
ऐसे लोगों को भाग्य की मदद से मिलती है सफलता

जानिए यदि किसी व्यक्ति की कुंडली तुला लग्न की है और उसके नवम या दशम भाव में राहु स्थित हो तो व्यक्ति के जीवन पर क्या-क्या प्रभाव पड़ते हैं-
तुला लग्न की कुंडली के नवम भाव में राहु हो तो...
जिन लोगों की कुंडली तुला लग्न की है और उसके नवम भाव में राहु हो तो व्यक्ति को भाग्य एवं धर्म के क्षेत्र में काफी लाभ प्राप्त होता है। तुला लग्न की कुंडली का नवम भाव मिथुन राशि का स्वामी बुध है। बुध की इस राशि में राहु होने पर व्यक्ति को भाग्य की मदद से कई प्रकार की उपलब्धियां प्राप्त होती हैं। ऐसे लोग धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं।
तुला लग्न की कुंडली के दशम भाव में राहु हो तो...
कुंडली का दशम भाव शासकीय एवं पिता से संबंधित होता है। तुला लग्न की कुंडली में यहां राहु होने पर व्यक्ति कई प्रकार की परेशानियों के कारण कार्यों में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है। इस लग्न की कुंडली में इस स्थान कर्क राशि का स्वामी चंद्र है।










