• भक्ति के ये 9 आसान उपाय कई लोग नहीं जानते
    उज्जैन। आज तेज रफ्तार की जिंदगी में शांति के लिए भौतिक सुख-सुविधा जैसे घर, भोजन, वस्त्र को ही अक्सर अहमियत दी जाती है। किंतु ये सभी पाने के बाद भी कई लोग मानसिक सुकून के लिए बेचैन नजर आते हैं। आधुनिक जिंदगी की इस परेशानी का एक हल धर्मग्रंथों में भी मिलता है। धर्म के नजरिए से किसी व्यक्ति के पास दौलत और सुख-सुविधा हो, बड़ा कुनबा हो, सामाजिक रुतबा हो, वह स्वयं गुणी और बुद्धिमान हो, वह दूसरों की भलाई भी करता हो, लेकिन अगर वह भगवान के स्मरण या भक्ति से दूर है तो कभी भी वास्तविक खुशी नहीं पाएगा। फिर चाहे...
    November 26, 07:51[IST]
  • क्या आप जानते हैं मधु-कैटभ की कथा का अर्थ, लिखिए अपने विचार
    एक बार भगवान विष्णु क्षीर सागर पर विश्राम कर रहे थे तो उनके कान के मैल से दो राक्षस निकले - मधु और कैटभ| दोनों बहुत शक्तिशाली थे और खूब उपद्रव करने लगे| उन्होंने ब्रह्मा जी को भी युद्ध के लिये ललकारा| ब्रह्मा जी ने विष्णु से सहायता मांगी| विष्णु ने हज़ारों वर्षों तक युद्ध किया पर उन्हें हरा न पाए| अंत में उन्होंने भगवती देवी की आराधना की और देवी के आशीर्वाद से उन्होंने मधु कैटभ का वध कर दिया| विचार करने के लिये प्रश्न: १. मधु कैटब का जन्म विष्णु के कान के मैल से हुआ इसका क्या अर्थ है? २. विष्णु उन्हें...
    October 10, 06:04[IST]
  • PIX: जिनमें होती हैं ये 4 बातें, वही होते हैं संत-महात्मा
    संत का सरल शब्दों में अर्थ है मन, वचन और कर्म में शुभ और सद्भावों से भरा चरित्र और व्यक्तित्व। व्यावहारिक जीवन में बोला जाने वाला सज्जन शब्द भी संत का ही पर्याय माना गया है। धर्मशास्त्रों में कलियुग में ऐसा संत जन या स्वभाव बहुत ही दुर्लभ माना गया है और धर्म पालन से जुड़ी चार खूबियां संत-महात्मा की पहचान बताई गईं हैं। आज जबकि देखा और सुना जा रहा है कि कतिपय लोग संत और महात्मा के मुखौटों के पीछे धार्मिक आस्था और विश्वास को आहत करते हैं। इसलिए अगर आप भी धर्म और अध्यात्म क्षेत्र से जुडऩे के लिए संत...
    February 6, 02:54[IST]
  • गीता के इस उपाय से काबू में रखें वासना..आबरू व नजरों में प्रेम भी रहेगा कायम
    अक्सर धार्मिक या आध्यात्मिक होने का अर्थ धार्मिक क्षेत्र, ज्ञान या विषयों से जुड़े किसी खास इंसान से जोड़ा जाता है। जबकि शास्त्रों के मुताबिक सांसारिक जीवन में जब कोई व्यक्ति अध्यात्म की ओर बढ़ता है, तब उसे किसी ऊपरी दिखावे या बनावटी बातों की जरूरत नहीं होती क्योंकि अध्यात्म का संबंध आत्मा से होता है। इसलिए वह भलाई, भद्रता और विनम्रता के रूप में बाहर झलकता है। जरूरी नहीं कि ऐसा इंसान धार्मिक कर्मकांड या पाठ-पूजा में रमा हो। सरल शब्दों में समझें तो व्यावहारिक तौर पर अध्यात्म ऐसा रास्ता है जो...
    January 3, 03:54[IST]
  • जानिए सच्चाई, तंत्र क्रियाएं श्मशान में ही क्यों की जाती हैं
    तंत्र क्रियाओं का नाम सुनते ही जहन में अचानक श्मशान का चित्र उभर आता है। जलती चिता के सामने बैठा तांत्रिक, अंधेरी रात और मीलों तक फैला सन्नाटा। आखिर क्यों अधिकांश तंत्र क्रियाएं श्मशान में की जाती है। यदि आपके मन में भी ये सारे सवाल हैं तो आइये जानते हैं क्यों ये साधनाएं श्मशान में की जाती हैं।
    December 20, 07:00[IST]
  • दीपावली: लक्ष्मी पूजन में ऐसे सजाएं पूजा की थाली
    दीपावली(इस बार 13 नवंबर, मंगलवार) के अवसर पर लक्ष्मी पूजन पूरे विधि-विधान से किया जाना अति आवश्यक है। तभी देवी लक्ष्मी की कृपा तुरंत ही प्राप्त होती है। पूजन के समय सबसे जरूरी है कि पूजा की थाली शास्त्रों के अनुसार सजाई जाए। पूजा की थाली के संबंध में शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि लक्ष्मी पूजन में तीन थालियां सजानी चाहिए। पहली थाली में 11 दीपक समान दूरी पर रखें कर सजाएं। दूसरी थाली में पूजन सामग्री इस क्रम से सजाएं- सबसे पहले धानी (खील), बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, सिंदूर कुंकुम,...
    November 10, 11:52[IST]
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 
विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

स्पोर्ट्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटो फीचर