जीवन मंत्र
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  • एक समय भोजन और जमीन पर शयन, ये हैं मलमास के कठोर नियम
    उज्जैन। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य, गुरु की राशि धनु में रहता है, उस समय को खर, मल व पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इस बार खर मास का प्रारंभ 16 दिसंबर, मंगलवार से हो चुका है, जो 14 जनवरी, 2015 बुधवार को समाप्त होगा। हमारे धर्म ग्रंथों में मल मास से संबंधित अनेक नियम बताए गए हैं। उन नियमों के अनुसार जानिए मल मास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं- - धर्म ग्रंथों के अनुसार मल मास में जमीन पर सोना चाहिए। - पूरे महीने केवल एक समय (शाम) भोजन करना चाहिए और वह भी पत्तल पर।...
    08:59 AM
  • सफला एकादशी आज: जानिए संपूर्ण पूजन विधि, कथा व महत्व
    उज्जैन। पौष मास के कृष्णपक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 18 दिसंबर, गुरुवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस व्रत को करने से भगवान श्रीकृष्ण बहुत प्रसन्न होते हैं। इस व्रत की विधि इस प्रकार है- सफला एकादशी के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहन कर माथे पर चंदन लगाकर कमल अथवा वैजयंती फूल, फल, गंगा जल, पंचामृत व धूप-दीप से भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा एवं आरती करें। भगवान श्रीहरि के विभिन्न नाम-मंत्रों का उच्चारण करते हुए फलों के द्वारा उनका पूजन करें। पूरे दिन निराहार रहें,...
    07:52 AM
  • शुक्र प्रदोष कल: इस आसान विधि से करें व्रत, पूरी होगी मनोकामना
    उज्जैन। भगवान शिव अपने भक्तों को हर सुख प्रदान करते हैं। प्रत्येक मास की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथियों को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत किया जाता है। यह व्रत विभिन्न वारों के साथ संयोग कर अलग-अलग फल प्रदान करता है। इस बार 19 दिसंबर को शुक्रवार होने से शुक्र प्रदोष का योग बन रहा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार शुक्र प्रदोष व्रत करने से धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है। शुक्र प्रदोष व्रत के पालन के लिए शास्त्रोक्त विधान इस प्रकार है। किसी विद्वान ब्राह्मण से यह कार्य...
    01:00 AM
  • खर मास प्रारंभ: जानिए क्यों खास है ये महीना, क्या करें-क्या नहीं
    उज्जैन। भगवान सूर्य संपूर्ण ज्योतिष शास्त्र के अधिपति हैं। सूर्य का मेष आदि 12 राशियों पर जब संक्रमण (संचार) होता है, तब संवत्सर बनता है, जो एक वर्ष कहलाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वर्ष में दो बार जब सूर्य, गुरु की राशि धनु व मीन में संक्रमण करता है, उस समय को खर, मल व पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इस बार खर मास का प्रारंभ 16 दिसंबर, मंगलवार से हो रहा है, जो 14 जनवरी, 2015 बुधवार को समाप्त होगा। इस मास की मलमास की दृष्टि से जितनी निंदा है, पुरुषोत्तम मास की दृष्टि से...
    December 17, 01:59 PM
  • खर मास: दान-पुण्य व भगवान का पूजन करना चाहिए इस माह में
    उज्जैन। धर्मग्रंथों के अनुसार खर (मल) मास को भगवान पुरुषोत्तम ने अपना नाम दिया है। इसलिए इस मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास में भगवान की आराधना करने का विशेष महत्व है। इस बार खर मास का प्रारंभ 16 दिसंबर, मंगलवार से हो चुका है। धर्मग्रंथों के अनुसार इस मास में प्रात:काल सूर्योदय पूर्व उठकर शौच, स्नान, संध्या आदि अपने-अपने अधिकार के अनुसार नित्यकर्म करके भगवान का स्मरण करना चाहिए और पुरुषोत्तम मास के नियम ग्रहण करने चाहिए। पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत का पाठ करना महान पुण्यदायक...
    December 17, 01:58 PM
  • हनुमान अष्टमी 14 को: विपरीत स्थिति में कैसे पाएं सफलता, सीखें सुंदरकांड से
    उज्जैन। पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 14 दिसंबर, रविवार को है। इस पर्व पर अनेक स्थानों पर सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। कहते हैं सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन में सफलता के नए मार्ग खुल जाते हैं। आखिर सुंदरकांड में ऐसा क्या है जो इसका पाठ करने से जीवन को एक नई दिशा मिल जाती है, जानिए- सुंदरकांड श्रीरामचरितमानस का पांचवां अध्याय है। यह श्रीरामचरितमानस का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला भाग हैं क्योंकि इसमें हनुमानजी के बल, बुद्धि, पराक्रम व...
    December 11, 12:46 PM
  • अंगारक चतुर्थी आज, इस विधि से करें भगवान श्रीगणेश का पूजन
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश के निमित्त गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है। यदि गणेश चतुर्थी का यह व्रत मंगलवार को आता है, तो इसे अंगारक गणेश चतुर्थी कहते हैं। इस बार ये व्रत 9 दिसंबर, मंगलवार को है। इस दिन भगवान श्रीगणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाए तो हर मनोकामना पूरी हो जाती है। गणेश चतुर्थी का व्रत इस विधि से करें- - सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि काम जल्दी ही निपटा लें। दोपहर के समय अपने सामथ्र्य के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल...
    December 9, 12:03 PM
  • यहां मिला है समुद्र मंथन का पर्वत, इस पर दिखाई देती है नाग की आकृति
    फोटो-सूरत जिले के पिंजरात गांव के पास समुद्र में स्थित पर्वत (11 दिसंबर, गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय माउंटेन डे है। इस अवसर पर हम आपको बता रहे हैं धर्म ग्रंथों में वर्णित मंदराचल पर्वत के बारे में, जिससे समुद्र मंथन किया गया था।) उज्जैन। देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन की कथा हम सभी जानते हैं। इस कथा के अनुसार देवता व असुरों ने नागराज वासुकि की नेती बनाकर मंदराचल पर्वत की सहायता को समुद्र को मथा था। समुद्र मंथन से ही लक्ष्मी, चंद्रमा, अप्सराएं व भगवान धन्वन्तरि अमृत लेकर निकले थे।...
    December 8, 05:06 PM
  • पौष मास प्रारंभ, इस महीने करें भगवान सूर्य की आराधना
    उज्जैन। सूर्य सौर मंडल का आधार है। हमारे धर्म ग्रंथों में भी सूर्य को प्रधान देवता माना गया है। पुराणों में आए उल्लेख के अनुसार प्रत्येक माह में सूर्य के एक विशिष्ट रूप की पूजा की जाती है, जिससे हर मनोकामना पूरी होती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार पौष मास में भग नामक सूर्य की उपासना करनी चाहिए। इस बार पौष मास का प्रारंभ 7 दिसंबर, रविवार से हो रहा है, जो 5 जनवरी, सोमवार तक रहेगा। ऐसी मान्यता है कि पौष मास में भगवान भास्कर ग्यारह हजार किरणों के साथ तपकर सर्दी से राहत देते हैं। इनका वर्ण रक्त के समान है।...
    December 8, 11:09 AM
  • आने वाले 30 दिनों से जानिए, 2015 में कैसी होगी बारिश
    उज्जैन। हिंदू धर्म में पौष मास को बहुत ही पुण्यदायी माना गया है। अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार इस बार पौष मास 7 दिसंबर 2014, रविवार से शुरू होकर 5 जनवरी 2015, सोमवार तक रहेगा। इन 30 दिनों में होने वाले मौसम परिवर्तन तथा ज्योतिषिय योगों के आधार पर आगामी वर्ष में होने वाली बारिश का संभावित अनुमान लगाया जा सकता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। मयूर चित्रम् के अनुसार- कुद्वत्तासुत्रितिथिषु पौषे गर्भ: प्रजापते। तदा सुभिक्षमारोग्यं श्रावण्यां वारिवर्षणम्।। पौष मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी...
    December 7, 01:00 AM
  • दत्त जयंती आज: इस दिन व्रत करने से पूरी होती हैं कामनाएं, ये है पूजन विधि
    उज्जैन। मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को भगवान दत्तात्रेय की जयंती का पर्व मनाया जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान दत्तात्रेय का जन्म हुआ था। इस बार यह पर्व 6 दिसंबर, शनिवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार दत्तात्रेय भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। इनका जन्म मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को प्रदोषकाल में हुआ था। ऐसी मान्यता है कि भक्त के स्मरण करते ही भगवान दत्तात्रेय उसकी हर समस्या का निदान कर देते हैं इसलिए इन्हें स्मृतिगामी व स्मृतिमात्रानुगन्ता कहा जाता है। श्रीमद्भागवत आदि...
    December 6, 08:29 AM
  • दत्त जयंती 6 को, भगवान विष्णु के अवतार हैं दत्तात्रेय
    उज्जैन। मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को दत्तात्रेय जयंती का पर्व मनाया जाता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान दत्त का अवतार हुआ था। दत्तात्रेय को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इस बार दत्तात्रेय जयंती 6 दिसंबर, शनिवार को है। भगवान दत्तात्रेय के जन्म की कथा इस प्रकार है- एक बार माता लक्ष्मी, पार्वती व सरस्वती को अपने पातिव्रत्य पर अत्यंत गर्व हो गया। भगवान ने इनका अंहकार नष्ट करने के लिए लीला रची। उसके अनुसार एक दिन नारदजी घूमते-घूमते देवलोक पहुंचे और तीनों देवियों को बारी-बारी...
    December 4, 01:00 AM
  • हर परेशानी का हल है इस ग्रंथ में, याद रखें गीता के ये 9 सूत्र
    उज्जैन। धर्म ग्रंथों के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इसलिए प्रतिवर्ष इस तिथि को गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। गीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसकी जयंती मनाई जाती है। गीता दुनिया के उन चंद ग्रंथों में शुमार है, जो आज भी सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे हैं और जीवन के हर पहलू को गीता से जोड़कर व्याख्या की जा रही है।इसके 18 अध्यायों के करीब 700 श्लोकों में हर उस समस्या का समाधान है जो कभी ना कभी हर इंसान के सामने आती हैं। आज हम आपको...
    December 3, 08:42 AM
  • गुरु प्रदोष कल, ये है इस व्रत की संपूर्ण पूजन विधि व महत्व
    उज्जैन। धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रत्येक मास की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव के निमित्त प्रदोष व्रत किया जाता है। यह तिथि जिस दिन पड़ती है, उस वार के साथ संयोग कर इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। पंचांग के अनुसार इस बार 4 दिसंबर, गुरुवार के दिन प्रदोष होने से गुरु प्रदोष का योग बन रहा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार गुरु प्रदोष व्रत करने से शत्रुओं का विनाश हो जाता है। इस व्रत की विधि इस प्रकार है- - प्रदोष व्रत में बिना जल पीए व्रत रखना होता है। सुबह स्नान करके भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व...
    December 3, 06:00 AM
  • आज इस आसान विधि से करें मोक्षदा एकादशी का व्रत, जानिए महत्व
    उज्जैन। मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के निमित्त व्रत किया जाता है। इस बार मोक्षदा एकादशी 2 दिसंबर, मंगलवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था, जो मोक्ष प्रदान करता है। इसी कारण इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं। इसकी विधि इस प्रकार है- व्रत विधि मोक्षदा एकादशी (2 दिसंबर, मंगलवार) के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले व्रत का संकल्प करें। इसके पश्चात शौच आदि...
    December 2, 08:15 AM
  • गीता जयंती आज, जन्म-मरण से मुक्ति दिलाता है ये ग्रंथ
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 2 दिसंबर, मंगलवार को है। एक-दूसरे के प्राणों के प्यासे कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध शुरू होने से पहले योगिराज भगवान श्रीकृष्ण ने 18 अक्षौहिणी सेना के बीच मोह में फंसे और कर्म से विमुख अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को छंद रूप में यानी गाकर उपदेश दिया, इसलिए इसे गीता कहते हैं। चूंकि उपदेश देने वाले स्वयं भगवान थे, अत: इस ग्रंथ का नाम भगवद्गीता पड़ा।...
    December 2, 01:00 AM
  • संवत् 1633 में आज ही पूरी हुई थी श्रीरामचरितमानस, जानिए खास बातें
    उज्जैन।वैसे तो भगवान श्रीराम के जीवन का वर्णन अनेक ग्रंथों में मिलता है, लेकिन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी गई श्रीरामचरितमानस उन सभी ग्रंथों में अतुलनीय है। धर्म ग्रंथों के अनुसार संवत् 1633 के अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को गोस्वामी तुलसीदास ने ये ग्रंथ संपूर्ण किया था। आज ( 27 नवंबर, गुरुवार) वही तिथि है। इस अवसर पर हम आपको गोस्वामी तुलसीदास तथा श्रीरामचरितमानस के संबंंध में कुछ रोचक बातें बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं- 1- गोस्वामी तुलसीदास का जन्म संवत् 1554 में हुआ था। जन्म लेने के...
    November 27, 08:28 AM
  • विनायकी चतुर्थी व्रत आज, जानिए कैसे करें भगवान श्रीगणेश का पूजन
    उज्जैन। भगवान श्रीगणेश सभी दु:खों को हरने वाले हैं। इनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को व्रत किया जाता है, इसे विनायकी चतुर्थी व्रत कहते हैं। इस बार यह व्रत 26 नवंबर, बुधवार को है। विनायकी चतुर्थी का व्रत इस प्रकार करें- - सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि काम जल्दी ही निपटा लें। - दोपहर के समय अपने सामथ्र्य के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित करें। - संकल्प मंत्र के बाद...
    November 26, 11:02 AM
  • पहली बार श्रीराम ने कहां देखा था सीता को, जानिए कैसे हुआ था विवाह
    उज्जैन। धर्म ग्रंथों के अनुसार अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान श्रीराम व सीता का विवाह हुआ था। इसीलिए इस दिन विवाह पंचमी का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 27 नवंबर, गुरुवार को है। इस अवसर पर हम आपको बता रहे हैं श्रीरामचरित मानस के अनुसार श्रीराम ने सीता को पहली कहां और कब देखा था तथा श्रीराम-सीता विवाह का संपूर्ण प्रसंग, जो इस प्रकार है- - जब श्रीराम व लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ जनकपुरी पहुंचे तो राजा जनक सभी को आदरपूर्वक अपने साथ महल लेकर आए। अगले दिन सुबह...
    November 26, 09:02 AM
  • शनिश्चरी अमावस्या आज, जानिए शनिदेव की पूजन विधि व रोचक बातें
    उज्जैन। आज (22 नवंबर) शनिश्चरी अमावस्या है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति इस दिन भगवान शनिदेव के निमित्त व्रत रखता है तथा पूजन करता है, शनिदेव उसका कल्याण करते हैं। शनिदेव की पूजन विधि इस प्रकार है- पूजन विधि - शनिश्चरी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी स्नान आदि से निवृत्त होकर सबसे पहले अपने इष्टदेव, गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लें। सूर्य आदि नवग्रहों को नमस्कार करते हुए श्रीगणेश भगवान का पंचोपचार (स्नान, वस्त्र, चंदन, फूल, धूप-दीप) पूजन करें। - इसके बाद लोहे का एक कलश लें और उसे सरसों या...
    November 22, 08:32 AM
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