबर को पढ़ेंश्रीराम जब घर लौट रहे थे, दीपावाली पर अयोध्या में क्या हुआ? आगे की स्लाइड में पढ़ें श्रीराम जब घर लौट रहे थे तो रूप चौदस और धनतेरस पर अयोध्या में और क्या हुआ...
    October 22, 01:51 PM
  • नरक चतुर्दशी आज: ये 14 नाम बोलकर करें यम तर्पण, जानिए शुभ मुहूर्त
    उज्जैन। कार्तिक मास के कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, यम चतुर्दशी व रूप चतुर्दशी कहते हैं। इस बार यह पर्व 22 अक्टूबर, बुधवार को है। इस दिन यमराज की पूजा व व्रत का विधान है। नरक चतुर्दशी से जुड़ी कई कथाएं हमारे धर्म ग्रंथों में मिलती हैं। ये भी पढ़ें- (दीपावली कलः जानिए मां लक्ष्मी की पूजन विधि, आरती व शुभ मुहूर्त ) पूजन विधि इस दिन शरीर पर तिल के तेल की मालिश करके सूर्योदय के पूर्व स्नान करने का विधान है। स्नान के दौरान अपामार्ग (एक प्रकार का पौधा) को शरीर पर स्पर्श करना चाहिए। अपामार्ग को...
    October 22, 12:11 PM
  • अयोध्या पहुंचने से पहले कहां-कहां रुके थे श्रीराम, जानिए वर्तमान स्थिति ?
    उज्जैन। 23, अक्टूबर, गुरुवार को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। दीपावली पर्व से जुड़ी कई कथाएं व किवंदतियां प्रचलित हैं। उनमें से एक कथा ये भी है कि कार्तिक अमावस्या के दिन ही भगवान श्रीराम वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्या वासियों ने पूरे नगर में दीप जलाए थे। तभी से दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। आमजन के मन में ये प्रश्न जरूर उठता है कि जब श्रीराम कार्तिक अमावस्या के दिन अयोध्या पहुंचे तो उसके दो दिन पहले वे कहां थे? इस विषय में किसी भी धर्म ग्रंथ में कोई ठोस तथ्य नहीं...
    October 22, 12:04 PM
  • यहां मिला है समुद्र मंथन का प्रमाण, जानिए 14 रत्नों में छिपा लाइफ मैनेजमेंट
    फोटो-सूरत जिले के पिंजरात गांव के पास समुद्र में स्थित पर्वत उज्जैन। देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन की कथा हम सभी जानते हैं। इस कथा के अनुसार देवता व असुरों ने नागराज वासुकि की नेती बनाकर मंदराचल पर्वत की सहायता को समुद्र को मथा था। समुद्र मंथन से ही लक्ष्मी, चंद्रमा, अप्सराएं व भगवान धन्वन्तरि अमृत लेकर निकले थे। आर्कियोलॉजी और ओशनोलॉजी डिपार्टमेंट ने सूरत जिले के पिंजरात गांव के पास समुद्र में मंदराचल पर्वत होने का दावा किया है। आर्कियोलॉजिस्ट मितुल त्रिवेदी के अनुसार...
    October 22, 11:49 AM
  • धनतेरस आज-राशि अनुसार क्या खरीदें क्या नहीं, जानिए पूजन विधि व शुभ मुहूर्त
    उज्जैन। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन से ही दीपावली पर्व का प्रारंभ हो जाता है। इस बार यह पर्व 21 अक्टूबर, मंगलवार को है। इस पर्व पर भगवान धनवंतरि की पूजन का विधान है। भगवान धन्वन्तरि की पूजन विधि इस प्रकार है- (ये भी पढ़ें-धनतेरस या दिवाली पर करें इनमें से 1 उपाय, हो सकता है धन लाभ ) (ये भी पढ़ें-21 से 25 OCT तक कर आप सकते हैं ये 70 से ज्यादा छोटे-छोटे लक्ष्मी उपाय ) इस विधि से करें भगवान धनवंतरिका पूजन धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि की विशेष पूजन-अर्चना...
    October 21, 04:31 PM
  • श्रीराम जब घर लौट रहे थे, धनतेरस पर अयोध्या में क्या हुआ‌?
    अयोध्या लौटते वक्त भगवान राम रास्ते में ऋषि-मुनियों के दर्शनों में व्यस्त थे और अयोध्या का घर-घर पूरी अयोध्या नगरी लग रहा था। चौक पुराए जा रहे थे, बंदनवार सजाए जा रहे थे। सूरज के वियोग में जैसे कुमुदनी कुम्हला जाती है, उसी तरह राम के वियोग में चौदह साल तक मुरझाए अयोध्यावासियों के चेहरे अब खिल गए थे। रामचरित मानस में वर्णित इस कथानक के रूपांतरण का विनम्र प्रयास किया हमने। 22 अक्टूबर को पढ़ेंश्रीराम जब घर लौट रहे थे, रूप चौदस पर अयोध्या में क्या हुआ? 23 अक्टूबर को पढ़ेंश्रीराम जब घर लौट रहे...
    October 21, 03:38 PM
  • आज शाम दक्षिण दिशा में ऐसे लगाएं दीपक, बच सकते हैं अकाल मृत्यु से
    उज्जैन। स्कंद पुराण के अनुसार कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी यानी धनतेरस (इस बार 21 अक्टूबर, मंगलवार) के दिन प्रदोष काल (शाम) में यमराज के निमित्त दीप और नैवेद्य समर्पित करने पर अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। यम दीपदान प्रदोषकाल यानी शाम के समय करना चाहिए। इसकी विधि इस प्रकार है- विधि मिट्टी का एक बड़ा दीपक लें और उसे स्वच्छ जल से धो लें। इसके बाद साफ रुई लेकर दो लंबी बत्तियां बना लें। उन्हें दीपक में एक-दूसरे पर आड़ी इस प्रकार रखें कि दीपक के बाहर बत्तियों के चार मुहं दिखाई दें। अब उसे तिल...
    October 21, 08:19 AM
  • गोवत्व द्वादशी आज: इस आसान विधि से करें गाय का पूजन,जानिए कथा
    उज्जैन। कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की द्वादशी गोवत्स द्वादशी के नाम से जानी जाती है। इस व्रत में भक्तिपूर्वक गाय का पूजन किया जाता है। इस बार गोवत्सद्वादशी 20 अक्टूबर, सोमवार को है। इस व्रत की विधि इस प्रकार है- व्रत विधान यह व्रत प्रदोषव्यापिनी तिथि में किया जाता है। यदि वह दो दिन हो या न हो तो वत्सपूजा व्रतश्चैव कर्तव्यौ प्रथमेहनि के अनुसार पहले दिन व्रत करना चाहिए। इस दिन किसी पवित्र सरोवर या नदी में अथवा घर पर विधिपूर्वक स्नान करके व्रत का संकल्प करना चाहिए। इस व्रत में एक समय भोजन किया...
    October 20, 10:49 AM
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