जीवन मंत्र
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  • आज इन खास चीजों का नहाने में करें USE, कहते हैं इससे बढ़ती है समृद्धि
    सभी तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन।दीपावली से एक दिन पहले नरक चतुदर्शी (रूप चौदस) आती है। इस दिन दीप दान किया जाता है व अकाल मृत्यु से बचने और स्वस्थ रहने के लिए यमराज जी की पूजा उपासना की जाती है। साथ ही, इस दिन से जुड़ी एक और प्राचीन परंपरा है वह है ब्रम्ह मुहूर्त में स्नान की। हमारे धर्म ग्रंथों में यह माना गया है कि इस चर्तुदशी पर यदि विशेष प्रकार की औषधियों से स्नान किया जाए तो वर्षभर शरीर निरोगी तो रहता ही है और घर की सुख समृद्धि में भी वृद्धि होती है। आज हम...
    October 22, 01:27 PM
  • ये है महालक्ष्मी मंदिर, इसमें लगा है दुनिया का सबसे ज्यादा सोना
    उज्जैन। श्रीपुरम धार्मिक केंद्र प्रसिद्ध महालक्ष्मी स्वर्ण मंदिर वेल्लोर (तमिलनाडु)मेंस्थित है।यह मंदिर वेल्लोर शहर के दक्षिणी भाग में निर्मित है। इस महालक्ष्मी मंदिर के निर्माण में तकरीबन 15,000 किलोग्राम विशुद्ध सोने का इस्तेमाल हुआ है। स्वर्ण मंदिर श्रीपुरम के निर्माण में 300 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि की लागत आई है। मंदिर के आंतरिक और बाह्य सजावट में सोने का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल हुआ है। विश्व में किसी भी मंदिर के निर्माण में इतना सोना नहीं लगा है। रात में जब इस मंदिर में प्रकाश किया...
    October 22, 01:06 PM
  • महालक्ष्मी से जुड़ी इन 4 बातों को याद रखेंगे तो घर आएगी समृद्धि
    उज्जैन।पौराणिक प्रसंगों के मुताबिक महालक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुईं और भगवान विष्णु को अपना स्वामी चुना। धर्मग्रंथों में जगतजननी दुर्गा का ही स्वरूप देवी लक्ष्मी को सुख, ऐश्वर्य, धन व वैभव की अधिष्ठात्री बताया गया है। वहीं, भगवान विष्णु सत्व बल यानी शांति और सद्गुणी शक्तियों के स्वामी माने गए हैं। भगवान विष्णु व देवी लक्ष्मी के योग को व्यावहारिक नजरिए से विचार करने पर संकेत यही मिलता है कि सद्गुणों और सद्कर्मों से ही खुशहाल और वैभवशाली जीवन संभव है। भगवान विष्णु और लक्ष्मी की उपासना...
    October 22, 11:37 AM
  • 22 OCT:रूप चतुर्दशी पर चेहरा चमकाने के लिए अपनाएं ये पारंपरिक उबटन
    सभी तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन। नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी पर उबटन करने की भारतीय परंपरा है। माना जाता है कि इस दिन उबटन लगाकर सूर्योदय पूर्व स्नान करने से पाप दूर हो जाते हैं। हमारे प्राचीन ग्रंथों में उबटनों का विशेष महत्व माना गया है। यही कारण है कि इस दिन तरह-तरह की घरेलू चीजों को तयशुदा मात्रा में मिलाकर बनाए गए पारंपरिक लेप को जिसे उबटन कहते हैं, लगाया जाता है। यदि आप भी इस दिवाली पर अपना रूप निखारना चाहते हैं तो इन पारंपरिक उबटन का इस्तेमाल करें।...
    October 22, 07:00 AM
  • मान्यता है खाने के समय ये चीजें याद रखने से कृपा करती हैं धनलक्ष्मी
    तस्वीरों का उपयोग सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन।हिन्दू धर्म ग्रंथों में भोजन को अन्नदेव के नाम से पुकारा जाता है। कहते हैं प्रेम से भोजन ग्रहण करने पर आत्मा और मन की शुद्धि होती है। ग्रंथों में भगवान के दर्शन के लिए सबसे पहले अन्न को ही ब्रह्म रूप बताया गया है अन्नं ब्रह्म इति व्याजानात्। खैर ये बात तो हो गई धर्म ग्रंथों की लेकिन, आज के दौर में गुजरे जमाने की तुलना में भोजनशैली और व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। जाहिर है इससे इंसान की सेहत, सोच, स्वभाव और व्यवहार भी प्रभावित...
    October 21, 08:19 AM
  • भारत के किस राज्य में कैसे मनाई जाती है दिवाली, कहां क्या हैं रिवाज़
    उज्जैन। हिंदू सभ्यता में वैसे तो सांस्कृतिक एकता होने के कारण दीपावली का त्योहार मनाने के तरीके लगभग पूरे भारत में एक जैसे ही हैं। फिर भी उत्तर भारत व दक्षिण भारत में दीपावली का त्योहार मनाने के तरीके में कुछ अंतर नजऱ आ जाता है, क्योंकि दक्षिण भारत में द्रविड़ संस्कृति का जबरदस्त प्रभाव है। दक्षिण भारत- दक्षिण भारत के तमिलनाडु में आइपसी या थुलम के महीने में मनाया जाता है। यहां दिवाली के एक दिन पहले यानी नरक चतुर्दशी का विशेष महत्व है। इस दिन मनाया जाने वाला उत्सव दक्षिणी भारत के दिवाली...
    October 20, 06:28 PM
  • दीपावली मनाने के ये भी हैं कुछ अनोखे कारण, जानें इस परंपरा का असली मतलब
    उज्जैन। एक दीपक की बाती को जलने के लिए उसे तेल में डूबे होना चाहिए। साथ ही, तेल के बाहर भी रहना चाहिए। यदि बाती तेल में पूरी डूब जाए तो वह प्रकाश नहीं दे सकती। जीवन भी दीपक की बाती के समान है, तुम्हें संसार में रहते हुए भी उसके ऊपर निष्प्रभावित रहना होता है। यदि तुम पदार्थ जगत में डूबे हुए हो, तो जीवन में आनन्द और ज्ञान नहीं ला पाओगे।संसार में रहते हुए भी, सांसारिक माया के ऊपर उठकर हम आनन्द और ज्ञान के ज्योति प्रकाश बन सकते हैं। इस प्रकार से ज्ञान के प्रकाश के प्रकट होने का उत्सव ही दिवाली है।...
    October 18, 02:03 PM
  • धनतेरस पर ये आसान उपाय करने से, दूर हो सकती है आर्थिक तंगी
    उज्जैन।धनतेरस के त्योहार का विशेष महत्व है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। माना जाता है कि धनतेरसके दिन समृद्धि प्राप्ति के लिए किया गया कोई भी उपाय ज्यादा फलदायी होता है। साथ ही, इस दिन खरीदी गई कोई भी चीज लाभ देने वाली व लंबे समय तक चलने वाली होती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ छोटे-छोटे उपाय जिनके बारे में ये मान्यता है कि इन्हें धनतेरस के दिन किसी भी शुभ समय में किया जाए तो घर में स्थिर लक्ष्मी का निवास होता है। मोर की मिट्टी-धनतेरस पर यदि पूजा के...
    October 18, 12:10 PM
  • Food day:भोजन और कृष्ण से जुड़ी परंपरा, इसे मानते हैं बरकत बढ़ाने वाली
    सभी तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन। एक कहावत है भूखे पेट भजन न हो गोपाला ले तेरी कंठी तेरी माला। जी हां, खाने का मामला ही कुछ ऐसा है कि जब पेट खाली होता है तो दिमाग किसी दूसरी चीज में नहीं लगता। इसलिए खाने का हमारी भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व है। अन्न को देवता माना जाता है। आज विश्व खाद्य दिवस हैऔर इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं खाने से जुड़ी एक विशेष परंपरा 56 भोग के बारे में। कहा जाता है कि यदि घर में हमेशा बरकत चाहते हैं तो साल में एक बार ठाकुरजी को 56 भोग जरूर...
    October 16, 03:15 PM
  • दिवाली: 30 Unique रंगोली Designs, जानें किस राज्य में है कौन सी रंगोली परंपरा
    फोटो पारंपरिक राजस्थानी रंगोली मांडना उज्जैन। रंगोली जीवंत भारतीय संस्कृति का प्रतिबिंब है। यह एक तरह की पारंपरिक रचनात्मक कला है। जिसे मुख्य दरवाजे के पास बनाया जाता है। विशेषकर दिवाली के दिनों में इसे मां लक्ष्मी के स्वागत में बनाए जाने की परंपरा भारत के लगभग हर राज्य में हैं। वैसे तो रंगोली रंगों से बनाई जाती है, लेकिन इसकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए आजकल सूखे चावल, फूल, हल्दी व सिंदूर पाउडर आदि का भी उपयोग किया जाने लगा है। पारंपरिक रूप से फूल, पत्तियां, मोर, गोल व चौकोर आदि पैटर्न की...
    October 15, 04:11 PM
  • क्या आप जानते हैं, रामचरितमानस में बताई गई हैं शिवजी की ये 8 कमियां
    उज्जैन। महादेव महायोगी के रूप में पूजनीय हैं। माना जाता है कि उनका योग स्वरूप ही संसार के सुख और आनंद की वजह है। वहीं, रौद्र रूप में भगवान शिव प्रलंयकारी बन बुरी वृत्तियों व कामनाओं को कामदेव की तरह भस्म कर उनको जगत के लिए मंगलकारी बना देते हैं।इस तरह मंगलकारी व विनाशक दोनों ही स्वरूपों में भगवान शिव की अपार शक्ति व गुण होते हैं, लेकिन सांसारिक नजरिए से कोई कितना ही गुणी हो। उसमें कुछ न कुछ कमजोरियां भी मौजूद होती हैं। क्या आप जानते हैं यही बात महादेव पर भी लागू होती है, क्योंकि धर्मग्रंथों...
    October 13, 04:54 PM
  • विदुर नीति: ताकतवर बनने के ये हैं 5 सबसे आसान तरीके
    उज्जैन। विदुर कौरवो और पांडवो के काका और धृतराष्ट्र एवं पाण्डु के भाई थे। उनका जन्म एक दासी के गर्भ से हुआ था। विदुर एक नीतिज्ञ के रूप में विख्यात हैं। विदुर धृतराष्ट्र के मन्त्री लेकिन न्यायप्रियता के कारण पाण्डवों के हितैषी थे। विदुर के ही प्रयत्नों से पाण्डव लाक्षागृह में जलने से बचे थे। युद्ध को रोकने के लिए विदुर ने यत्न किए, लेकिन असफल रहे। इनकी प्रसिद्ध रचना विदुर नीति के अन्तर्गत नीति सिद्धान्तों का सुन्दर निरूपण हुआ है। आज हम आपको बता रहे हैं धर्मराज कहे जाने वाले विदुर की कुछ खास...
    October 13, 03:41 PM
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