Home» Jeevan Mantra »Dharm »Upasana » शनि की सिर्फ 4 पंक्तियों की यह मंत्र स्तुति करती है मंगल ही मंगल

शनि की सिर्फ 4 पंक्तियों की यह मंत्र स्तुति करती है मंगल ही मंगल

धर्म डेस्क. उज्जैन | Dec 10, 2011, 07:43AM IST
शनि की सिर्फ 4 पंक्तियों की यह मंत्र स्तुति करती है मंगल ही मंगल

शास्त्रों के मुताबिक दण्डाधिकारी शनिदेव शुभ व मंगल विचार, व्यवहार और कर्मों को अपनाने वाले का मंगल ही करते हैं। जिससे शनि की इंसान पर ऐसी कृपा होती है कि सफलता, सुख, वैभव, भाग्य में आने वाली सारी बाधाओं का अंत होता है। इस तरह शनि की प्रसन्नता रंक को राजा बनाने वाली भी होती है।

यही कारण है कि शनिवार या शनि दशाओं जैसे साढ़े साती, ढैय्या में या शनि दोष दूर करने के लिये शास्त्रों में बताए 4 पंक्तियों के शनि मंगल स्त्रोत का पाठ बहुत ही चमत्कारी फल देने वाला माना गया है।

जानते हैं इस छोटे-से 4 पंक्तियों के शनि मंगल स्त्रोत का पाठ व सरल शनि पूजा विधि -

- शनिवार को सुबह व शाम जल में काले तिल डालकर स्नान के बाद यथासंभव काले या नीले वस्त्र पहन शनि मंदिर में शनि की काले पाषाण की चार भुजा युक्त मूर्ति को पवित्र जल से स्नान कराकर तिल या सरसों का तेल अर्पित करें। काले तिल, काले या कोई भी फूल, काला वस्त्र, तेल से बने पकवान का भोग लगाकर नीचे लिखें शनि मंगल मंत्र स्त्रोत को नीले आसन पर बैठ सुख, यश, वैभव, सफलता व शनि पीड़ा से मुक्ति की कामना के साथ बोलें -

मन्द: कृष्णनिभस्तु पश्चिममुख: सौराष्ट्रक: काश्यप:

स्वामी नक्रभकुम्भयोर्बुधसितौ मित्रे समश्चाङ्गिरा:।

स्थानं पश्चिमदिक् प्रजापति-यमौ देवौ धनुष्यासन:

षट् त्रिस्थ: शुभकृच्छनी रविसुत: कुर्यात् सदा मंङ्गलम्।।

- यह मंत्र स्तुति बोलने के बाद धूप, तेल के दीप व कर्पूर से आरती करें व तेल के पकवान का प्रसाद ग्रहण करें व शनि का समर्पित किया काला धागा दाएं हाथ की कलाई या गले में पहने।


आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
5 + 9

 
विज्ञापन
 
Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

स्पोर्ट्स

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment