जीवन मंत्र
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  • उज्जैन।यूं तो शिवजी और पार्वतीजी से जुड़ी अनेक रोचक कथाएं हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां सती के यज्ञ में आहूत हो जाने के बाद शिव व पार्वती का मिलन कैसे हुआ और क्यों व कब से उन्हें महाकाली कहा जाने लगा। यदि नहीं तो आइए आज आपको बताते हैं देवी पुराण का एक रोचक किस्सा कि कैसे पार्वती को मिला महाकाली नाम व क्यों हैं वे शव वाहना..... देवी पुराण के अनुसार एक समय की बात है। हिमालय और उनकी पत्नी मेना ने त्रिलोक की माता सनातनी दुर्गा की तपस्या कर उन्हें पुत्री रूप में प्राप्त करने की कामना की। उन दोनों...
    05:07 PM
  • एक सुंदर रानी की कहानी, जिसके  इस धोखे ने पति को बना दिया साधु
    उज्जैन।उज्जैन के प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य के भाई का नाम राजा भतृहरी था।किसी समय में राजा भर्तृहरि बहुत ज्ञानी राजा थे,लेकिन वेदो पत्नियां होने के बावजूद भी पिंगला नाम कीअति सुंदर राजकुमारी पर मोहित गए। राजा ने पिंगला को तीसरी पत्नी बनाया। पिंगला के रूप-रंग पर आसक्त राजा विलासी हो गए। वे पिंगला के मोह में उसकी हर बात को मानते और उसके इशारों पर काम करने लगे।पिंगला इसका फायदा उठाकर व्यभिचारिणी हो गई। वह घुड़साल के रखवाले से ही प्रेम करने लगी। उस पर मोहित राजा इस बात और पिंगला के बनावटी...
    03:56 PM
  • हनुमानजी से सीखिए, कम समय और मेहनत में कैसे पाएं ज्यादा परिणाम
    उज्जैन।आज का दौर कम समय में अधिक काम करने का है, बिना ज्यादा थके अधिकतम परिणाम पाने की प्रतिस्पर्धा है। टाइम मैनेजमेंट आज के दौर की सबसे बड़ी मांग है। किसी भी कर्मचारी से कंपनी तभी खुश है, जब वह कम प्रयासों और न्यूनतम समय में अधिकतम परिणाम देता है। सुंदरकांड में प्रसंग आता है कि हनुमानजी जैसे ही लंका के लिए चले, सबसे पहले उड़ते हुए आंजनेय के सामने सुरसा नामक राक्षसी सामने आती है। इन्हें खाने के लिए उस राक्षसी ने अपना मुंह बड़ा करके खोला तो इन्होंने भी अपने रूप को बड़ा कर लिया। फिर छोटे बनकर...
    01:24 PM
  • स्त्री हो या पुरुष ये काम किसी 5 काम को भी नहीं करना चाहिए
    उज्जैन।जो भी पाप कर्म करता है। वह अपने स्वार्थ के लिए पाप कर तो लेता है, लेकिन इंसान को बुरे कर्मों का अहसास तब होता है, जब उसका बुरा असर व्यक्तिगत जीवन के साथ परिवार में संस्कारहीनता और समाज में अशांति के रूप में सामने आता है। फिर भी कई लोग गलत को भी सही साबित करने के लिए छटपटाते हैं, लेकिन उनका ऐसा प्रयास भी अपयश को टाल नहीं पाता। हिन्दू धर्मग्रंथ गरुड़पुराण में अपयश से बचकर मान-सम्मान, यशस्वी, सुखी और समृद्ध जीवन जीने के लिए ही व्यावहारिक जीवन में ऐसे 5 कामों से बचने को कहा गया है। जिनसे आखिरकार...
    December 17, 05:38 PM
  • क्या आप जानते हैं कलियुग में कहां रहते हैं हनुमानजी
    उज्जैन। ​श्रीहनुमानश्रीराम-भक्तों के परमधार, रक्षक और श्रीराम-मिलन के अग्रदूत हैं।रुद्र अवतारश्रीहनुमान का बल, पराक्रम, ऊर्जा, बुद्धि, सेवा व भक्ति के अद्भुत व विलक्षण गुणों से भरा चरित्र सांसारिक जीवन के लिए आदर्श माना जाता हैं। यही वजह है कि शास्त्रों में श्रीहनुमान को सकलगुणनिधान भी कहा गया है। हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक श्रीहनुमान 8 चिरंजीवी, सरल शब्दों में कहें तो अमर व दिव्य चरित्रों में एक है। हनुमान उपासना के महापाठ श्रीहनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने भी लिखा...
    December 17, 02:19 PM
  • गरुड़ पुराण के ये खास सूत्र, बदल सकते हैं किसी का भी जीवन
    उज्जैन। हर इंसान के स्वभाव व व्यवहार में गुण या दोष होते हैं, लेकिन वह अपने दोषों को नजरअंदाज कर दूसरों की कमियां ढूंढने की कवायद में लगा रहता है। कलह, संताप, आरोप-प्रत्यारोप के जाल में अपने जीवन को उलझाकर कुंठा या निराशा का शिकार होता है। यही वजह है कि रोजमर्रा की जिंदगी में उठते-बैठते अक्सर किसी भी रूप में कभी अपनी खामियां दूसरों का जीवन, तो कभी दूसरों की कमियां हमारी जिंदगी पर बुरा असर डालती हैं। ऐसी स्थितियां किसी भी इंसान को विवेकहीन बनाती हैं, यानी सही-गलत की समझ से दूर कर सकती हैं। जीवन...
    December 16, 02:19 PM
  • गौतम बुद्ध के वे 'कथन' जो किसी हारे हुए इंसान को भी सफल बना सकते हैं
    उज्जैन। गौतम बुद्ध का जन्म ईसा से 563 साल पहले कपिलवस्तु के लुम्बिनी नाम के वन में हुआ। इनकी माता का नाम महामाया था। यह स्थान वर्तमान मे नेपाल के तराई क्षेत्र में कपिलवस्तु और देवदह के बीच नौतनवा स्टेशन से 8 मील दूर पश्चिम में रुक्मिनदेई नामक स्थान पर है। यहीं लुम्बिनी नाम का वन था। उनका नाम सिद्धार्थ रखा गया।उनके पिता का नाम शुद्धोदन था। जन्म के सात दिन बाद ही मां का देहांत हो गया। सिद्धार्थ की मौसी गौतमी ने उनका लालन-पालन किया। सिद्धार्थ ने गुरु विश्वामित्र के पास वेद और उपनिषद् तो पढ़े ही,...
    December 16, 12:56 PM
  • आप पाप कर रहे हैं या पुण्य पता करने का तरीका  , ये लिखा है ग्रंथों में
    उज्जैन।धर्मग्रंथ ज्ञान का भण्डार है। यह ज्ञान जीवन से हर पहलू से जुड़ी गहरी बातें बताता है। इन ग्रंथों में बताई गई बातों को समझकर कोई भी इंसान शांतिपूर्ण जीवन गुजार सकता है। व्यावहारिक सच्चाई यह भी है कि धर्मग्रंथों का यह गहरा ज्ञान आसानी से समझ जीवन में उतारना साधारण इंसान के लिए मुश्किल होता है। वहीं, कई पुराण व धर्मग्रंथों में अलग-अलग देवी-देवता विशेष को परमेश्वर बताकर पाप-पुण्य की व्याख्या की गई है। यह सब लोग नहीं समझ पाते हैं। इसलिए अलग-अलग पुराणों की बातें पढ़कर कई बार विरोधाभास होता...
    December 13, 04:02 AM
  • शिवजी ने नहीं लिया कोई भी अवतार, फिर भी हैं उनके इतने रूप
    सभी तस्वीरों का इस्तेमाल केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है उज्जैन।हिन्दू धर्म मान्यताओं भगवान शिव स्वयं प्रकृति का रूप है। यही कारण है कि शिव एक मात्र ऐसे देवता हैं, जिन्होंने कभी अवतार नहीं लिया। ग्रंथों के अनुसार शिव सभी देवताओं को उनके कार्य के लिए आदेश देते हैं।इसलिएमहादेव देह और जगत में आठ रूपों में समाए हैं। शिव के इन आठ रूपों या मूर्तियों में जगत वैसे ही समाया है, जैसे किसी माला के धागे में मोती पिरोए जाते हैं। शिव की आठ प्रकार की मुर्तियां इस प्रकार हैजिनके बारे में कम ही लोग...
    December 12, 03:45 PM
  • कम ही लोग जानते हैं ऊं को क्यों माना जाता है महामंत्र, इसे बोलने के फायदे
    उज्जैन। सनातन धर्म और ईश्वर में आस्था रखने वाला हर व्यक्ति देव उपासना के दौरान शास्त्रों, ग्रंथों में या भजन और कीर्तन के दौरान ऊं महामंत्र को कई बार पढ़ता, सुनता या बोलता है। धर्मशास्त्रों में यही ऊं प्रणव नाम से भी पुकारा गया है। असल में इस पवित्र अक्षर व नाम से गहरे अर्थ व दिव्य शक्तियां जुड़ीं हैं, जो अलग-अलग पुराणों और शास्त्रों में कई तरह से बताई गई हैं। खासतौर पर शिवपुराण में ऊं के प्रणव नाम से जुड़ी शक्तियों, स्वरूप व प्रभाव के गहरे रहस्य बताए हैं। , शिव पुराण के अनुसार - प्र यानी प्रपंच,...
    December 12, 01:56 PM
  • शास्त्रों से: क्या होता है मौत के बाद, जानें वो राज़ जो खुद यमराज ने बताए हैं
    उज्जैन। कहते हैं मौत के बाद का जीवन किसी ने नहीं देखा। इसलिए मृत्यु से जुड़ा कोई भी विषय या घटना इंसान के सामने आती है तो वह उसे जानने के लिए आतुर हो जाता है। इस विषय को लेकर उसकी यह जिज्ञासा आजीवन बनी रहती है। असल में, मृत्यु क्या है और खासतौर पर मृत्यु के बाद क्या होता है। यह जान लेना किसी भी आम इंसान के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। प्राचीन हिन्दू धर्मशास्त्र कठोपनिषद में मृत्यु और आत्मा से जुड़े कई रहस्य बताए गए हैं, जिसका आधार बालक नचिकेता और यमराज के बीच हुए मृत्यु से जुड़े संवाद हैं।...
    December 12, 01:17 PM
  • ग्रंथों से: ये हैं वो बातें, जिन्हें स्त्रियों के लिए सोचना भी माना गया है बड़ा पाप
    उज्जैन।गरुड़ पुराण में व्यावहारिक जीवन के ऐसे कई गलत काम या विचार बताए गए हैं, जिन्हें पाप माना जाता है। ये विचार और स्वभाव आदत में इस तरह समा जाते हैं कि उन्हें बार-बार दोहराने पर भी गलती का एहसास नहीं होता। वजह यह भीहै कि धर्म के नजरिए से कोई भी व्यक्ति पाप से अछूता नहीं, क्योंकि जीवन में हर व्यक्ति कोई न कोई पाप जरूर करता है। कुछ लोग पाप जानकर करते है तो कुछ अनजाने में, लेकिन पाप के नतीजे हमेशा भोगने पड़ते हैंं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं, स्त्री से जुड़ी कुछ ऐसी बातें, जिन्हें गरुड़ पुराण में...
    December 10, 08:35 AM
  • उज्जैन।गरुड़ पुराण में व्यावहारिक जीवन के ऐसे कई गलत काम या विचार बताए गए हैं, जिन्हें पाप माना जाता है। ये विचार और स्वभाव आदत में इस तरह समा जाते हैं कि उन्हें बार-बार दोहराने पर भी गलती का एहसास नहीं होता। वजह यह भीहै कि धर्म के नजरिए से कोई भी व्यक्ति पाप से अछूता नहीं, क्योंकि जीवन में हर व्यक्ति कोई न कोई पाप जरूर करता है। कुछ लोग पाप जानकर करते है तो कुछ अनजाने में, लेकिन पाप के नतीजे हमेशा भोगने पड़ते हैंं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं, स्त्री से जुड़ी कुछ ऐसी बातें, जिन्हें गरुड़ पुराण में...
    December 9, 05:14 PM
  • मान्यता है हल्दी का ये छोटा सा उपाय करने से कभी घर नहीं आती गरीबी
    उज्जैन।स्वस्तिक का भारतीय संस्कृति में बड़ा महत्व है। हर शुभ कार्य की शुरुआत स्वस्तिक बनाकर ही की जाती है। यह मंगल भावना एवं सुख सौभाग्य का प्रतीक है। ऋग्वेद में स्वस्तिक के देवता सवृन्त का उल्लेख है। सवृन्त सूत्र के अनुसार इस देवता को मनोवांछित फलदाता सम्पूर्ण जगत का कल्याण करने और देवताओं को अमरत्व प्रदान करने वाला कहा गया है।स्वस्तिक शब्द को सु औरं अस्ति दोनों से मिलकर बना है। सु का अर्थ है शुभ और अस्तिका अर्थ है- होना यानी जिससे शुभ हो, कल्याण हो वही स्वस्तिक है। यही कारण है कि घर के...
    December 9, 10:01 AM
  • घर हो या वर्कप्लेस जानें कहां गणेशजी की मूर्ति रखने का क्या प्रभाव होता है
    उज्जैन। गणेशजी को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। कहा जाता है कि गणेशजी के पूजन से धन और बुद्धि दोनों की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि जब भी कोई पूजन होता है तो सबसे पहले गणों के ईश यानी श्रीगणेश का पूजन किया जाता है। घर में लोग गणेशजी को विराजमान करते हैं, लेकिन किस तरह के गणेश जी कहां स्थापित करने से वे प्रसन्न होते हैं ये बहुत कम लोग जानते हैं। यदि आप भी इससे अनजान हैं तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कहां किस तरह के गणेश स्थापित करना चाहिए और गणेश जी कैसे आपके घर का वास्तु सुधार सकते...
    December 9, 08:17 AM
  • रोज कुछ देर इस तरह बैठने से, ये बीमारियां अपने आप दूर हो सकती हैं
    उज्जैन।सुखासन या पालथी मारकर बैठने की परंपरा भारत में प्राचीनकाल से रही है, लेकिन वर्तमान समय में जीवनशैली में आए बदलाव के कारण लोग पालथी मारकर बैठने का समय ही नहीं निकाल पाते हैं। चाहे भोजन करना हो या टॉयलेट हर जगह की बैठक कुर्सी की तरह बना दी गई है, जो कि शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। यदि आप भी दिन भर में कुछ देर भी सुखासन यानी पालथी मारकर नहीं बैठ पाते तो इसके ये फायदे सुनकर आप भी इस तरह से दिन भर में कुछ देर तो जरूर बैठना चाहेंगे। क्या है सुखासनया पालथी-सुखासन में दोनों पैरों को एक दूसरे...
    December 6, 11:13 AM
  • यज्ञ से पूरी होती है हर मनोकामना, दूर हो सकती है दरिद्रता
    उज्जैन। हिंदू धर्म में यज्ञ की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। हिंदू धर्म ग्रंथों में मनोकामना पूर्ति तथा अनिष्ट को टालने के लिए यज्ञ करने के कई प्रसंग मिलते हैं। रामायण व महाभारत में ऐसे अनेक राजाओं का वर्णन मिलता है, जिन्होंने अनेक महान यज्ञ किए थे। देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भी यज्ञ किए जाने की परंपरा है। क्यों किए जाते हैं यज्ञ धर्मग्रंथों में यज्ञ की महिमा खूब गाई गई है। वेद में भी यज्ञ का विषय प्रधान है। यज्ञ से भगवान प्रसन्न होते हैं, ऐसा धर्मशास्त्रों में कहा गया है। ब्रह्मा...
    December 5, 01:44 PM
  • ये 4 लोग होते हैं सबसे बड़े शत्रु, इनसे सावधान रहना चाहिए
    सभी तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है.... उज्जैन।हमारे धर्म ग्रंथ ज्ञान का खजाना है। ऋषि-मुनि व विद्वानों ने कई ऐसी ज्ञान की बातें कम शब्दों में श्लोक के माध्यम से हमारे ग्रंथों में समझाई है। जिन्हें कोई यदि समझ ले और उन्हें अपना ले तो उसका जीवन अन्य लोगों से अलग और सुखद हो जाता है। इसलिए हर इंसान को हमारे ग्रंथों में बताई कुछ ऐसी बातों को याद रखना चाहिए और उन्हें जीवन में अपनाने की कोशिश करना चाहिए। ऋणकर्ता पिता शत्रुर्माता च व्यभिचारिणी। भार्या रूपवती शत्रु: पुत्र:...
    December 4, 08:44 AM
  • ये हैं वो 6 चीजें, जिनकी पूजा करने से मिलता है मोक्ष
    उज्जैन। सनातन धर्म में भगवान की बनाई हर चीज का सम्मान करने की बात कही गई है। कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें विशेषतौर पर पूज्यनीय माना गया है। यहां बताए गए श्लोक में 6 ऐसी चीजों के बारे में जि़क्र है, जिन्हे मुक्तिदायी माना गया है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो 6 चीजें..... विष्णुरेकादशी गीता तुलसी विप्रधेनव:। असारे दुर्गसंसारे षट्पदी मुक्तिदायिनी।। जिसका सरल शब्दों में अर्थ है कि भगवान विष्णु, एकादशी व्रत, गीता, तुलसी, ब्राह्मण और गौ ये 6 इस नाशवान संसार में लोगों के लिए मुक्तिदायी है। जानते हैं धर्म...
    December 3, 04:58 PM
  • किसी के भी सोए भाग्य को जगा सकते हैं ये 9 तरीके
    उज्जैन।वर्तमान समय में अघिकतर लोग भौतिक सुखों के पीछे भागते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार जीवन में खुद के लिए वक्त निकालना बहुत मुश्किल काम है। यही कारण है कि मानसिक तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आम हो गई है। अधिकांश लोग मानसिक सुकून के लिए बैचेन नजऱ आतेहैं।धर्म के नजरिए से किसी व्यक्ति के पास दौलत और सुख-सुविधा हो, बड़ा कुनबा हो, सामाजिक रुतबा हो, वह स्वयं गुणी और बुद्धिमान हो। साथ ही, वह दूसरों की भलाई भी करता हो, लेकिन यदि वह भगवान को स्मरण या भक्ति नहीं करता है तो जीवन में कभी खुश नहीं रह पाएगा।...
    December 2, 05:35 PM
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