Home» Jeevan Mantra »Dharm »Pujan Vidhi » Utsav- Shukra Pradosh Fast On 15, Get Wealth And Peace.

शुक्र प्रदोष व्रत 15 को, सुख-सौभाग्य पाएं

धर्म डेस्क. उज्जैन | Apr 14, 2011, 14:35PM IST
शुक्र प्रदोष व्रत 15 को, सुख-सौभाग्य पाएं

भगवान शंकर अनन्त व अविनाशी है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए धर्म ग्रंथों में कई प्रकार के उपवास व व्रतों के बारे में बताया गया है। इन्हीं में से एक व्रत है प्रदोष व्रत। प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। विभिन्न वारों के साथ यह व्रत विभिन्न योग भी बनाता है। जब त्रयोदशी शुक्रवार को आती है तो शुक्रप्रदोष व्रत किया जाता है। इस बार यह व्रत 15 अप्रैल, शुक्रवार को है। पुराणों के अनुसार शुक्रप्रदोष व्रत करने से सुख व सौभाग्य प्राप्त होता है।

प्रदोष व्रत के पालन के लिए शास्त्रोक्त विधान इस प्रकार है। किसी विद्वान ब्राह्मण से यह कार्य कराना श्रेष्ठ होता है- 

 - प्रदोष व्रत में बिना जल पीए व्रत रखना होता है। सुबह स्नान करके भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराकर बेल पत्र,  गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।

- शाम के समय पुन: स्नान करके इसी तरह शिवजी की पूजा करें।  शिवजी का षोडशोपचार पूजा करें। जिसमें भगवान शिव की सोलह सामग्री से पूजा करें।

- भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं।

- आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। आठ बार दीपक रखते समय प्रणाम करें। शिव आरती करें। शिव स्त्रोत, मंत्र जप करें ।

- रात्रि में जागरण करें।

इस प्रकार समस्त मनोरथ पूर्ति और कष्टों से मुक्ति के लिए व्रती को प्रदोष व्रत के धार्मिक विधान का नियम और संयम से पालन करना चाहिए।


आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
2 + 10

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment