• इस दिशा में मुंह करके खाना खाएंगे तो प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी, ध्यान रखें ये बातें
    तस्वीरों का प्रयोग प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। उज्जैन। धर्मग्रंथों में भगवान के दर्शन के लिए सबसे पहले अन्न को ही ब्रह्म रूप में देखने की सीख देकर लिखा गया है। अन्नं ब्रह्म इति व्याजाना।साथ ही,भोजन व भोजन की शैली के बारे में भीअनेक बातें कही गएहैं। इसमें से प्रमुख है.... सुरभिस्त्वं जगन्मातर्देवि विष्णुपदे स्थिता। सर्वदेवमयी ग्रासं मया दत्तमिमं ग्रस।। गौरतलब है कि आज के दौर में गुजरे जमाने की तुलना में भोजनशैली और व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। जाहिर है इससे इंसान की सेहत,...
    August 25, 03:43[IST]
  • पूजा तो सभी करते हैं, लेकिन काफी लोग ध्यान नहीं रखते ये 25 जरूरी नियम
    उज्जैन। सुखी और समृद्धिशाली जीवन के लिए देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस परंपरा को निभाते हैं। पूजन से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन भी किया जाना चाहिए। अन्यथा पूजन का शुभ फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो पाता है। यहां 25 ऐसे नियम बताए जा रहे हैं जो सामान्य पूजन में भी ध्यान रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखने पर बहुत ही जल्द शुभ प्राप्त हो सकते हैं।   ये नियम इस प्रकार हैं...   - सूर्य, गणेश,...
    August 21, 06:05[IST]
  • जब भी मंदिर जाएं, मूर्ति के सामने न भूलें ये बातें
    उज्जैन।सनातन धर्म कुदरत के कण-कण में भगवान को देखता है। इसी आस्था से कई देवी-देवताओं की भी पूजा की जाती है। इसलिए हर देवालय मन, विचार व व्यवहार को पवित्र व साधने वाली ऊर्जा देने वाले शक्तिस्थल भी माने जाते हैं। हर देवी-देवता विशेष शक्ति साधना के लिए पूजनीय हैं। देव उपासना से कार्य विशेष को साधने के लिए बुद्धि और विवेक मिलने की आस्था ही भक्त को देवालय तक खींच लाती है। चूंकि देव शक्ति से जुड़ी यही श्रद्धा और आस्था सब कुछ संभव करने वाली मानी गई है। इसलिए यह भी जरूरी है कि देवालय में पहुंच देव दर्शन...
    August 20, 10:28[IST]
  • जब भी मंदिर जाएं, मूर्ति के सामने न भूलें ये बातें
    उज्जैन।सनातन धर्म कुदरत के कण-कण में भगवान को देखता है। इसी आस्था से कई देवी-देवताओं की भी पूजा की जाती है। इसलिए हर देवालय मन, विचार व व्यवहार को पवित्र व साधने वाली ऊर्जा देने वाले शक्तिस्थल भी माने जाते हैं। हर देवी-देवता विशेष शक्ति साधना के लिए पूजनीय हैं। देव उपासना से कार्य विशेष को साधने के लिए बुद्धि और विवेक मिलने की आस्था ही भक्त को देवालय तक खींच लाती है। चूंकि देव शक्ति से जुड़ी यही श्रद्धा और आस्था सब कुछ संभव करने वाली मानी गई है। इसलिए यह भी जरूरी है कि देवालय में पहुंच देव दर्शन...
    August 19, 04:56[IST]
  • आज द्वादशी व त्रयोदशी का योग, ऐसे करें भगवान शिव का पूजन
    उज्जैन। आज (8 अगस्त, शुक्रवार) को श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वादशी व त्रयोदशी तिथि का योग बन रहा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु हैं वहां त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं। इस प्रकार भगवान शिव के मास में विष्णु व कामदेव की तिथि का योग बन रहा है। इस प्रकार शुक्रवार के दिन भक्तों को भगवान शिव के साथ विष्णु व कामदेव का पूजन करन चाहिए। इस दिन भगवान शिव को धतूरा और भगवान विष्णु को पंचामृत अर्पित करें। ऐसा करने से सभी लोकों का सुख मिलता है। वहीं त्रयोदशी तिथि के देवता...
    August 8, 06:00[IST]
  • पूजा में चावल क्यों चढ़ाते हैं?
    उज्जैन। चावल को अक्षत भी कहा जाता है और अक्षत का अर्थ होता है जो टूटा न हो। इसका रंग सफेद होता है। पूजन में अक्षत का उपयोग अनिवार्य है। किसी भी पूजन के समय गुलाल, हल्दी, अबीर और कुंकुम अर्पित करने के बाद अक्षत चढ़ाए जाते हैं। अक्षत न हो तो पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। शास्त्रों के अनुसार पूजन कर्म में चावल का काफी महत्व रहता है। देवी-देवता को तो इसे समर्पित किया जाता है साथ ही किसी व्यक्ति को जब तिलक लगाया जाता है तब भी अक्षत का उपयोग किया जाता है। भोजन में भी चावल का उपयोग किया जाता है। कुंकुम,...
    August 8, 12:05[IST]
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