
कई बार हम लक्ष्य के करीब होते हुए भी चूक जाते हैं। जीतने की घड़ी में थोड़ी सी हड़बड़ाहट जीत को हार में बदल देती है। जब मंजिल के नजदीक हों तो सबसे ज्यादा जरूरी होती है एकाग्रता। एकाग्रता का सीधा संबंध होता है मन से। मन जितना ज्यादा शांत रहेगा, प्रयास उतने अच्छे रहेंगे। परिणाम भी मनोनुकुल मिलेंगे। भागवत में सत्यवान और सावित्री की कथा देखिए। सावित्री ने सत्यवान से विवाह किया था। वो...
प्राचीन समय से ही मनुष्य मुसीबतों से बचने के लिए प्रार्थना करता आया है। किसी भी किए गए कर्म का फल प्राप्त करने के लिए प्रार्थना की जाती है। विश्व के हर कोने में लोग प्रार्थना करते हैं। सुबह के समय अधिकतर लोग ईश्वर की प्रार्थना इसीलिए करते हैं ताकि पूरा दिन सुखद रहे। स्कुलों में बच्चे सामुहिक रूप से प्रार्थना करके पढ़ाई करते हैं। इसी तरह लोग अपनी -अपनी आजीविका चलाने के कार्य...
दुनिया की लम्बी दौड़ में कई मोड़ ऐसे आते हैं जब न चाहते हुए भी हाफना पड़ जाता है। ऊर्जा के सांसारिक केन्द्र बहुत अधिक मदद नहीं कर पाते हैं। ऐसे समय आध्यात्मिक शक्ति अपने भीतर उत्पन्न करने की कला हमें सीख लेना चाहिए। हमारे ऋषि-मुनियों ने एकाग्रता पर बहुत काम किया है। हर काम करते समय एकाग्रता का अभ्यास रखें। जब जो करें, जमकर करें। यह भी एकाग्रता है। एकाग्रता से तीन फायदे होते हैं।...
चित्त की चंचलता पूरे जीवन में हलचल मचाती रहती है। चंचल चित्त अनेक परिणाम देता है उनमें से एक है स्वप्न। स्वप्न हमें बताते हैं हमारे जीवन में कहां कमी हो गई है। जो-जो चीज अपर्याप्त हो गई, जिनका अभाव बन गया हम उन चीजों का सपना देखने लगते हैं। हमने जो दुनिया से छुपाया है सपने हमें उन्हें बता देते हैं। गांधीजी कहा करते थे दिनभर तो मैं ब्रह्मचर्य साध लेता हूं, कोई परेशानी नहीं होती,...
क्या आपके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता? आप उसकी पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं?बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता कहीं इसका कारण उसके कमरे का वास्तु तो नहीं है। अक्सर गलत दिशा में पढ़ाई की टेबल रखने से भी विद्यार्थी एकाग्रता के साथ पढ़ाई नहीं कर पाते हैं या करते भी हैं तो उन्हें मेहनत के अनुसार परिणाम नहीं मिल पाता है। इसलिए बच्चों के कमरे के वास्तु और उसकी सजावट पर विशेष ध्यान देना...
अधिकतर लोगों के साथ यह समस्या होती है कि उनका मन कभी स्थिर नहीं रहता। कहीं-न-कहीं किसी सोच में डूबा ही रहता है। किसी भी काम को शुरू तो करते हैं, लेकिन बहुत जल्दी ही उससे ऊब भी जाते हैं। कई विद्यार्थी पढऩे बैठते हैं तो दोस्तों के ख्याल आते हैं और जब दोस्तों के बीच होते हैं तो पढ़ाई का ध्यान रहता है। आखिर क्यों मन स्थिर नहीं रहता? क्या कारण है कि हम कभी एकाग्र होकर काम नहीं कर पाते? इस...
- ध्यान से सबसे बड़ी चीज मिलती है सकारात्मक सोच। - जब हम एकाग्र होते हैं तो ज्यादा ऊर्जा से लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। ध्यान हमें इसी दिशा में ले जाता है। - कहते हैं ध्यान से मनचाही चीज मिल सकती है। आम लोग सांसारिक वस्तुओं की कामना करते हैं तो योगी परमात्मा की। - ध्यान से सामान्यजन की कार्यक्षमता (वर्किग केपेसिटी)और सृजनात्मकता (क्रिएटिविटी) बढ़ती है। - आम आदमी को शांति चाहिए तो योगी को...
एक विषय विशेष पर चित्त स्थिर करना ध्यान कहलाता है। पूजा पद्धति का यह एक अंग है। ध्यान में हम एक आसन पर बैठकर किसी स्वरूप का चिंतन करते है। पूजन के बाद या सवेरे जल्दी उठकर ध्यान करने का बड़ा महत्व है। मंदिर में दर्शन के बाद थोड़ी देर बैठने का जो नियम है वह ध्यान के लिए ही होता है।ध्यान अपनी-अपनी रुचि के अनुसार किसी का भी किया जा सकता है। जैसे दीपक की लौ, कोई बिंदू, ईश्वर के रूप...
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हमाम में यहां सब नंगे और कहीं कपड़े उतारने पर छापनी पड़ी नियमों की किताब!!!
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