• केले के पत्तों पर ही क्यों खाया जाता है खाना, क्यों बनाई गई थी ये परंपरा
    उज्जैन। हमारे धर्म ग्रंथों में केले को बहुत पवित्र वृक्ष माना गया है। यही कारण है कि इसकी पूजा की जाती है। कुछ विशेष पूजन में इसका मंडप भी बनाया जाता है। यह वृक्ष विष्णु भगवान को बहुत प्रिय माना जाता है। इसलिए जिन लोगों के विवाह में विलंब होता है, उन्हें केले के पेड़ की पूजा करने को कहा जाता है। वास्तु के अनुसार केले के पेड़ को घर के सामने और बगीचे में लगाना अच्छा माना जाता है। भारत के कुछ हिस्सों में इसकी पवित्रता के कारण इसका उपयोग भोजन करने के लिए भी किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि...
    August 21, 07:12[IST]
  • शादी के बाद लड़की करे ये 16 चीजें तो बहुत शुभ माना जाता है
    उज्जैन। हमारे धर्म ग्रंथों में बिना सिंगार के स्त्री को अधूरा मानागया है। विवाह के बाद जो स्त्री सिंगार नहीं करती उसे सुलक्षणा नहीं माना जाता है, क्योंकि विवाहित स्त्रियों के लिए सिंगार को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए सभी सुहागन के लिए ये सोलह सिंगार बहुत जरूरी और एक तरह का शुभ शकुन माने गए हैं। बिंदी - सुहागिन स्त्रियों को कुमकुम या सिंदूरसे अपने माथे पर लाल बिंदी जरूर लगाना चाहिए। इसे परिवार की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कंगन और चूड़ियां- हिन्दू परिवारों में सदियों से यह...
    August 21, 04:50[IST]
  • शनिवार को तेल लगाने से होता है ये फायदा, सैकड़ों साल पुरानी मान्यताएं
    उज्जैन।ज्योर्तिविज्ञान के अनुसार सप्ताह में सात दिन माने गए हैं। सातों दिन को किसी ना किसी विशेष ग्रह का माना गया है। हर दिन से जुड़ी हमारे यहां कोई ना कोई विशेष परंपरा या मान्यता है। किसी दिन एक काम की मनाही है तो दूसरे दिन किसी दूसरे काम की, लेकिन ऐसा क्यों? दरअसल, इस सबके पीछे हमारे बड़े-बूढ़ें लोगों की बहुत गहरी वैज्ञानिक सोच छुपी है। खैर कारण कुछ भी हो, लेकिन ज्योतिष में कुछ कामों के लिए कोई विशेष दिन निषेध माना जाता है और कोई दिनखास। आज जानते हैं कुछ ऐसी ही ज्योतिषी मान्यताओं को जिनके...
    August 9, 11:10[IST]
  • सावन में पहननी चाहिए हरी चूड़ियां, ये हैं इस माह से जुड़ी प्राचीन परंपराएं..
    उज्जैन। हरी, पीली, लाल रंग की खनकती चूड़ियों को हिन्दू धर्म में सुहाग का प्रतीक माना गया है। साथ ही,चूड़ियों को हमारे ग्रंथों में से सोलह सिंगारमें से एक माना गया है। सुहागन स्त्रियों का हरे रंग की चूड़ियां पहनने का विशेष महत्व है। खासतौर पर सावन के महीने में। दरअसल सावन में हरे रंग की चूड़ियांपहनना भी एक परंपरा है, लेकिन ये परंपरा क्यों बनाई गई है, ये कम ही लोग जानते हैं आइए जानते हैं क्या कहता है, ज्योतिषीय नजरिया इस परंपरा के बारे में ... क्यों पहने हरी चूड़ियां-सावन मास को हरियाली और प्रकृति का...
    July 30, 01:00[IST]
  • जानिए, इस्लाम धर्म की परंपराओं से जुड़े खास सवालों के जवाब
    उज्जैन।मन या वचन से धर्म या ईश्वर को नकारने वाला या इन पर विश्वास न रखने वाला कोई व्यक्ति भी, व्यावहारिक तौर से तो कर्म के जरिए धर्म से किसी न किसी तरह से जुड़ा ही होता है, लेकिन अज्ञानता या अहं के चलते उसे इसका भान नहीं होता।दरअसल, हर धर्म का सार इसी सूत्र में समाया है कि सभी के हित के लिए सही उद्देश्य से पवित्र व निस्वार्थ भाव से सही समय पर अच्छे कर्म किए जाएं। इंसानियत व जीवन उपयोगी सबक सिखाने वाले दुनिया के ऐसे ही प्रमुख धर्मों में एक है-इस्लाम धर्म। हालांकि, दुनिया के कई हिस्सों में इस्लाम...
    July 8, 08:38[IST]
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 

स्पोर्ट्स

 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 

फोटो फीचर