
11 अप्रैल से शुरु होगा संवत् 2070, गुरु होगा राजा और शनि मंत्री

विश्व में विभिन्न धर्मों में अलग-अलग तिथि व समय को नया वर्ष मनाया जाता है। इसी तरह हिंदू धर्म में नए साल का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी गुड़ी पड़वा से माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि निर्माण का कार्य प्रारंभ किया था। इस दिन से चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ भी होता है।
इस तिथि से विक्रम संवत् का प्रारंभ भी होता है। ग्रंथों के अनुसार उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के राजा विक्रमादित्य ने इसी तिथि से कालगणना के लिए विक्रम संवत् का प्रारंभ किया था जो आज भी हिंदू कालगणना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक संवत् का एक विशेष नाम होता है तथा विभिन्न ग्रह इस संवत् के स्वामी, राजा व मंत्री होते हैं जिसका असर वर्ष भर जन सामान्य पर दिखाई देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 11 अप्रैल 2013 को विक्रम संवत् 2070 का प्रारंभ होगा। इस वर्ष विश्वेदेवा युग में पराभव नामक संवत्सर रहेगा जिसके स्वामी बुध हैं। विष्णु विशंति में इस पराभव नामक संवत्सर की गणना 20वें क्रमांक पर होती है। इस संवत्सर के राजा गुरु, मंत्री शनि है साथ ही दुर्गेश का पद शुक्र के पास रहेगा। इस वर्ष मेघों में संवर्त नाम का मेघ बारीश करेगा।










