• बिना माला उंगलियों पर ऐसे गिनती कर भी कर सकते हैं मंत्र जप
    उज्जैन। देव उपासना से संकट दूर करने या मुरादें पूरी करने के लिए मंत्र जप असरदार माने जाते हैं। शास्त्रों के मुताबिक यह तभी संभव है जब मंत्र जप नियम से भी किए जाएं। मंत्र जप के इन नियमों में अहम है- मंत्र संख्या। बिना गिने मंत्र जप आसुरी जप कहे जाते हैं, जो शुभ फल नहीं देते। यही वजह है कि निश्चित संख्या में मंत्र जप के लिए जप माला का उपयोग किया जाता है, किंतु शास्त्रों में मंत्रों की गिनती के लिए ऐसा तरीका भी बताया गया है, जो किसी कारणवश जप माला न होने पर भी कारगर और शुभ माना जाता है। यह तरीका है -...
    March 8, 06:07[IST]
  • कैसे करें श्राद्ध? जानिए आसान तरीके
    शास्त्रों के मुताबिक घर-परिवार में सुख-शांति और जीवन में तरक्की व सफलता पाने के लिए भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि व आश्विन कृष्ण पक्ष के 15 दिनों में जिस दिन पूर्वजों की श्राद्ध तिथि आए उस दिन पितरों की संतुष्टि के लिए श्राद्ध विधि-विधान से करना चाहिए। अगर आप शास्त्रोक्त तरीके को नहीं जानते या किसी भी वजह से इस अहम कर्म को न कर पाएं तो यहां बताए आसान तरीके को जानकर भी पितरों के लिए स्नेह प्रकट कर सकते हैं -
    September 19, 04:12[IST]
  • गीता जयंती आज: कर्म करने की शिक्षा देती है गीता
    हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 23 दिसंबर, रविवार को है। महाभारत के अनुसार जब कौरवों व पांडवों में युद्ध प्रारंभ होने वाला था। तब अर्जुन ने कौरवों के साथ भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य आदि श्रेष्ठ महानुभावों को देखकर तथा उनके प्रति स्नेह होने पर युद्ध करने से इंकार कर दिया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था जिसे सुन अर्जुन ने न सिर्फ महाभारत युद्ध में भाग लिया अपितु उसे निर्णायक स्थिति तक...
    December 23, 07:00[IST]
  • एंजायटी से छुटकारा चाहिए तो करवाइए ये आयुर्वेदिक थेरेपी
    तनाव हर उम्र एवंहर युग में था ,अगर ऐसा नहीं होता तो हमारे ऋषि मुनियों ने पंचकर्म की तकनीक शिरोधारा को विकसित न किया होता। यूँ तो पंचकर्म अपनी विभिन्न विधियों द्वारा चिकित्सा के लिए जाना जाता है, परन्तु अभ्यंग एवं शिरोधारा जैसी तकनीक आज पूरी दुनिया में अपनाई जा रही है।आइए ऐसी ही एक तकनीक से हम आपका परिचय कराते हैं, जिसका नाम है'शिरोधारा पंचकर्म कीइस तकनीक का प्रयोग आज हेल्थ टूरिज्म एवं रिसोर्ट को विकसित करने में किया जा रहा है। अमेरिका एवं यूरोपीयन यूनियन के देशों में स्पा में लोग इस तकनीक से...
    September 5, 02:38[IST]
  • ये है टेंशन को दूर भगाने का आयुर्वेदिक तरीका
    युग बदल रहा है ,यह सत्य है। आज मानव जीवन भी युग के अनुसार परिवर्तित हो रहा है,आज हमारे पास समय कम है, दूसरों के लिए ही नहीं अपने लिए भी प्रतिस्पर्धा की दौड़ शरीर पर अनावश्यक तनाव पैदा कर रही हैं। हाँ यह सत्य है ,कि तनाव हर उम्र एवं युग में था ,अगर नहीं तो हमारे ऋषि मुनियों ने पंचकर्म की तकनीक शिरोधारा को विकसित न किया होता। यूँ तो पंचकर्म अपनी विभिन्न विधियों द्वारा चिकित्सा के लिए जाना जाता है, परन्तु अभ्यंग एवं शिरोधारा जैसी तकनीक आज पूरी दुनिया में अपनाई जा रही है।आइये ऐसी ही एक तकनीक से हम आपका...
    May 17, 12:57[IST]
  • अगर आत्म संतुष्टि चाहिए तो कुछ काम ऐसे भी करें...
    क्यों हर काम हमें पूरी तरह संतुष्टि नहीं देता। संतुष्टि हमारे भीतरी विकास के लिए बहुत आवश्यक है लेकिन अक्सर हम बाहरी दुनिया में इतने खो जाते हैं कि अपने मन की शांति को नजरअंदाज कर देते हैं। आत्मशक्ति को बढ़ाने के लिए मन की शांति और शक्ति दोनों ही बहुत जरूरी है। कभी-कभी बिना किसी लगाव और स्वार्थ के काम काम करने पर ही आत्म संतुष्टि मिलती है। स्वार्थ से किया गया काम अशांति ही देकर जाएगा, क्योंकि उसमें हम कहीं ना कहीं कोई गलत कर्म जरूर करते हैं। गलत काम मन में डर पैदा करते हैं। भय कभी संतुष्टि के भाव...
    October 17, 04:27[IST]
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