मकर संक्रांति देवताओं के प्रकाश का आरंभ काल है। यानी ये देवताओं का प्रकाश पर्व है। यही कारण है कि हिंदू मान्यताओं में विश्वास रखने वाले करोड़ों श्रद्धालु मकर संक्रांति को व्रत, दान, स्नान आदि के माध्यम से इस पर्व पर संकल्पित होते हैं। इस पर्व का सीधा संबंध ग्रहों के राजा सूर्य के संक्रमण से है इसलिए ज्योतिष संदर्भों में भी इसका महत्व है।
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