धर्म गुरू

 

प्रेम के बिना भक्ति संभव नहीं है। जब तक मन में प्रेम का अंकुर नहीं फूटेगा, तब तक भक्ति का भाव भी नहीं जागेगा। भक्ति...

दुनिया में सबसे अच्छी दवाई है खुश रहना। इससे शरीर को अच्छी औषधि और आरोग्यता मिलती है। यह निरोगी होने की निशानी भी...

जानिए क्या फर्क होता है धन और लक्ष्मी में...
श्री मुरारी बापू

धन और लक्ष्मी में बहुत अंतर होता है। इन दोनों में बहुत अंतर है। आपके पास पैसा भले ही बहुत हो लेकिन आपके पास...

अगर चाहते हैं कि कोई मुसीबत ना आए तो ऐसे रहिए....
श्री रमेश भाई ओझा

श्रीमद भागवत कथा भगवान का ही दूसरा स्वरूप है। इसमें खुद भगवान विराजित है। ये कथा हमें जीवन-मृत्यु के बंधनों से...
 

कैसे बदला जाता है भाग्य और जीवन, जानिए..!
श्री मुरारी बापू

जब इन्सान को किसी अन्य इन्सान की अच्छाइयों और उसकी खूबियों के बारे में जानकारी मिले और उन्हें सुनकर उसे खुशी...

जो लोग ताकत का दुरुपयोग करते हैं उनका होता है ऐसा हाल
श्री रमेश भाई ओझा

पुराणों में मां दुर्गा द्वारा महिषासुर नाम के राक्षस के वध की कथा आती है।    महिषासुर ने अपनी शक्तियों का...

और खबरें

 
 
  • इन पांच उपायों से पाया जा सकता है भगवान को...
    श्री मुरारी बापू

    प्रार्थना का अर्थ है आग्रह पूर्वक मांगना। भगवान से जो भी मांगें, आग्रह से मांगें। भगवान को सिवाय भक्ति और प्रेम के और कुछ नहीं चाहिए। हमारे आग्रह में प्रेम होना चाहिए, लालच या स्वार्थ नहीं। लोग स्वार्थ में मांगते हैं, जब मिल जाता है तब भगवान को भूल जाते हैं।      भगवान से प्रेम के पांच माध्यम हैं प्यास, प्रयास, प्रार्थना, प्रतिक्षा और प्रसाद। इन पांचों के जरिए भगवान को पाया जा...

  • जानिए, क्यों करनी चाहिए हमें नवरात्रि में देवी...
    श्री रमेश भाई ओझा

    कोई भी व्यक्ति, चाहे आदमी हो या औरत, एक माँ के बिना उसे अच्छी तरह से नहीं पाला जा सकता है। इसलिए, नवरात्रि उत्सव की परंपरा को दुनिया के सामने माता के प्रति हमारे प्यार, सम्मान और विश्वास के त्योहार के रूप में प्रस्तुत किया गया है।     नवरात्रि का त्योहार सिर्फ उस शक्ति की पूजा का त्योहार न होकर, जिसने राक्षसों को नष्ट किया, बल्कि यह भी इस दुनिया में पूरे मातृ शक्ति के लिए सम्मान का...

  • सत्य सिर्फ एक नहीं होता, कितनी तरह के होते हैं सच...
    श्री मुरारी बापू

    सत्य कभी एक नहीं होता। हर आदमी का अपना एक सच होता है। हम अपने सच पर अड़ जाते हैं, दूसरों के सच को सुनते ही नहीं। परिवार में भी हर सदस्य का अपना एक सच है। परिवार में तीन सत्य होते हैं, एक मेरा सत्य, दूसरा आपका सत्य और तीसरा हमारा सत्य। परिवार में इन तीन सत्यों को आत्मसात किया जाना चाहिए। परिवार में तीनों सत्यों का त्रिकोण जुड़ा हुआ है। सूर्य हम सबका दीपक है, जो सत्य है। मेरा सत्य अच्छी...

  • धन कमाने का असली उद्देश्य क्या होना चाहिए...
    श्री रमेश भाई ओझा

    मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ माने गए हैं। ये चार है धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। लेकिन इन चारों का उद्देश्य क्या है? धर्म का उद्देश्य मोक्ष है, अर्थ नहीं। धर्म के अनुकुल आचरण करो तो किसके लिए? मोक्ष के लिए।    अर्थ से धर्म कमाना है, धर्म से अर्थ नहीं कमाना। धन केवल इच्छाओं की पूर्ति के लिए मत कमाओ। अच्छे कपड़े हों, महंगे आभूषण हों, दुनियाभर के संसाधन हों, इन सबकी जीवन के लिए जरूरत है,...

  • जिसने ये एक काम नहीं किया उसका जीवन बेकार है...
    श्री रमेश भाई ओझा

    जिसने जीवन में परोपकार नहीं किया, जिसने अपने मन से लोगों का कभी भला नहीं चाहा, जिसने सदा लोगों से पाने की अपेक्षा की और देने की कभी कोशिश नहीं की, उसका जीवन बेकार है। जिसने परोपकार किया, उसका जीवन धन्य है। उससे ही समाज धन्य होता है। अपने लिए तो सभी जी लेते हैं, मगर जो दूसरों के लिए जीते हैं, कुछ करते हैं, परमात्मा सदैव उनके साथ रहता है। सारा संसार जैसे एक तरह की अशांति से परेशान है। सब...

  • जानिए इंसान को अमर बना देने वाले अमृत की ये खास...
    श्री मुरारी बापू

    कहते हैं अमृत पीने से कोई भी अमर हो जाता है। देवताओं ने समुद्र मंथन के बाद निकले अमृत को पीया और अजर-अमर हो गए। अमृत मुख्य रूप में पीने की वस्तु है, खाने की नहीं। देवताओं ने अमृत का भोग किया। अमृत स्वर्ण में रखा जाता है। अमृत पीने वाला अमर हो जाता है, ऐसी मान्यता है लेकिन अमृत की प्राप्ति के मूल में टकराव व संघर्ष है। अमृत के बंटवारे में छल है। अमृत निकलता समुद्र के जल से है लेकिन...

  • अगर परमात्मा को जल्दी पाना है तो ऐसे करें भक्ति...
    श्री मुरारी बापू

    संसार में प्रेम भक्ति का सबसे श्रेष्ठ रुप है। मन में प्रेम हो तो परमात्मा जल्दी मिलता है। प्रेम से किया गया हर काम में सफलता मिलती है। भगवान राम और हनुमान का रिश्ता प्रेम का था। प्रेम और भक्ति का चमत्कार है कि हनुमान मे समुद्र लांघ लिया, भगवान राम का नाम लेकर। प्रेम में बहुत शक्ति होती है।    इस संसार में लोग श्रीराम की पूजा करने से डरते हैं क्योंकि भगवान राम ने अपना जीवन दुखों...

  • तीन शहर हैं इन तीन बातों का प्रतीक...
    श्री रमेश भाई ओझा

    भगवान को जिस रूप में चाहो, वैसे मिलेगा। जरूरी है कि उससे प्रेम का रिश्ता बनाए रखना। भगवान से जब भी मांगें, भक्ति मांगें, प्रेम मांगें। शेष तो उसकी कृपा से सब मिल ही जाएगा। रामचरितमानस के जरिए तुलसी दास जी ने भगवान से मांगी भक्ति और कहा कि मेरे मन को कामादि विकारों से दूर कर दो। यदि आप मुझे भक्ति देंगे तो आपकी महिमा और बढ़ जाएगी क्योंकि आप मेरे जैसे कुपात्र को देंगे, सत्पात्र को तो सभी...

  • सोशल मीडिया से लाया जा सकता है बड़ा बदलाव, जानिए...
    श्री श्री रविशंकर

    मीडिया हमेशा से समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है. मीडिया सिर्फ घटनाओं को ही रिपोर्ट नहीं करता, बल्कि वह जनता की सोच पर भी असर डालता है. इससे लोकतंत्र में मीडिया की एक बड़ी शक्तिशाली भूमिका बन जाती है, और जहाँ शक्ति है वहाँ उस सत्ते के दुरुपयोग की भी संभावना रहती है. कहा जाता है कि कुछ देशों के शक्तिशाली मीडिया हाउज़ेस ने कुछ लोगों और घटनाओं को विशेष तरीके से निरूपित करके...


 
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