जीवन मंत्र
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  • शनि देव को मानने के लिए क्यों पूजे जाते हैं हनुमान जी, जानें बेहद रोचक बातें
    उज्जैन। सनातन धर्म में आस्था रखने वाला हर इंसान श्रीहनुमान को संकटमोचक व शनिदेव को दण्डाधिकारी देवता के रूप में पूजता है। पौराणिक मान्यताओं में दोनों ही देवताओं का शिव से खास संबंध भी है। श्रीहनुमान रुद्र यानी शिव अवतार हैं तो शनिदेव ने भी शिव भक्ति से ही दण्डाधिकारी होने की शक्तियां पाईं। इस वजह से भी धर्म परंपराओं में हनुमान की भक्ति शिव उपासक शनिदेव को प्रसन्न कर शनि दोष से छुटकारा देने वाली भी बताई गई है। क्या आप जानते हैं हनुमानजी की पूजा से क्यों प्रसन्न हो जाते हैं शनिदेव। दरअसल इसके...
    01:01 PM
  • इनमें से 1 तस्वीर भी बेडरूम में लगाने से सुधर सकते हैं पति-पत्नी के बिगड़े रिश्ते
    उज्जैन। रिश्तों की डोर बहुत नाजुक होती है। इसडोरमें थोड़ा भी खिंचाव या तनाव रिश्तों में खटास पैदा कर देता है। वर्तमान समय में पति-पत्नी के झगड़े और आपसी सामंजस्य में कमी के कारण खुशहाल शादी कब तलाक तक पहुंच जाती है। इंसान के लिए ये समझना बहुत मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर इसकी वजहें छोटी होती हैं, लेकिन यही समय के साथ संबंध टूटने का सबब बन जाती हैं। यदि आप भी अपने जीवन में इस समस्या का सामना कर रहे हैं या इससे बचे रहना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी खास तस्वीरें और टिप्स के बारे में...
    11:14 AM
  • अनोखी है मरने के बाद निभाई जाने वाली ये परंपराएं, जानकर हो सकती है हैरत
    उज्जैन।कहते हैं काया यानी यह शरीर नश्वर है यानी नष्ट होने वाला है। इससे किसी भी तरह का लगाव रखना ठीक नहीं है। इसलिए दुनिया के हर धर्म व संप्रदाय में मरने के बाद अंतिम संंस्कार की परंपरा निभाई जाती है। हर धर्म और सम्प्रदाय में इसकी विधि अलग अलग है। मुख्यत: पूरी दुनिया में मौत के बाद शरीर को खत्म करने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला दफन करना दूसरा दाह संस्कार करना। इसके अलावा ममी बनाकर रखना, उबालकर कंकाल बनाना, गुफा में रखना, जल दाग देना, पशु-पक्षियों के लिए रख छोड़ना और शवों को खा जाने की भी परंपराएं...
    October 31, 02:31 PM
  • ग्रंथों की ये 8 बातें याद रखने से जीवन खुशहाल हो जाता है
    उज्जैन।आज जीवन की भागदौड़ पाप या पुण्य कर्मों पर गहराई से विचार का वक्त नहीं देती। अक्सर यह भी देखने में आता है कि पाप और पुण्य की परिभाषा भी इंसान अपने स्वार्थ, हित पूर्ति, जरूरतों या लाभ के मुताबिक गढ़ता है। शास्त्रों के नजरिए से पाप इंसान के दु:ख और पतन का कारण तो पुण्य सुख और तरक्की का कारण होते हैं। इस वजह से सुख या दु:ख और होनी-अनहोनी का सामना इंसान को करना ही पड़ता है। शास्त्रों में मन, वचन और कर्म से जुड़े कई पाप-पुण्य बताए गए हैं। हर सांसारिक व्यक्ति इस ज्ञान से अवगत नहीं होता। चूंकि, हर...
    October 30, 04:27 PM
  • उज्जैन। आज जीवन की भागदौड़ पाप या पुण्य कर्मों पर गहराई से विचार का वक्त नहीं देती। अक्सर यह भी देखने में आता है कि पाप और पुण्य की परिभाषा भी इंसान अपने स्वार्थ, हित पूर्ति, जरूरतों या लाभ के मुताबिक गढ़ता है। शास्त्रों के नजरिए से पाप इंसान के दु:ख और पतन का कारण तो पुण्य सुख और तरक्की का कारण होते हैं। इस वजह से सुख या दु:ख और होनी-अनहोनी का सामना इंसान को करना ही पड़ता है। शास्त्रों में मन, वचन और कर्म से जुड़े कई पाप-पुण्य बताए गए हैं। हर सांसारिक व्यक्ति इस ज्ञान से अवगत नहीं होता। चूंकि, हर...
    October 30, 03:18 PM
  • शिव के ये 11 नाम रोज लेने से दूर हो सकते हैं जीवन के सारे दुख
    उज्जैन। सारी प्रकृति को शिव स्वरूप माना गया है। इन रूपों में ही एक हैं- रुद्र। धर्म मान्यताओं व लोक परंपराओं में रुद्र के अवतार हनुमानजी या कालभैरव भी संकटमोचन के लिए पूजे जाते हैं। फिर भी रुद्र नाम का अर्थ क्या होता है व इसकी शक्तियों का प्रभाव कहां व कैसे होता है, यह कई शिव भक्त भी नहीं जानतेरुद्र का शाब्दिक अर्थ होता है - रुत् यानी दु:खों का अंत करने वाला। यही वजह है कि शिव को दु:खों को नाश करने वाले देवता के रुप में भी पूजा जाता है। व्यावहारिक जीवन में कोई दु:खों को तभी भोगता है, जब तन, मन या कर्म...
    October 30, 01:35 PM
  • दक्षिण में क्यों खाते है केले के पत्तों पर खाना, जानें अनोखी परंपरा का कारण
    उज्जैन।केला कई गुणों से भरपूर फल है। इसके पूरे पौधे में कई औषधीयगुणों से भरपूर हैं।इसलिएहमारे धर्म ग्रंथों में केले को बहुत पवित्र वृक्ष माना गया है। यही कारण है कि इसकी पूजा की जाती है। कुछ विशेष पूजन में इसका मंडप भी बनाया जाता है। यह वृक्ष विष्णु भगवान को बहुत प्रिय माना जाता है। इसलिए जिन लोगों केविवाहमें विलंब होता है, उन्हें केले के पेड़ की पूजा करने को कहा जाता है। वास्तु केअनुसार केले के पेड़ को घर के सामने और बगीचे में लगाना अच्छा माना जाता है। भारत के कुछ हिस्सों विशेषकर दक्षिण...
    October 30, 11:36 AM
  • ग्रंथों में बताई गई है, कल्कि अवतार से जुड़ी ये 4 बातें जो रहस्य हैं
    उज्जैन।कहते हैं कलियुग यानी कलह क्लेश का युग जिस युग सभी के मन में असंतोष हो सभी मानसिक रूप से दुखी हों वह युग ही कलियुग है। हिंदू धर्म ग्रंथो में चार युग बताए गए हैं। सतयुग,त्रेतायुग, द्वापरयुग व कलयुग। सतयुग में लोगों में छल, कपट और दंभ नहीं होता है। त्रेतायुग में एक अंश अधर्म अपना पैर जमा लेता है। द्वापर युग में धर्म आधा ही रह जाता है। कलियुग के आने पर तीन अंशों से इस जगत पर अधर्म का आक्रमण हो जाता है। इस युग में धर्म का सिर्फ एक चौथाई अंश ही रह जाता है। सतयुग के बाद जैसे-जैसे दूसरा युग आता जाता...
    October 29, 03:20 PM
  • उज्जैन।कहते हैं कलियुग यानी कलह क्लेश का युग जिस युग सभी के मन में असंतोष हो सभी मानसिक रूप से दुखी हों वह युग ही कलियुग है। हिंदू धर्म ग्रंथो में चार युग बताए गए हैं। सतयुग,त्रेतायुग, द्वापरयुग व कलयुग। सतयुग में लोगों में छल, कपट और दंभ नहीं होता है। त्रेतायुग में एक अंश अधर्म अपना पैर जमा लेता है। द्वापर युग में धर्म आधा ही रह जाता है। कलियुग के आने पर तीन अंशों से इस जगत पर अधर्म का आक्रमण हो जाता है। इस युग में धर्म का सिर्फ एक चौथाई अंश ही रह जाता है। सतयुग के बाद जैसे-जैसे दूसरा युग आता जाता...
    October 29, 02:12 PM
  • रत्न से जुड़ी कुछ रोचक बातें, जानें आपके लिए कौन सा रत्न हो सकता है शुभ
    उज्जैन। शास्त्रों में नवग्रहों की चाल का आंकलन करके भविष्य में होने वाली घटनाओं का लेखा जोखा देता है। यदि कोई ग्रह निकट भविष्य में पीडि़त या अशुभ स्थिति में होकर हमें पीड़ा देने की कोशिश करता है तो हम उससे बचने हेतु उपाय चाहते हैं। राशि रत्न इन उपायों में कारगर होता है, यदि वह शुद्ध और असली हो तो ग्रहों से जुड़ी समस्या का निदान बहुत जल्दी हो जाता है। ये असरदार तो होते है, लेकिन इन्हें खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमारे शास्त्रों में रत्न पहनना बहुत शुभ माना गया है। विज्ञान भी इन...
    October 29, 11:53 AM
  • ये हैं हनुमानजी के वे 8 गुण, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं
    उज्जैन।धर्म ग्रंथों के मुताबिक श्रीहनुमान रुद्र के ग्यारहवें अवतार हैं। वे कई गुणों, सिद्धियों और अपार बल के स्वामी हैं। उनकी भक्ति और प्रसन्नता के लिए गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी गई श्रीहनुमान चालीसा बड़ी ही संकटमोचक व मंगलकारी स्तुति है। इसी चालीसा की एक चौपाई श्रीहनुमान के आठ चमत्कारी सिद्धियों के स्वामी होना उजागर करती है। माना जाता है कि पवित्रता के साथ हनुमान भक्ति से ये सिद्धियां भक्त को भी मिल सकती हैं। चौपाई है - अष्टसिद्धि नव निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।। अक्सर हर...
    October 29, 02:30 AM
  • उज्जैन।धर्म ग्रंथों के मुताबिक श्रीहनुमान रुद्र के ग्यारहवें अवतार हैं। वे कई गुणों, सिद्धियों और अपार बल के स्वामी हैं। उनकी भक्ति और प्रसन्नता के लिए गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी गई श्रीहनुमान चालीसा बड़ी ही संकटमोचक व मंगलकारी स्तुति है। इसी चालीसा की एक चौपाई श्रीहनुमान के आठ चमत्कारी सिद्धियों के स्वामी होना उजागर करती है। माना जाता है कि पवित्रता के साथ हनुमान भक्ति से ये सिद्धियां भक्त को भी मिल सकती हैं। चौपाई है - अष्टसिद्धि नव निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।। अक्सर हर...
    October 28, 05:31 PM
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