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  • ये हैं देवताओं के इंजीनियर, इनके पुत्र ने  बनाया था रामसेतु
    (इनसेट से लिया गया रामसेतु का फोटो) उज्जैन। हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की मान्यता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रत्येक देवी व देवता के लिए एक कार्य विशेष निश्चित किया गया है जैसे- पवनदेव का कार्य है वायु प्रवाहित करना तथा इंद्रदेव का कार्य है समय पर बारिश करना। इसी प्रकार भगवान विश्वकर्मा को निर्माण व सृजन का देवता माना गया है। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी भी कहा जाता है। अगर कहा जाए तो विश्वकर्मा दुनिया के पहले इंजीनियर थे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। ग्रंथों के अनुसार...
    12:36 PM
  • इंदिरा एकादशी कल, ये व्रत करने से पितरों को मिलता है स्वर्ग
    उज्जैन। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान शालिग्राम की पूजा की जाती है व उनके निमित्त व्रत किया जाता है। इस व्रत को करने से मनुष्य सब पापों से छूट जाता है और वैकुंठ को प्राप्त होता है व उसके पितरों को भी स्वर्ग में स्थान मिलता है। इस बार यह एकादशी कल (19 सितंबर, शुक्रवार) है। इंदिरा एकादशी व्रत की विधि इस प्रकार है- व्रत विधि एकादशी तिथि से एक दिन पूर्व यानी दशमी तिथि के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद दोपहर के समय दोबारा किसी...
    06:00 AM
  • नहीं कर सकते श्राद्ध तो करें ये 5 काम, बच जाएंगे पितरों के क्रोध से
    उज्जैन। इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार विधि-विधान पूर्वक श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। वर्तमान समय में देखा जाए तो विधिपूर्वक श्राद्ध कर्म करने में धन की आवश्यकता होती है। धन के अभाव में विधिपूर्वक श्राद्ध नहीं किया जा सकता। पुराणों के अनुसार ऐसी अवस्था में पितरों के निमित्त श्रद्धा व्यक्त कर कुछ साधारण उपाय करने से भी पितर तृप्त हो जाते हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं- 1- अगर श्राद्ध करने वाले की साधारण आय हो तो वह पितरों के श्राद्ध में केवल एक...
    01:00 AM
  • महालक्ष्मी व्रत आज, जानिए क्या काम करने से रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस दिन हाथी पर सवार मां लक्ष्मी का पूजन करने का विधान है। इस बार ये व्रत 16 सितंबर, मंगलवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार ये दिन लक्ष्मी कृपा पाने के लिए बहुत ही शुभ है क्योंकि इस दिन किए गए उपाय, टोटके आदि का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार वैसे तो मां लक्ष्मी अपने भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखती हैं, लेकिन कुछ कार्य विशेष करने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं। आज महालक्ष्मी व्रत के अवसर...
    September 16, 01:12 PM
  • महालक्ष्मी व्रत आज, जानिए पूजन विधि व 8 साधारण उपाय
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि को महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस दिन महिलाएं हाथी पर विराजित मां लक्ष्मी की पूजा करती हैं। इस बार ये व्रत 16 सितंबर, मंगलवार को है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा इस विधि से करना चाहिए- - शाम के समय शुद्धता पूर्वक घर के देवालय में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर केसर मिले चन्दन से अष्ट दल बनाकर व चावल रख जल कलश रखें। कलश के पास हल्दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें। - मिट्टी का हाथी बाजार से लाकर या घर में बना कर उसे...
    September 16, 06:50 AM
  • जीवित्पुत्रिका व्रत आज, जानिए संपूर्ण विधि व रोचक कथाएं
    उज्जैन। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पुत्र की लंबी आयु व उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए जीवित्पुत्रिका व्रत किया जाता है। इसे जिऊतिया व जीमूतवाहन व्रत भी कहते हैं। इस बार यह व्रत 16 सितंबर, मंगलवार को है। इस व्रत की विधि इस प्रकार है- व्रत विधि पवित्र होकर संकल्प के साथ व्रती (व्रत करने वाला) प्रदोष काल (शाम को) में गाय के गोबर से अपने आंगन को लीपे और वहीं एक छोटा सा तालाब भी बना लें। तालाब के निकट पाकड़ (एक प्रकार का पेड़) की डाल लाकर खड़ी कर दें। शालिवाहन राजा के पुत्र जीमूतवाहन की...
    September 16, 06:00 AM
  • जानिए तर्पण व श्राद्ध के लिए कौन सा समय है सबसे श्रेष्ठ?
    उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास का पहला पखवाड़ा यानी 15 दिन पितरों की पूजा के लिए नियत हैं। इस अवधि में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, पिंडदान व तर्पण करने का विशेष महत्व है। किंतु पूर्वजों के लिए किए जाने वाले श्राद्ध शास्त्रों में बताए गए उचित समय पर करना ही फलदायी होता है। जानते हैं शास्त्रों में बताया गया तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए श्रेष्ठ समय क्या है- पितृ शांति के लिए तर्पण का श्रेष्ठ समय संगव काल यानी सुबह 8 से लेकर 11 बजे तक माना जाता है। इस दौरान किया गया जल से तर्पण...
    September 14, 06:00 AM
  • श्राद्ध में न करें तेल मालिश और न खाएं पान, इन बातों का रखें खास ध्यान
    उज्जैन। इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है, जिसका समापन 23 सितंबर को होगा। श्राद्ध पक्ष में पितरों यानी पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान आदि कर्म किए जाते हैं। हमारे धर्म शास्त्रों में श्राद्ध पक्ष के लिए कई नियम भी बताए गए हैं। इन नियमों में कुछ बातों का निषेध बताया गया है, वहीं कुछ बातें जरूरी बताई गई हैं। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों का पालन करने से पितर हमसे संतुष्ट होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। इसलिए पितरों को प्रसन्न रखने के लिए इन नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। ये नियम...
    September 12, 03:32 PM
  • आज इस विधि से करें गणेश चतुर्थी व्रत, मनोकामना पूरी करेंगे गौरीपुत्र
    उज्जैन।हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश के निमित्त गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है। इस बार ये व्रत 12 सितंबर, शुक्रवार को है। इस दिन भगवान श्रीगणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाए तो हर मनोकामना पूरी हो जाती है। गणेश चतुर्थी का व्रत इस विधि से करें- - सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि काम जल्दी ही निपटा लें। - दोपहर के समय अपने सामथ्र्य के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। - संकल्प मंत्र के बाद...
    September 12, 11:05 AM
  • श्राद्ध में गाय, तिल व घी दान करने से क्या फल मिलता है, जानिए
    उज्जैन। पितृ पक्ष के सोलह दिनों में श्राद्ध, तर्पण, पिण्ड दान आदि कर्म कर पितरों को प्रसन्न किया जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में दान का भी बहुत महत्व है। मान्यता है कि दान से पितरों की आत्मा को संतुष्टि मिलती है और पितृ दोष भी खत्म हो जाते हैं। श्राद्ध में गाय, तिल, भूमि, नमक, घी आदि दान करने की परंपरा है। इन सभी वस्तुओं को दान करने से अलग-अलग फल प्राप्त होते हैं। धर्म ग्रंथों में श्राद्ध में दान की गई वस्तु से मिलने वाले फलों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है, लेकिन बहुत कम...
    September 10, 01:09 PM
  • छोटी उम्र में गृहस्थी से जुड़े जीवन प्रबंधन सूत्र बताता है संजा पर्व
    उज्जैन। हमारा देश भारत रीति-रिवाजों व परंपराओं का देश है। यहां प्रत्येक त्योहार के साथ कई परंपराएं व रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। इन परंपराओं व रीति-रिवाजों के पीछे कहीं न कहीं जीवन प्रबंधन से जुड़ा कोई संदेश अवश्य जुड़ा होता है। इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है। श्राद्ध पक्ष से जुड़ी एक परंपरा भी है, जिसे हमें संजा पर्व या साँझी उत्सव के नाम से जानते हैं। संजा पर्व मुख्य तौर पर मालवा, निमाड़, राजस्थान, गुजरात आदि स्थानों पर प्रचलित है। संजा पर्व में श्राद्ध के सोलह ही दिन(भाद्रपद पूर्णिमा...
    September 10, 06:00 AM
  • श्राद्ध करते समय ध्यान रखें ये 26 बातें, नहीं तो रूठ सकते हैं पितृ
    उज्जैन। धर्म ग्रंथों के अनुसार श्राद्ध के सोलह दिनों में लोग अपने पितरों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्युतिथि पर श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि पितरों का ऋण श्राद्ध द्वारा चुकाया जाता है। वर्ष के किसी भी मास तथा तिथि में स्वर्गवासी हुए पितरों के लिए पितृपक्ष की उसी तिथि को श्राद्ध किया जाता है। श्राद्ध से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। मगर ये बातें श्राद्ध करने से पूर्व जान लेना बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार विधिपूर्वक श्राद्ध न करने से पितृ श्राप भी दे देते हैं। आज हम...
    September 9, 02:49 PM
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