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  • सदियों पहले खोज दी गई थी ये आधुनिक चीजें, इस ऋषि ने की वायुयान की खोज
    तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है उज्जैन। टी.वी, मोबाइल, कार या विज्ञान से जुड़ा कोई भी आविष्कार हो। आज के समय में हम बिना विज्ञान के अपनी लाइफ की कल्पना नहीं कर सकते हैं। विज्ञान की यह भूमिका इंसान के जीवन में आज से नहीं बल्कि सदियों पहले से है। खुदाई में मिले हड़प्पा और मोहनजोदड़ों के सुव्यवस्थित नगर हो या रामायण में मिले पुष्पक विमान जैसे आविष्कारों का वर्णन तो यही बताता है। मुनियों ने घोर तप, कर्म, उपासना, संयम के जरिए वेदों में छिपे इस गूढ़ ज्ञान से कुदरत के कई...
    03:04 AM
  • शास्त्रों का ये एक सूत्र जो याद रखता है वह कभी असफल नहीं होता है
    उज्जैन।आज के रफ्तारभरे दौर में अक्सर नजर आता है कि कई लोगों की बेकाबू लालसा या इच्छाएं उनकी अशांत और असफल जिंदगी की वजह बन जाती है। शास्त्रों के नजरिए से ऐसे भटकाव से परे रहने का बेहतर सूत्र या शक्ति दया भाव भी है। जबकि व्यावहारिक जीवन में आगे बढ़ने की होड़ में अक्सर दया भाव को ही परे रख स्वार्थसिद्धि ही लक्ष्य मान लिया जाता है। जीवन में दया की अहमियत उजागर करती धर्मशास्त्रों की बातों पर गौर करें, तो अहं और कटुता से दूर रहकर भी दया या रहम को भी सफलता का ऊंचा मुकाम पाने का अहम जरिया बनाया जा सकता...
    September 2, 05:12 PM
  • खाने की पसंद से पता चल जाती हैं ये चीजें, जानें कम खाने के बड़े फायदे
    तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन। वर्तमान समय में इंसान के जीवन में परेशानियों की एक बड़ी वजह है, अनियमित खान पान व दिनचर्या। सेहत पर खानपान का बहुत गहरा असर पड़ता है। जो हमेशा सेहतमंद बने रहना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी जीवन शैली और खानपान मेंं सुधार करना चाहिए। यहां तक कि हमारे धर्म ग्रंथों में अच्छा या बुरा खान-पान तो सही और गलत सोच बताने वाला कहा गया है।ज्यादा खाना जहां दरिद्रता बढ़ाने वाला माना गया है। वहीं, कम खाना सेहत और भाग्य दोनों के लिए बेहतर...
    September 2, 05:05 PM
  • जो पुरुष सोचते हैं स्त्री के लिए ऐसी बातें, उन्हें शास्त्रों में पापी माना गया है
    तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन। गरुड़ पुराण में व्यावहारिक जीवन के ऐसे कई गलत काम या विचार बताए गए हैं, जिन्हें पाप माना जाता है। ये विचार और स्वभाव आदत में इस तरह समा जाते हैं कि उन्हें बार-बार दोहराने पर भी गलती का एहसास नहीं होता। वजह यह भीहै कि धर्म के नजरिए से कोई भी व्यक्ति पाप से अछूता नहीं, क्योंकि जीवन में हर व्यक्ति कोई न कोई पाप जरूर करता है। कुछ लोग पाप जानकर करते है तो कुछ अनजाने में, लेकिन पाप के नतीजे हमेशा भोगने पड़ते हैंं। आज हम आपको बताने जा रहे...
    September 2, 12:17 PM
  • ये 6 काम नहीं करना चाहिए, इन्हें करने से जवानी में ही बूढ़े हो सकते हैं
    तस्वीरों का उपयोग केवल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन। कहते हैं पहला सुख निरोगी काया और दूसरा पास हो माया यानी धन। इसका मतलब है, इंसान कितना भी पैसा क्यों न कमा ले। यदि उसका शरीर स्वस्थ नहीं है तो वो सुखी नहीं माना जा सकता है। इसका कारण ये है कि अभावों में खुश रहा जा सकता है, लेकिन रोगी शरीर हो तो अपार सुखों में भी दु:ख होता है। शास्त्रों में स्वास्थ्य को धन से भी अधिक महत्व दिया गया है, क्योंकि खराब सेहत आपकी आर्थिक हालात भी बिगाड़ सकती है। इसलिए अच्छी सेहत के लिए सबसे जरूरी है,...
    September 2, 12:02 PM
  • कहां से आए हैं ये रत्न, जानिए किस ग्रह के लिए कौन सा रत्न पहना जाता है
    उज्जैन। हमारे शास्त्रों में रत्न पहनना बहुत शुभ माना गया है। विज्ञान भी इन नगीनों और रत्नों के सकारात्मक ऊर्जा देने वाले तथ्यों की पुष्टि करता है। रत्नों को वैसे तो प्राकृतिक स्रोत से प्राप्त माना गया है, लेकिन इनके अनमोल व शुभ होने से यह रोचक पौराणिक प्रसंग जुड़ा है - प्राचीन समय में बलासुर नामक शक्तिशाली दैत्य था। उससे देवता भी पराजित हो गए। तब दैत्य के अंत के लिए देवताओं ने यज्ञ में बली के लिए उस दैत्य से निवेदन किया। बलासुर ने यज्ञ जैसे शुभ कार्य के लिए अपनी देह दान की। इस तह यज्ञ बली से...
    August 30, 05:08 PM
  • 10 दिन तक दिन इस विधि से करें पूजा, घर पर रहेगी लक्ष्मी कृपा
    उज्जैन।सांसारिक जीवन में कई लोग वैभव के बीच रहते हुए भी अभाव महसूस करने लगते हैं। ऐसा मन व विचारों पर आलस्य के हावी होने से होता है। जबकि धर्मशास्त्र कहते हैं कि वैभव व अभाव दोनों ही स्थितियों में इंसान को बेहतर सोच से काम व मेहनत का जज्बा कायम रखना चाहिए, क्योंकि गलत सोच निराशा की गर्त में धकेलती है, इससे बोझिल मन आलस्य और रोग की वजह भी बनता है। इसलिए जरूरी है कि कमियों को पूरा करने के लिए सोच अच्छी ही नहीं, सही दिशा में भी हो। शुभ या मंगल को चुनकर खुशहाल बनने की बात हो तो हिन्दू धर्म परंपराओं...
    August 30, 07:05 AM
  • जानें स्वस्तिक क्यों है गणेशजी का रूप, ऐसे दूर करता है कई तरह के वास्तु दोष
    उज्जैन। स्वस्तिक शब्द को सु औरं अस्ति दोनों से मिलकर बना है। सु का अर्थ है शुभ और अस्तिका अर्थ है- होना यानी जिस से शुभ हो, कल्याण हो वही स्वस्तिक है। हिन्दू धर्म परंपराओं में हर मांगलिक, धार्मिक कर्म, पूजा, उपासना या कार्य की शुरुआत स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर की जाती है। स्वस्तिक देवशक्तियों, शुभ व मंगल भावों का प्रतीक माना जाता है। कहा गया है.... स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा: स्वस्ति न: पूषा विश्ववेदा:। स्वस्तिनस्ता रक्षो अरिष्टनेमि: स्वस्ति नो बृहस्पर्तिदधातु।। माना जाता है कि इस मंत्र...
    August 30, 02:32 AM
  • श्री गणेश का सिर कटने के पीछे ये शाप था कारण, सूर्य को मारा था त्रिशूल
    तस्वीरों का प्रयोग प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है उज्जैन। ब्रह्मवैवर्तपुराणके अनुसार शनि देव शिवजी और पार्वती को पुत्र प्राप्ति की खबर सुनकर उनके घर आए। वहां उन्होंने पूरे समय अपना मुंह नीचे की ओर झुकाया हुआ था। यह देख पार्वती जी ने उनसे कहा कि आप मेरी या मेरे बालक की तरफ देख क्यों नहीं रहे हो? मैं इसका कारण जानना चाहती हूं। यह सुनकर शनिदेव बोले माता मैं आपके सामने कुछ कहने लायक नहीं हूं, लेकिन ये सब कर्मों के कारण है। मैं बचपन से ही श्रीकृष्ण का भक्त था। मेरे पिता चित्ररथ ने मेरा विवाह कर...
    August 29, 12:17 PM
  • बड़ों के पैर क्यों छूने चाहिए, क्या आप जानते हैं इस रिवाज का असली कारण
    उज्जैन। बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करना न सिर्फ एक अच्छा आचरण माना जाता है, बल्कि प्यार बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होता है। पैर छूने के भी अनेक तरीके हैं। आम तौर पर झुककर पैरों या जूतों को हाथ लगाकर सम्मान दिया जाता है, लेकिन बस थोड़ा सा झुककर हाथ नीचे ले जाकर भी यह रस्म पूरी हो जाती है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह रस्म क्यों है और इसके फायदे क्या हैं, अगर नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं बड़ों के पैर छूने से होने वाले फायदों के बारे में.... हिन्दू संस्कृति में बड़ों का सम्मान व सेवा का...
    August 27, 01:04 PM
  • जानें श्रीराम में कौन से 16 गुण थे, जिनके कारण वे कहे गए आदर्श पुरुष
    उज्जैन। भगवान के जितने भी अवतार हुए हैं। उनमें श्रीरामजी के अवतार को ही मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है। कहा जाता है कि बेटा हो तो राम जैसा, राजा हो तो राम जैसा या चरित्र हो तो राम जैसा। दरअसल राम को हमारे धर्म ग्रथों में सबसे आदर्श पुरुष माना गया है। सांसारिक जीवन में आगे बढऩे, नाम कमाने यानी ख्याति, यश, कीर्ति के लिए सद्गुणों और अच्छे कामों की बड़ी भूमिका होती है, क्योंकि गुण ही किसी भी इंसान को असाधारण और विलक्षण प्रतिभा का स्वामी बना देते हैं। इसलिए हर इंसान को अपने जीवन में सफल होने के लिए...
    August 26, 04:04 AM
  • उज्जैन। भगवान के जितने भी अवतार हुए हैं। उनमें श्रीरामजी के अवतार को ही मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है। कहा जाता है कि बेटा हो तो राम जैसा, राजा हो तो राम जैसा या चरित्र हो तो राम जैसा। दरअसल राम को हमारे धर्म ग्रथों में सबसे आदर्श पुरुष माना गया है। सांसारिक जीवन में आगे बढऩे, नाम कमाने यानी ख्याति, यश, कीर्ति के लिए सद्गुणों और अच्छे कामों की बड़ी भूमिका होती है, क्योंकि गुण ही किसी भी इंसान को असाधारण और विलक्षण प्रतिभा का स्वामी बना देते हैं। इसलिए हर इंसान को अपने जीवन में सफल होने के लिए...
    August 26, 04:04 AM
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