
इन दिनों सफलता प्राप्त करना नशे की तरह हो गया है। कोई भी असफल नहीं रहना चाहता। मजेदार बात यह है कि जो असफल हो जाते हैं वो तो परेशान नजर आते ही हैं पर ज्यादातर लोग सफल होने के बाद भी अशांत रहते हैं। अध्यात्म कहता है श्रद्धावान चित्त अशांत नहीं होगा। इसलिए हमें अपने काम के प्रति अत्यधिक श्रद्धा पैदा करना होगी। लगन और श्रद्धा में फर्क है। लगन जब बहुत गहरी उतर जाती है तब श्रद्धा होती...
इस समय हमारे पारिवारिक जीवन में जितनी समस्याएं चल रही हैं उसमें एक बड़ी समस्या है इमोशनल एप्सेंस। संवेदनाओं के अभाव के कारण घर के सदस्य एक दूसरे के प्रति रूखे और सूखे हो गए हैं। अब तो कई घरों में हो रही बातचीत सुन और देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी मॉल के काउंटर पर लेन-देन हो रहा है या किसी कॉर्पोरेट ऑफिस के केबिन में मीटिंग हो रही है या पेढ़ी पर ब्याज-बट्टे का हिसाब चल रहा है। घर परिवार...
परिवार में किया गया आचरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें पूरे परिवार का जीवन और बच्चों का भविष्य छिपा होता है। ऐसा कहते हैं मनुष्य की आदतें उसके परिवार में निर्वस्त्र रहती हैं। घर के बाहर तो ओढ़ी शराफत, ढोंग, छल, दिखावा यह सब करके वह अपने आचरण को बचा ले जाता है, लेकिन घर में आदमी अपने दुर्गुणों के साथ खुलकर खेल लेता है। इसलिए देखा जाता है कि घरों में दुर्गुणी सदस्य किसी...
हम गृहस्थी में रहकर भी वैराग साध सकते हैं। इसका यह अर्थ नहीं है कि गृहस्थी को ही त्याग दें, अपनी अलग कुटिया बाहर बना लें। समझ लें छोडऩा क्या है? मद और पद यह दो बातें गृहस्थी में भी रहती हैं। मद दो अर्थ रखता है। जब किसी में बहुत तीव्रतम गौरव या अभिमान हो तो मद कहलाता है और दूसरी ओर शराब के लिए भी मद शब्द का प्रयोग होता है। मद और शराब व्यावहारिक अर्थों में एक-दूसरे से मिलते हैं। शराब पीने...
सामाजिक जीवन में प्राय: गृहस्थ जीवन का मतलब मात्र कुटुंब, खानदान या वंशवृद्धि की सोच तक सीमित रह जाता है। ऐसे विचार कहीं न कहीं मानव की स्वार्थ की भावना को उजागर करते हैं। अगर धर्म के नजरिए से गृहस्थ धर्म की बात करें तो सनातन धर्म की परंपराओं में जीवन के चार पुरुषार्थ - धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मानव जीवन को चार आश्रम व्यवस्थाओं में बांटा गया। जिनमें गृहस्थाश्रम भी...
क्या आप जानते हैं कि हाथ की रेखाएं सिर्फ ये नहीं बताती की आपका आने वाला कल कैसा होगा? बल्कि ये भी बता सकती हैं कि आपका आने वाला समय कितना टेंशन से भरा हो सकता है? या आपका पारिवारिक जीवन कैसा होगा? ये सभी बातें हाथ में मौजूद चिंता रेखाओं या टेंशन लाइन्स से पता लगाई जा सकता है। हाथ में अंगूठे और इंडैक्स फिंगर के बीच से निकलकर अंगूठे के पास से शुक्र के पूरे क्षेत्र को घेरते हुए जो रेखा...
हमारे पारिवारिक जीवन में प्रेम होना चाहिए। परिवार जब भी टिकेगा प्रेम पर टिकेगा। समझौतों पर टिका हुआ दाम्पत्य बड़े दुष्परिणाम लाता है। एक काल की घटना है जिस समय हस्तिनापुर में दाम्पत्य घट रहे थे लोगों के। उसी समय द्वारिका में कृष्णजी का भी दाम्पत्य घट रहा था पर कितना अंतर है कोई ये नहीं कह सकता कि इतने सारे परिवार में सदस्य थे इसलिए हस्तिनापुर में कौरव-पांडव लड़ मरे। जितने कौरव...