• इन बातों से बचना चाहिए वरना बाद में होना पड़ सकता है शर्मिंदा
    (राजा का प्रतिकात्मक फोटो) वेश बदलकर घूम रहे एक राजा ने चार सहेलियों की बातें सुनी। एक ने कहा, मांस सबसे स्वादिष्ट होता है। दूसरी ने शराब के स्वाद को अनोखा बताया। तीसरी का मत था, प्रेम का स्वाद सबसे अनोखा है। चौथी के लिए झूठ बोलने का स्वाद सर्वोपरि था। राजा ने अगले दिन चारों को दरबार में बुलाया और अपनी बात समझाने को कहा। पहली बोली, आदमी के मांस खाते ही कुत्ते हड्डियों पर लपक पड़ते हैं। फिर उन्हें कौए ले जाते हैं। इसके बाद चींटियां आहार बनाती हैं। इसलिए मैंने सोचा कि मांस सबसे स्वादिष्ट होता...
    August 9, 08:11[IST]
  • जब विवेकानंद ने पंडित को सही ज्ञान देने के लिए उठाया डंडा
    यह घटना उन दिनों की है जब बंगाल में भीषण अकाल पड़ा था। स्वामी विवेकानंद के मन में अकाल पीड़ितों के लिए बहुत संवेदना थी। अत: वे सारे देश में घूम-घूमकर अकाल पीड़ितों के लिए अन्न व धन एकत्र करने लगे। इसी सिलसिले में स्वामीजी ढाका गए। वहां उनसे भेंट करने के लिए कुछ वेदांती पंडित आए। वस्तुत: पंडितों के मन में स्वामीजी से शास्त्रार्थ करने की इच्छा थी, किंतु उन्होंने अकाल पीड़ितों की चर्चा छेड़ दी। वे कहने लगे, जब मैं अकाल से लोगों को मरते हुए देखता हूं तो मुझे बहुत दु:ख होता है, आंखों में आंसू आ जाते...
    August 3, 10:38[IST]
  • ये बातें ध्यान रखेंगे तो किसी व्यक्ति को परखने में गलती नहीं होगी
    उज्जैन। एक राजमहल के द्वार पर एक वृद्ध भिखारी आया। द्वारपाल से उसने कहा, भीतर जाकर राजा से कहो कि तुम्हारा भाई मिलने आया है। द्वारपाल ने समझा कि शायद कोई दूर के रिश्ते में राजा का भाई हो। सूचना मिलने पर राजा ने भिखारी को भीतर बुलाकर अपने पास बैठा लिया। उसने राजा से पूछा, कहिए बड़े भाई! आपके क्या हालचाल हैं? राजा ने मुस्कराकर कहा, मैं तो आनंद में हूं। आप कैसे हैं? भिखारी बोला, मैं जरा संकट में हूं। जिस महल में रहता हूं, वह पुराना और जर्जर हो गया है। कभी भी टूटकर गिर सकता है। मेरे बत्तीस नौकर थे, वे भी एक...
    July 30, 06:11[IST]
  • स्वामी विवेकानंद ने एक महिला को बताया था कैसे होती है चरित्र की पहचान
    स्वामी विवेकानंद शिकागो की विश्व धर्म संसद के लिए अमेरिका पहुंच गए थे। अभी धर्मसंसद में कुछ दिन शेष थे। जाहिर है धर्मसंसद में न उनका ऐतिहासिक उद्बोधन हुआ था और न उन्हें ख्याति मिली थी। अमेरिका में पहुंचने के बाद भी वे संन्यासियों की वेशभूषा में रहते थे। कषाय वस्त्र, सिर पर पगड़ी, हाथों में डंडा और कंधों पर चादर डली हुई। इसी वेशभूषा में वे एक दिन शिकागो की सड़कों पर भ्रमण कर रहे थे। अमेरिका के वासियों के लिए यह वेशभूषा न सिर्फ अचरज की वजह थी, बल्कि काफी हद तक उनके लिए यह उपहास का विषय थी।...
    June 26, 10:45[IST]
  • एक राजा को ऐसे मालूम हुआ तंदुरुस्ती का राज, खाते समय ध्यान रखें ये 3 बातें
    एक राजा प्राय: रात के समय अपनी प्रजा के हालचाल जानने के लिए वेश बदलकर घूमता था। उसे कोई पहचान नहीं पाता और इसलिए वह प्रजा की समस्याओं व जरूरतों का ठीक-ठीक तरीके से आंकलन कर पाता था। इससे उसे राज्य विषयक योजनाएं बनाने में तो मदद मिलती ही थी, साथ ही वह अपनी प्रजा के हर प्रकार के स्तर से वाकिफ होता था। एक बार वह रात के समय निकला और राजधानी के पूर्वी छोर की बस्ती में पहुंचा। वहां का इलाका अपेक्षाकृत रूप से निर्धन था। राजा वहां बनी झोपडिय़ों में रहने वालों से मिला और उनकी समस्याओं को जाना। तभी उसकी...
    June 15, 12:42[IST]
  • क्रोध के कारण महिला ने गंवाई जान, पढ़िए पूरी कहानी
    एक किसान की पत्नी बहुत क्रोधी थी। कोई जब उसके भले की बात कहता तो वह उसका उल्टा ही करती थी। एक दिन किसान ने कहा, 'आज गर्मी अधिक है। खिड़की-दरवाजे खोल दो तो जरा ठंडी हवा आएगी।' यह सुनते ही किसान की पत्नी बोली, 'मुझे तो ठंड लग रही है। खिड़की-दरवाजे बंद ही रहने दो।' बेचारा किसान चुप रह गया। एक दिन वह बोला, 'आज बारिश हो रही है। मेरा मन मठरियां खाने का हो रहा है। थोड़ी मठरियां बना दो।' उसकी पत्नी ने चिढ़कर कहा, 'घर में घी और मैदा नहीं है, जो तुम्हारा यह शौक पूरा करूं।' किसान मन मसोसकर रह गया। जब वह खेत से घर आया तो...
    June 2, 12:20[IST]
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