सामान्यत: सभी अविवाहित लोगों को यह जानने की जिज्ञासा रहती है कि उनका जीवन साथी कैसा होगा? उसका स्वभाव कैसा होगा? इस जिज्ञासा की शांति के लिए कुंडली अध्ययन से की जा सकती है। भृगु संहिता के अनुसार कुंडली का सप्तम भाव विवाह का कारक स्थान माना जाता है। अलग-अलग लग्न के अनुसार इस भाव की राशि और स्वामी भी बदल जाता है। अत: यहां जैसी राशि रहती है उस व्यक्ति का जीवन साथी वैसा ही रहता है।
यहां जानिए किसी लड़की की कुंडली के सप्तम भाव में जो राशि स्थित है उस राशि के अनुसार उसका जीवन साथी कैसा होगा-