
कहा जाता है कि किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले मुंह मीठा करना चाहिए, कोई मिठाई या दही, शकर खाना चाहिए। यह परंपरा भी पुराने समय से ही चली आ रही है। आज भी कई लोग घर से निकलने के पूर्व कुछ मीठा खाते हैं। हम जब भी किसी परीक्षा या किसी शुभ कार्य के लिए घर से निकलते हैं तो हमारे बुजुर्ग कुछ मीठा खाकर जाने की बात कहते हैं। आखिर इससे फायदा क्या होता है? ऐसा माना जाता है मीठा खाकर कुछ भी कार्य...
सुख और दुख, जीवन के यही दो पहलु हैं। कोई भी व्यक्ति एक समय में या तो सुखी हो सकता है या दुखी। सुख और दुख हर इंसान के जीवन में आते-जाते रहते हैं। किसी व्यक्ति को अधिक समय के लिए दुखों का सामना करना पड़ता है तो कुछ लोगों को कम समय के लिए। कोई व्यक्ति नहीं चाहता कि उनके जीवन में कभी भी दुख आए और इसके लिए वे जगह-जगह मंदिर और देवस्थानों की भागते हैं। दुख से घबराकर वे दुखों को दूर करने के उपाय...
अक्सर हम किसी भी असाध्य बीमारी या लगातार अनावश्यक कष्ट एवं परेशानी उत्पन्न होने पर अपने पितरों या देवताओं के नाराज होने क़ी बात कह पूजा- पाठ में लग जाते हैं तथा देवताओं या ग्रहों द्वारा अनिष्ट होने के भय से ओझा एवं तांत्रिकों के चंगुल में फंस जाते हैं। यह परम्परा लगभग हर वर्ग में देखी जाती है, क्योंकि कई बार समुचित इलाज होने पर भी रोग रूपी दु:ख व्यक्ति को परेशान करता रहता है तथा...
श्री हनुमान चरित्र में भक्ति एक ऐसा पक्ष है, जिसमें छुपे अंतहीन सुख-शांति के सूत्र सांसारिक जीवन के कलह व संताप दूर कर देते हैं। हालांकि धर्मशास्त्रों में नवधा भक्ति के रूप में भक्ति के अलग-अलग नौ तरीके व्यावहारिक जीवन में चिंतन, मनन, व्यवहार, ध्यान द्वारा उठते-बैठते, चलते-फिरते कर्म, वचन और बोल में भगवान के स्मरण से जीवन को सुखी और सुरक्षित बनाने के उपाय ही है। किंतु श्री हनुमान ने...
इंसानी जीवन पर गौर करें तो हर व्यक्ति आए दिन शरीर, मन या धन से जुड़ी किसी न किसी समस्या, परेशानी या कष्ट का सामना करता है। जिससे उसके जीवन के अन्य लक्ष्यों की प्राप्ति में विलंब या बाधा आती है। इसलिए इंसान बाधारहित जीवन के लिए देव स्मरण का मार्ग भी चुनता है। देव स्मरण से बाधामुक्ति के ऐसे ही उपायों में शिव का ध्यान भी बहुत ही मंगलकारी माना गया है। वैसे तो शिव उपासना की नियत वार व...
खुद के विषय में ऐसी कई बातें हैं जो हम खुद ही नहीं जान पाते। तिलिस्मी दिमाग, मन, सपने, जन्म-मृत्यु, उदासी, आनंद..... ऐसी कई बातें हैं जिनका ठीक-ठीक कारण खोज पाना आज भी उतना हैं कठिन और अनसुलझी पहेली के समान है। इंसानी शरीर की ही बात करें तो हम पाएंगे कि अभी बहुत कुछ जानना बाकी है। शरीर का सबसे बाहरी भाग यानी कि त्वचा भी अपने में ऐसी कई आश्चर्यजनक खूबियां रखती है जिसे अधिकांश लोग नहीं जानते...
शक्ति साधना के शुभ काल गुप्त नवरात्रि के सातवे दिन देवी दुर्गा की सातवी शक्ति मां कालरात्रि की उपासना का महत्व है। दुर्गा इस रूप में भयंकर व संहारक शक्तियों की अधिष्ठात्री है, किंतु बहुत ही शुभ और मंगलकारी है। क्योंकि वह बुरी और तामसी प्रवृत्तियों का नाश कर जगत को सुख देती है। इसलिए माता कालरात्रि शुभंकरी नाम से भी पूजनीय है। कालरात्रि चारभुजा धारी है और उनका वाहन गर्दभ यानी...
कभी-कभी ऐसा देखने में आता है कि कोई बहुत खुश है और थोड़े ही समय के बाद उसकी तबीयत खराब हो जाती है। इसके अलावा किसी अन्य बात की वजह से खुश दिखने वाला इंसान अचानक दुखी नजर आने लगता है। अक्सर ऐसा कई लोगों के साथ होता ही है। ज्योतिष के अनुसार इसकी वजह किसी की बुरी नजर हो सकती है। आज नजर लगना जैसी बात को काफी लोग अंधविश्वास मानते हैं लेकिन ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की बुरी नजर...
धर्मशास्त्रों में सूर्यदेव और शिव की उपासना सांसारिक जीवन के लिये मंगलकारी बताई गई है। प्रकृति शिव रूप मानी गई है तो सूर्य एकमात्र साक्षात दर्शन देने वाले देवता माने जाते हैं। सूर्य, प्रकृति का अभिन्न और अहम अंग है। जिसके बिना प्राकृतिक क्रियाएं संभव नहीं। इस तरह प्रकृति रूप शिव व सूर्यदेव की एकता स्पष्ट होती है। शिव पुराण में भी सूर्यदेव को शिव का ही रूप बताकर शिव-सूर्य की...