धर्म गुरु

 
श्री मुरारी बापू
गुजरात के सबसे लोकप्रिय संत मुरारी बापू को बापू के रूप में भी जाना जाता है। रामचरित मानस के एक प्रसिद्ध कथाकार है और पचास से अधिक वर्षों के लिए रामकथा पर अपनी विशिष्ट शैली में लोगों को कथा रसपान करा रहे हैं। अपनी नौ दिनी कथा में बापू रामचरित मानस की एक चौपाई लेकर पूरे नौ दिन उस पर विस्तार से विभिन्न विषयों पर व्याख्या करते हैं। कथा के मूल में समग्र लोकाचार, सार्वभौमिक शांति और सच्चाई, प्यार और दया की भावना निहित होती है, जबकि केन्द्र बिन्दु शास्त्र ही है। बापू के प्रवचनों में सिर्फ हिंदू धर्म ही केंद्रित नहीं होता, अन्य धर्मों पर भी प्रेम दृष्टि रखते हैं।
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  • जानिए इंसान के लिए सबसे अच्छी औषधि कौन सी है...

    Apr 02, 2013, 15:22 PM IST
    जानिए इंसान के लिए सबसे अच्छी औषधि कौन सी है...

    दुनिया में सबसे अच्छी दवाई है खुश रहना। इससे शरीर को अच्छी औषधि और आरोग्यता मिलती है। यह निरोगी होने की निशानी भी है। प्रसन्नता जिसके साथ रहती है, वो तेज में जीता है। इसलिए साधारण व्यक्ति के लिए प्रसन्नता हासिल करना बड़ा ही मुश्किल होता है। जबकि यह सबकी जागीर है।   जब तक विकार है, विश्राम संभव ही नहीं। अविकार की भूमिका विश्राम का स्वरूप या कहें कि विश्राम की पहचान है। प्रेम ही इस...

    By: Shri Murari Bapu

  • जानिए क्या फर्क होता है धन और लक्ष्मी में...

    Mar 13, 2013, 19:20 PM IST
    जानिए क्या फर्क होता है धन और लक्ष्मी में...

    जानिए क्या फर्क होता है धन और लक्ष्मी में... धन और लक्ष्मी में बहुत अंतर होता है। इन दोनों में बहुत अंतर है। आपके पास पैसा भले ही बहुत हो लेकिन आपके पास लक्ष्मी का निवास है या नहीं ये अलग बात है।   ऐसा पैसा जिसे दूसरों की सेवा, परोपकार में बांटने में कष्ट होता हो वह वह सिर्फ धन होता है और जिसे जनसेवा में खुलकर लगाया जाए, वह लक्ष्मी का रूप होता है।    परिवार में तीन सत्य होते...

    By: Shri Murari Bapu

  • कैसे बदला जाता है भाग्य और जीवन, जानिए..!

    Feb 25, 2013, 12:49 PM IST
    कैसे बदला जाता है भाग्य और जीवन, जानिए..!

    जब इन्सान को किसी अन्य इन्सान की अच्छाइयों और उसकी खूबियों के बारे में जानकारी मिले और उन्हें सुनकर उसे खुशी होती है, तो वहां प्रेम अपनेआप ही प्रकट हो जाता है। प्रेम धीरे-धीरे बढ़े और निरंतर बढ़ता रहे, तो हमेशा प्रेम बना रहता है। प्रेम भीड़ का विषय नहीं है, एकांत की अनुभूति है। प्रेम को कभी भीड़ में महसूस नहीं किया जा सकता। उसे तो सिर्फ एकांत में ही अपने भीतर उतारा जा सकता है।   ...

    By: Shri Murari Bapu

  • इन पांच उपायों से पाया जा सकता है भगवान को...

    Feb 11, 2013, 13:31 PM IST
    इन पांच उपायों से पाया जा सकता है भगवान को...

    प्रार्थना का अर्थ है आग्रह पूर्वक मांगना। भगवान से जो भी मांगें, आग्रह से मांगें। भगवान को सिवाय भक्ति और प्रेम के और कुछ नहीं चाहिए। हमारे आग्रह में प्रेम होना चाहिए, लालच या स्वार्थ नहीं। लोग स्वार्थ में मांगते हैं, जब मिल जाता है तब भगवान को भूल जाते हैं।      भगवान से प्रेम के पांच माध्यम हैं प्यास, प्रयास, प्रार्थना, प्रतिक्षा और प्रसाद। इन पांचों के जरिए भगवान को पाया जा...

    By: Shri Murari Bapu

  • सत्य सिर्फ एक नहीं होता, कितनी तरह के होते हैं सच...

    Feb 09, 2013, 15:13 PM IST
    सत्य सिर्फ एक नहीं होता, कितनी तरह के होते हैं सच जानिए...

    सत्य कभी एक नहीं होता। हर आदमी का अपना एक सच होता है। हम अपने सच पर अड़ जाते हैं, दूसरों के सच को सुनते ही नहीं। परिवार में भी हर सदस्य का अपना एक सच है। परिवार में तीन सत्य होते हैं, एक मेरा सत्य, दूसरा आपका सत्य और तीसरा हमारा सत्य। परिवार में इन तीन सत्यों को आत्मसात किया जाना चाहिए। परिवार में तीनों सत्यों का त्रिकोण जुड़ा हुआ है। सूर्य हम सबका दीपक है, जो सत्य है। मेरा सत्य अच्छी...

    By: Shri Murari Bapu

  • जानिए इंसान को अमर बना देने वाले अमृत की ये खास...

    Feb 05, 2013, 13:58 PM IST
    जानिए इंसान को अमर बना देने वाले अमृत की ये खास बातें...

    कहते हैं अमृत पीने से कोई भी अमर हो जाता है। देवताओं ने समुद्र मंथन के बाद निकले अमृत को पीया और अजर-अमर हो गए। अमृत मुख्य रूप में पीने की वस्तु है, खाने की नहीं। देवताओं ने अमृत का भोग किया। अमृत स्वर्ण में रखा जाता है। अमृत पीने वाला अमर हो जाता है, ऐसी मान्यता है लेकिन अमृत की प्राप्ति के मूल में टकराव व संघर्ष है। अमृत के बंटवारे में छल है। अमृत निकलता समुद्र के जल से है लेकिन...

    By: Shri Murari Bapu

  • अगर परमात्मा को जल्दी पाना है तो ऐसे करें भक्ति...

    Jan 29, 2013, 15:06 PM IST
    अगर परमात्मा को जल्दी पाना है तो ऐसे करें भक्ति...

    संसार में प्रेम भक्ति का सबसे श्रेष्ठ रुप है। मन में प्रेम हो तो परमात्मा जल्दी मिलता है। प्रेम से किया गया हर काम में सफलता मिलती है। भगवान राम और हनुमान का रिश्ता प्रेम का था। प्रेम और भक्ति का चमत्कार है कि हनुमान मे समुद्र लांघ लिया, भगवान राम का नाम लेकर। प्रेम में बहुत शक्ति होती है।    इस संसार में लोग श्रीराम की पूजा करने से डरते हैं क्योंकि भगवान राम ने अपना जीवन दुखों...

    By: Shri Murari Bapu

  • ये 14 लोग जीवित होकर भी मरे समान ही होते हैं...

    Jan 21, 2013, 13:58 PM IST
    ये 14 लोग जीवित होकर भी मरे समान ही होते हैं...

    मृत्यु सत्य है। देह एक दिन खत्म हो जानी है, यह तय है। मृत्यु से बड़ा कोई सत्य नहीं है। लेकिन कोई भी इंसान देह के निष्क्रिय हो जाने मात्र से नहीं मरता। कई बार जीवित रहते हुए भी व्यक्ति मृतक हो जाता है।    रामचरित मानस के लंकाकांड में इसका बहुत सुंदर वर्णन मिलता है। रावण-अंगद संवाद में ये चौपाइयां आती हैं। तुलसीदास जी ने 14 तरह के लोगों के मृत समान ही माना है। अगर हममे ये एक भी...

    By: Shri Murari Bapu

  • जानिए, कैसे होते हैं सच्चे संत और साधु?

    Jan 07, 2013, 15:54 PM IST
    जानिए, कैसे होते हैं सच्चे संत और साधु?

    मां और प्रेम का होना जीवन में बहुत आवश्यक है। यह जीवन को तृप्त कर देता है। प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। श्रीजी का  ध्यान धरकर दर्शन में जाने से जीवन में सबकुछ आनंदमय हो जाता है। जीवन में खुशहाली आती हे और सब कुछ  मिल जाता है। प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा प्रकट हो जाए। बड़ा सीधा सा दो ओर दो चार वाला गणित है। राजा जनक का प्रेम गुप्त था लेकिन राम को देखकर प्रेम प्रकट हो...

    By: Shri Murari Bapu

  • इस तरह मिटा दीजिए अपनी सभी परेशानियों को...

    Jan 01, 2013, 12:50 PM IST
    इस तरह मिटा दीजिए अपनी सभी परेशानियों को...

    मनुष्य का सबसे बड़ा रोग अहंकार होता है। उसकी सारी परेशानी अहंकार से उत्पन्न हैं। अहंकार विनम्रता से खत्म होता है और विनम्र होने के लिए भगवान श्रीहरि की कृपा जरूरी है। बिना हरि कृपा के अहंकार नहीं मिट सकता। भगवान को मन में बसा लो, वो अहंकार को आपके मन से निकाल देंगे। भगवान को मन में उतारना ही अहंकार से मुक्ति पाने की पहली सीढ़ी है। अहंकार का नाश केवल हरि कृपा से ही होता है। हर...

    By: Shri Murari Bapu

  • ..तो भगवान आपके रास्ते की हर बाधा को दूर करेंगे

    Dec 24, 2012, 14:58 PM IST
    ..तो भगवान आपके रास्ते की हर बाधा को दूर करेंगे

    इस संसार में लोग श्रीराम की पूजा करने से डरते हैं क्योंकि भगवान राम ने अपना जीवन दुखों में काटा है इसलिए भगवान राम के भक्तों का जीवन भी दुखों में कटता है। अगर मन में प्रेम है तो कांटे भी फूल लगते हैं। ईश्वर सत्य है, सत्य शिव है तथा शिव सुंदरम् है इसीलिए कहा गया है सत्यम् शिवम् सुंदरम्। राम भजन से सत्य अपने आप करीब आ जाएगा। श्रीराम सत्य के मार्ग में आने वाली हर बाधाओं को अपने आप दूर कर...

    By: Shri Murari Bapu

  • प्रेम प्रकट करने के लिए ये बातें जरुरी हैं...

    Dec 07, 2012, 13:48 PM IST
    प्रेम प्रकट करने के लिए ये बातें जरुरी हैं...

    हनुमानजी को रामकथा से उतना ही प्रेम है जितना हमें हमारे प्राणों से है। राम को पाने का सबसे सरल मार्ग है हनुमान। हनुमानजी ने कहा था कि जब तक पृथ्वी पर रामकथा होती रहेगी तब तक में पृथ्वी पर रहूंगा। नारद मुनि ने भी हनुमानजी को भगवान शिवशंकर का 11वां रूद्रावतार बताया है। साथ ही नारद ने 11 प्रकार की आसक्ति का वर्णन भी किया है, जो हनुमानजी में मिलती हैं। लोगों ने आसक्ति को गलत मान लिया जबकि...

    By: Shri Murari Bapu

  • जीवन की दिशा बदल देंगे ये अनमोल सूत्र...

    Dec 05, 2012, 14:01 PM IST
    जीवन की दिशा बदल देंगे ये अनमोल सूत्र...

    संतों के मुख से निकला एक-एक शब्द अमृतमय होता है। ऐसा माना जाता है कि अगर आप भगवान को पाना चाहते हैं तो वो करिए जो गुरु कहते हैं, आपको अपने आप परमात्मा की प्राप्ति हो जाती है। आइए आज हम पूज्य मुरारी बापू की विभिन्न कथाओं से निकले कुछ ऐसे ही जीवन सूत्रों का चिंतन-मनन करते हैं।  -    जिसने जीवन में परोपकार नहीं किया, जिसने अपने मन से लोगों का कभी भला नहीं चाहा, जिसने सदा लोगों से...

    By: Shri Murari Bapu

  • कितने रुप और रस होते हैं सत्य के? जानिए....

    Dec 01, 2012, 12:22 PM IST
    कितने रुप और रस होते हैं सत्य के? जानिए....

    सत्य का कोई एक रस नहीं होता। सत्य के अपने रुप हैं, अपने रंग हैं। हमारे जीवन में सत्य हर बार अलग परिस्थिति में किसी भिन्न रुप में उतरता है। सत्य के नौ रस हैं। सत्य हमेशा विजयी होता है लेकिन इसको सिर्फ जीत और हार के मापदंड पर नहीं रखा जा सकता। सत्य के मार्ग पर विजेता वही बन सकता है जो हारने की क्षमता रखता है। विजेता बनने की लालसा सत्य में बाधक बन सकती है। शांति, सत्य का एक रस है और सत्य...

    By: Shri Murari Bapu

  • जानिए, कितने तरह की होती है वाणी...

    Nov 28, 2012, 16:13 PM IST
    जानिए, कितने तरह की होती है वाणी...

    सत्य बहुधा वाणी में ही प्रतिष्ठित माना गया है और वाणी पांच प्रकार की होती है। ब्रह्म वाणी, देव वाणी, वेद वाणी, आत्म वाणी और गुरुवाणी। ब्रह्म वाणी परम शून्य, परम विस्तार से निकली है, जो महात्मा ही सुन सकते हैं। देववाणी या दिव्य वाणी ब्रह्मवाणी से थोड़ा नीचे है इसे भी सुनना आम जनता के वश में नहीं है। वेद वाणी अपने-अपने शास्त्रों की वाणी है, इसे पढ़ना और समझना कठिन है। आत्मवाणी मनुष्य की...

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