सृष्टि के आरंभ में सर्वप्रथम जो शब्द उत्पन्न हुआ, वह 'ओम' ही था। सनातन धर्म के समस्त श्लोक एवं मंत्र का आरंभ इसी एकाक्षरी मंत्र से होता है। ओम वह सात्विक शक्ति है, जिसके जाप के समय होने वाले स्पंदन से शरीर के अंदर व्याप्त सभी प्रकार के रोगाणुओं का नाश हो जाता है। ओम का बारंबार उच्चारण हमारे लिए कई प्रकार से सहायक होता हैं। बीमारियों को भगाने के अलावा हमारे आसपास के वातवरण को रमणीय बनाने एवं जीवन में खुशहाली लाने के लिए भी इसका जाप एवं ध्यान उपयोगी हैं।यहां दिए गए फोटो में जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा द्वारा बताए गए ऊँ के चमत्कारी उपाय और खास बातें...