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  • जानिए सफलता के शिखर पर पहुंचाने वाले 2 खास उपाय
    उज्जैन। किसी इंसान का सफलता के शिखर पर पहुंचना दो रास्तों से गुजरकर ही संभव हो पाता है। पहला- अनुभव और दूसरा ज्ञान। कामयाबी के लिए दोनों ही रास्ते बेहतर हैं। इनमें से पहले रास्ते से हर व्यक्ति को गुजरना ही पड़ता है, लेकिन जो व्यक्ति जल्द से जल्द सफलता की चाहत रखता है, उसके लिए दूसरा रास्ता अपनाना भी अहम हो जाता है, चूंकिज्ञान और अनुभव के जरिए सपनों को जल्दी पूरा करना आसान होता है, इसलिए यहां धर्मशास्त्रों के नजरिए से जानिए कि सफलता व तरक्की के लिए कौन-सा रास्ता किस तरह बेहतर साबित हो सकता है-...
    03:08 PM
  • खुशहाली व तरक्की के लिए स्त्री इन खास बातों का भी रखे ध्यान
    उज्जैन। आज की तेज रफ्तार के जीवन में जरूरतों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए घर से बाहर निकल कामकाजी दुनियां में स्त्रियों ने भी पुरूषों के बराबर तरक्की और सम्मान पाया है। दूसरी ओर भौतिक सुख-सुविधाओं की चकाचौंध से स्त्री-पुरूष दोनों प्रभावित भी हैं। इन स्थितियों से पैदा हो रही प्रतियोगिता की भावना से कई अवसरों पर स्त्री-पुरूष के संबंधों में मर्यादाएं और गरिमा टूटने से समाज में कलह और अशांति भी नजर आती है। खास तौर पर स्त्रियों के साथ होने वाले अपराध स्त्री के सम्मान को ही नहीं, पूरे समाज...
    April 22, 07:47 PM
  • इन 7 कामों से कई पीढ़ियों तक बनी रहती हैं महालक्ष्मी कृपा
    उज्जैन। इंसान केवल व्यक्तिगत गुणों या चरित्र से ही सम्मान नहीं पाता, बल्कि परिवार या कुटुंब की भी उसके नाम या पहचान बनाने में अहम भूमिका होती है। जहां इंसान की कामयाबी कुटुंब का गौरव बढ़ाती है, वहीं शांत और सुखी परिवार इंसान की प्रतिष्ठा का कारण बनता है। यही वजह है कि सामाजिक जीवन में हर इंसान की चाहत होती है कि वह कुछ ऐसा कर गुजरे, जिससे उसके साथ आने वाली पीढ़ियां भी खुशहाल व वैभवशाली जीवन का लुत्फ उठाए यानी कुटुंब पर लक्ष्मी की कृपा बनी रहे। यह कामना मात्र सोचने से पूरी नहीं होती, बल्कि...
    April 21, 04:00 AM
  • जानिए शास्त्रों के वे 3 उपाय, जिनसे स्त्री व धन हमेशा रहता है सुरक्षित
    उज्जैन। धन व कई रूपों में स्त्री किसी भी पुरूष की ज़िंदगी का अटूट व अहम हिस्सा होते हैं। स्त्री मात्र पत्नी के रूप में ही नहीं, बल्कि मां, बहन और पुत्री के अलावा अन्य रिश्तों के रूप में भी पुरूष की जिंदगी को बेहतर, सफल व सार्थक बनाने में योगदान देती है। इसी तरह धन भी स्त्री हो या पुरूष व्यक्तिगत रूप से सुख और सुविधा के साथ ही सामाजिक रूप से मान-सम्मान देने वाला होता है। शास्त्रों के मुताबिक भी अर्थ (धन, संपत्ति, स्त्री) के बिना अन्य पुरुषार्थों (धर्म, काम व मोक्ष) को पाने का लक्ष्य भी मुश्किल हो जाता...
    April 20, 04:00 AM
  • कैसे भक्ति से पाएं अद्भुत शक्ति, जानिए स्वयं हनुमानजी का बताया रहस्य
    उज्जैन। इंसान ज़िंदगी को सुकूनभरा बनाने के लिए हर दिन जूझता है। हालांकि, यह भी सच है कि सुख और दु:ख से भरे ज़िंदगी के सफर को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए गुण, योग्यता, विचार और शक्तियां अहम होती हैं, लेकिन सुरक्षित रहने और दु:खों से परे रहने की सोच और उतावलापन कई मौकों पर इंसान को सुकून के बजाए ज्यादा चिंता में डूबो देता है। धर्मशास्त्रों में ऐसे ही दु:खों और चिंता से परे जीवन के लिए ऐसे सूत्र बताए गए हैं, जिनमें समाए अर्थ को गंभीरता से समझा जाए तो वह जीवन में संतुलन लाने के साथ तमाम मुश्किलों से...
    April 19, 04:57 PM
  • अध्यात्म से जुड़े उपाय करने से होते हैं क्या खास फायदे, इन संकेतों से जानिए
    उज्जैन। दैनिक जीवन में धर्म-कर्म के दौरान अक्सर यह भी नजर आता है कि कई लोग धार्मिक या आध्यात्मिक होने का मतलब धार्मिक क्षेत्र, ज्ञान या विषयों से जुड़े किसी खास इंसान से जोड़कर ही निकालते हैं। जबकि शास्त्रों के मुताबिक सांसारिक जीवन में अगर कोई व्यक्ति अध्यात्म की ओर बढ़ता है, तब उसे किसी बाहरी दिखावे या बनावटी बातों की जरूरत नहीं होती, क्योंकि अध्यात्म का संबंध आत्मा से होता है। इसलिए इसका असर भलाई, भद्रता और विनम्रता के रूप में बाहर दिखाई देता है। जरूरी नहीं कि ऐसा इंसान धार्मिक कर्मकांड या...
    April 18, 05:27 PM
  • बिना पूजा-पाठ इन कामों से बदहाल भी हो जाता है खुशहाल
    उज्जैन। 16 अप्रैल से शुरू हिन्दू पंचांग का दूसरा महीना वैशाख हमें सरलता और परोपकार की भावना से जीना सिखाता है। इसकी धर्म परंपराएं संवदेनाओं से भी भरी हुई हैं। स्कंदपुराण में देवर्षि नारद ने वैशाख माह का महत्व बताया कि विद्याओं में वेद श्रेष्ठ है, मंत्रों में प्रणव, वृक्षों में कल्पवृक्ष, गायों में कामधेनु, देवताओं में विष्णु, वर्णों में ब्राह्मण, वस्तुओं में प्राण, नदियों में गंगा, तेजों में सूर्य, अस्त्र-शस्त्रों में चक्र, धातुओं में स्वर्ण, वैष्णवों में शिव तथा रत्नों में कौस्तुभ मणि...
    April 17, 05:52 PM
  • चरित्र व व्यक्तित्व को निखारने के लिए जानिए 3 खास उपाय
    उज्जैन। विश्वास व प्रेम का अटूट संबंध है। ये जीवन में हर रिश्ते की बुनियाद होते हैं, किंतु अक्सर कई लोग काम, क्रोध, दंभ, लोभ, मोह या ईर्ष्या जैसे स्वाभाविक दोषों के कारण अपने परिजन, मित्र या करीबी लोगों का भी भरोसा वचन, कर्म या व्यवहार से तोड़ते नजर जाते हैं। ऐसा करना आखिरकार रिश्तों में अनचाहे कलह के साथ कमजोर आत्मविश्वास का कारण भी बनता है। अस्थिर, असफल व अशांत करने वाली इन बातों से कैसे बचें, यहां जानिए- शास्त्रों के नजरिए से चरित्र व आत्मबल ही ऐसी शक्ति हैं, जो जीवन में किसी भी मुश्किल हालात से...
    April 17, 04:00 AM
  • क्या करें कि दिन-ब-दिन हो तरक्की, हनुमानजी की इस खास बात से सीखें
    उज्जैन। सनातन धर्म में हनुमानजी ऐसे भक्त के रूप में भी पूजनीय है, जिनकी भक्ति सर्वश्रेष्ठ, विलक्षण और अतुलनीय है। इससे वह भक्त शिरोमणि भी पुकारे जाते हैं। हालांकि, युग-युगान्तर से धर्मशास्त्रों में कई भक्त और उनकी ईश भक्ति के कई रूपों की अपार महिमा बताई गई है, किंतु श्रीहनुमान की रामभक्ति की एक खासियत उनको श्रेष्ठ व सर्वोपरि बनाती है। साथ ही श्रीराम-हनुमान के रिश्तों में हनुमानजी की एक खास खूबी किसी भी व्यक्ति को असाधारण व खास व्यक्तित्व का स्वामी बना सकती है। जानिए कौन-सा है राम-हनुमान...
    April 15, 05:11 PM
  • पहाड़-सी मुसीबतें हों या बुरे लोग, जानिए इनसे पार पाने का महाभारत का सूत्र
    उज्जैन। इंसान सामाजिक प्राणी माना जाता है। धर्मगंथों में इंसान को अनुशासन और संयम से जीवन गुजारने के लिए नियत की गई आचरण और व्यवहार की मर्यादाओं के पीछे यह भी एक वजह है, किंतु हर इंसान इनका पालन नहीं करता। बस, यही बात आपसी टकराव, संघर्ष और कलह को पैदा करती है, जिससे जीवन में मनचाहे नतीजे व लक्ष्य को पाना काफ़ी मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति परिवार, समाज, कार्यक्षेत्र में बड़े या छोटे स्तर पर अक्सर नजर आती है। ऐसे हालात व बुरे लोगों का सामना करने व पार पाने के लिए ही हिन्दू धर्म शास्त्रों में बताए...
    April 14, 10:23 AM
  • क्या करने से आसानी से मिलते हैं सुख? गीता के इस सूत्र में है हर सवाल का जवाब
    उज्जैन। ईश्वर में विश्वास करने वाले अक्सर देव पूजा के लिए देवालय जाते हैं, जहां वे देव उपासना के लिए मंत्र स्मरण या देव स्तुति भी करते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो ईश्वर में विश्वास नहीं करते, जिनको नास्तिक भी पुकारा जाता है। हालांकि, सनातन धर्म में वेद विरोधियों को भी नास्तिक कहा गया है। वहीं, ईश्वर में विश्वास करने वाले कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो सांसारिक जीवन से जुड़े कई कार्यों की व्यस्तता के चलते देव आराधना का समय ही निकाल नहीं पाते। तमाम पुरुषार्थ के बाद भी जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के...
    April 13, 06:31 PM
  • ये बातें रखें ध्यान तो दया, दुःख नहीं सुख व सफलता ही देगी
    उज्जैन। आज के रफ्तारभरे दौर में अक्सर नजर आता है कि कई लोगों की बेकाबू लालसा या इच्छाएं उनकी अशांत और असफल जिंदगी की वजह बन जाती है। शास्त्रों के नजरिए से ऐसे भटकाव से परे रहने का बेहतर सूत्र या शक्ति दया भाव भी है। जबकि व्यावहारिक जीवन में आगे बढ़ने की होड़ में अक्सर दया भाव को ही परे रख स्वार्थसिद्धि ही लक्ष्य मान लिया जाता है। जीवन में दया की अहमियत उजागर करती धर्मशास्त्रों की बातों पर गौर करें, तो अहं और कटुता से दूर रहकर भी दया या रहम को भी सफलता का ऊंचा मुकाम पाने का अहम जरिया बनाया जा सकता...
    April 13, 04:02 AM
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