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  • बुधवार को करें ये छोटा सा उपाय, गणेश जी पूरी कर सकते हैं हर बड़ी मुराद
    उज्जैन। हिन्दू धर्म परंपराओं में बुधवार का दिन सभी सुखों का मूल बुद्धि के दाता भगवान श्री गणेश की उपासना का दिन है। श्रीगणेश की प्रसन्नता के लिए कई विधि-विधान शास्त्रों में बताए गए हैं, जो सरल भी हैं व शुभ फलदायी भी। इस दिन श्रीगणेश को विशेष रूप से मोदक या लड्डू चढ़ाने की भी परंपरा है। माना जाता है कि गणेशजी को मोदक बहुत प्रिय है। दरअसल, हिन्दू धर्मशास्त्रों के मुताबिक कलियुग में भगवान गणेश के धूम्रकेतु रूप की पूजा की जाती है। जिनकी दो भुजाएं है,लेकिन मनोकामना पूर्ति के लिए बड़ी आस्था से भगवान...
    September 17, 01:22 PM
  • जानते हैं क्यों है पालथी मारकर बैठने का रिवाज़,कुछ देर बैठने के हैं ये बड़े लाभ
    उज्जैन। सुखासन या पालथी मारकर बैठने की परंपरा भारत में प्राचीनकाल से रही है, लेकिन वर्तमान समय में जीवनशैली में आए बदलाव के कारण लोग पालथी मारकर बैठने का समय ही नहीं निकाल पाते हैं। चाहे भोजन करना हो या टॉयलेट हर जगह की बैठक कुर्सी की तरह बना दी गई है, जो कि शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। यदि आप भी दिन भर में कुछ देर भी सुखासन यानी पालथी मारकर नहीं बैठ पाते तो इसके ये फायदे सुनकर आप भी इस तरह से दिन भर में कुछ देर तो जरूर बैठना चाहेंगे। क्या है सुखासनया पालथी- सुखासन में दोनों पैरों को एक दूसरे...
    September 17, 12:06 PM
  • उज्जैन। मृत्यु के बाद आत्मा अलग-अलग योनि प्राप्त करती है। इनमें भूत-प्रेत योनि भी एक है हालांकि विज्ञान भूत-प्रेत से जुड़े विषयों को वहम या अंधविश्वास मानता है, लेकिन यहां बताई जा रही मृत्य के बाद भूत-प्रेत बनने से जुड़ी बातें मनोविज्ञान व व्यावहारिक पैमाने पर प्रामाणिक होने के साथ ही सुख व शांति से भरे जीवन के एक अहम सूत्र भी बताती हैं। हिन्दू धर्मग्रंथ श्रीमद्भगवदगीता के अनुसार मृत्यु के बाद ये बातें भूत-प्रेत बनने की वजह होती है- भूतानि यान्ति भूतेज्या: यानी भूत-प्रेतो की पूजा करने वाले...
    September 17, 03:14 AM
  • सदियों पहले से चले आ रहे हैं भारत में ये खेल, ये हैं इनके अनोखे नाम
    उज्जैन। प्राचीन भारत में भी शारीरिक परिश्रम करने को बहुत अच्छा माना जाता था। इसलिए खेल खेले जाने की परंपरा भारत में सदियों पहले से रही है। हड़प्पा की खुदाई में बच्चों के बहुत से मिट्टी के खिलौने मिले हैं। तांबे की बैलगाड़ी, मिट्टी आदि के खिलौने, पासों के खेल के पट्टे सिंधु सभ्यता के नगरों से मिले हैं। पासों की गोटें बड़े पत्थरों की बनी होती थीं। जुए के खेल, पासे आदि के पट्टे प्राचीन नगरों के खंडहरों से भी मिले हैं। जिससे उस खेल की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऋग्वेद में जिस समन नामक...
    September 16, 03:02 PM
  • ग्रंथों में कहा गया है मौत के बाद इन लोगों को मिलती है भूत और प्रेत योनी
    उज्जैन। मृत्यु के बाद आत्मा अलग-अलग योनि प्राप्त करती है। इनमें भूत-प्रेत योनि भी एक है हालांकि विज्ञान भूत-प्रेत से जुड़े विषयों को वहम या अंधविश्वास मानता है, लेकिन यहां बताई जा रही मृत्य के बाद भूत-प्रेत बनने से जुड़ी बातें मनोविज्ञान व व्यावहारिक पैमाने पर प्रामाणिक होने के साथ ही सुख व शांति से भरे जीवन के एक अहम सूत्र भी बताती हैं। हिन्दू धर्मग्रंथ श्रीमद्भगवदगीता के अनुसार मृत्यु के बाद ये बातें भूत-प्रेत बनने की वजह होती है- भूतानि यान्ति भूतेज्या: यानी भूत-प्रेतो की पूजा करने वाले...
    September 16, 12:35 PM
  • हनुमान जी के इन 8 अनोखे गुणों से कई लोग अनजान हैं....
    उज्जैन। धर्म ग्रंथों के मुताबिक श्रीहनुमान रुद्र के ग्यारहवें अवतार हैं। वे कई गुणों, सिद्धियों और अपार बल के स्वामी हैं। उनकी भक्ति और प्रसन्नता के लिए गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी गई श्रीहनुमान चालीसा बड़ी ही संकटमोचक व मंगलकारी स्तुति है। इसी चालीसा की एक चौपाई श्रीहनुमान के आठ चमत्कारी सिद्धियों के स्वामी होना उजागर करती है। माना जाता है कि पवित्रता के साथ हनुमान भक्ति से ये सिद्धियां भक्त को भी मिल सकती हैं। चौपाई है - अष्टसिद्धि नव निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।। अक्सर हर...
    September 15, 02:55 PM
  • महाभारत में बताए हैं ये 5 कारण, जिनसे कोई भी अनिद्रा का रोगी बन सकता है
    उज्जैन। व्यवस्थित जीवन शैली और खानपान खुशहाल जीवन गुजारने के लिए जरूरी होते हैं। जिन लोगों की ये दोनों चीजें अनियमित होती है, वे अनिद्रा के शिकार हो जाते हैं। वर्तमान समय में सुनहरे भविष्य और आगेबढ़ने की चाह में लोग चैन की नींद भी नहीं ले पाते हैं। जबकि, वे ये भूल जाते है कि सुकूनभरी नींद शरीर के लिए उतनी ही जरूरी है, जितना भोजन या पानी। इससे मन दु:ख का और शरीर रोग का घर बन जाता है। हिन्दू धर्मशास्त्र महाभारत में भी जीवन और व्यवहार से जुड़ी ऐसी ही 5 रोचक वजह बताई गई है, जिनसे कोई इंसान सुख से रात नहीं...
    September 15, 01:40 PM
  • उज्जैन। हर इंसान की कुछ खूबियां और कुछ कमियां होती है। उसी को स्वभाव कहा जाता है। सभी का स्वभाव अलग होता है, लेकिन कुछ लोगों केमिजाज़में कुछ अलग बात होती हैं। ये बातें बुरी और अच्छी दोनों तरह की हो सकती हैं। धर्मशास्त्रों के अनुसार ऐसी नकारात्मक और सकारात्मकभावनाओं व कामों के पीछे केवल बाहरी वातावरण व संगति ही वजह नहीं होती, बल्कि इनकी जड़ मनुष्य के स्वभाव में भी होती हैं। भविष्यपुराण में स्त्री हो या पुरुष, दोनों के स्वभाव से जुड़े कुल 26 नाम बताए गए हैं। इसमें बताया गया है कि स्वभाव में कौन...
    September 15, 01:19 PM
  • कहीं घोटा जाता है गला, कहीं खाया जाता है, अंतिम संस्कार के 9 विचित्र तरीके
    तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है... उज्जैन। जब कोई इंसान मर जाता है तो उसकी मौत के बाद का जीवन क्या होता है। ये प्रश्र आज भी अबूझ बना हुआ है। किसी की मौत के बाद हर धर्म में उस व्यक्ति काअंतिम संस्कारकरने को कहा गया है। हर धर्म और सम्प्रदाय में इसकी विधि अलग अलग है। मुख्यत: पूरी दुनिया में मौत के बाद शरीर को खत्म करने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला दफन करना दूसरा दाह संस्कार करना। इसके अलावा ममी बनाकर रखना, उबालकर कंकाल बनाना, गुफा में रखना, जल दाग देना, पशु-पक्षियों के लिए रख...
    September 13, 02:51 PM
  • इन बातों से पता चल जाता है, मौत के बाद किसी का क्या हाल होगा
    उज्जैन। हिन्दू धर्मशास्त्रों में न केवल जीवन के रहते अच्छे या बुरे कर्मों को सुख और दु:ख की वजह बताया गया है, बल्कि इन कामों को मौत के बाद भी दुख या सुख देने वाला बताया गया है। इसे दूसरे शब्दों में सद्गति व दुर्गति भी कहा जाता है। मृत्यु अटल सत्य है, इसलिए हर ग्रंथ में हमेशा अच्छे गुण, विचार व आचरण को अपनाने की सीख दी गई है। खासतौर पर अक्सर कई लोगों की ऐसी प्रवृत्ति उजागर होती है कि वे जि़ंदगी को अच्छे कामों से संवारने की कोशिशों से बचते रहते हैं। उनमें मृत्यु को सुधारने की गहरी चाहत रखते हैं।...
    September 13, 02:51 PM
  • सुबह बिस्तर छोड़े तो पैरों से जुड़ी ये छोटी सी बात न भूलें, इसके अनेक फायदे हैं
    उज्जैन। हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार इंद्रिय संयम पर खासा जोर दिया गया है। कर्मेन्दियों (हाथ, पैर, गुप्त अंग) में पैरों से जुड़े नियम-संयम भी सुखी, स्वस्थ, सफल, यशस्वी व भाग्यशाली बनने के लिए मंगलकारी माने गए हैं। कहा गया है कि सुबह जागने पर पैरों को जमीन पर रखते वक्त एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रखने पर काम में आ रही अड़चने दूर हो जाती हैं। साथ ही, यह उपाय भाग्य सेजुड़ी बाधाएं भी खत्म करने वाला माना गया है। भूमि को भी मातृशक्ति स्वरूप बताया गया है। मां के रूप में वंदनीय होने...
    September 12, 01:20 PM
  • शिव जी से जुड़ी ये बात बहुत रोचक है, लेकिन इससे कई लोग अनजान हैं
    सभी तस्वीरों का इस्तेमाल केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है उज्जैन। हिन्दू धर्म मान्यताओं भगवान शिव स्वयं प्रकृति का रूप है। यही कारण है कि शिव एक मात्र ऐसे देवता हैं, जिन्होंने कभी अवतार नहीं लिया। ग्रंथों के अनुसार शिव सभी देवताओं को उनके कार्य के लिए आदेश देते हैं।इसलिएमहादेव देह और जगत में आठ रूपों में समाए हैं। शिव के इन आठ रूपों या मूर्तियों में जगत वैसे ही समाया है, जैसे किसी माला के धागे में मोती पिरोए जाते हैं। शिव की आठ प्रकार की मुर्तियां इस प्रकार हैजिनके बारे में कम ही लोग...
    September 12, 12:05 PM
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