हिंदू धर्म में विभिन्न धार्मिक कर्म-कांडों में फूलों का विशेष महत्व है। धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। पुष्प के संबंध में शारदा तिलक में कहा गया है-
दैवस्य मस्तकं कुर्यात्कुसुमोपहितं सदा।
अर्थात देवता का मस्तक सदैव पुष्प से सुशोभित रहना चाहिए।
वैसे तो किसी भी भगवान को कोई भी फूल चढ़ाया जा सकता है लेकिन कुछ फूल होते हैं जो देवताओं को विशेष प्रिय हैं। इन फूलों को देवताओं को अर्पित कर कोई भी इंसान अपनी किस्मत बदल सकता है। कौन से भगवान की पूजा किस फूल से करें, इसके बारे में संक्षिप्त जानकारी आगे की स्लाइड्स में दी गई है-