ज्योतिष के अनुसार सूर्य के वृश्चिक से धनु राशि में पहुंचते ही खर (मल) मास प्रारम्भ हो जाता है। इस बार 15 दिसम्बर 2012 को रात्रि 8 बजकर 14 मिनट से भगवान सूर्य के धनु राशि में आने से खर मास प्रारम्भ हो चुका है जो कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही 14 जनवरी, 2013 को समाप्त हो जाएगा अर्थात् मकर संक्रांति से मांगलिक कार्यों का आयोजन पुन: प्रारम्भ हो जाता है। विद्वानों का मानना है कि खर (मल) मास अशुभ होता है इसलिए इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते और न ही किसी नए कार्य की शुरुआत की जाती है।
ग्रह नक्षत्रम् के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वाष्र्णेय के अनुसार खर मास में भागवत कथा, रामायण आदि का श्रवण पाठ किया जाना शुभ माना जाता है। खरमास में व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पूजा-पाठ, ईश्वर आराधना करनी चाहिए ताकि उनके जीवन में अध्यात्मिक शक्त्यिों द्वारा शुभ ऊर्जा का विकास हो सके। यदि इस समय राशि के अनुसार अपनीराशि के स्वामी की आराधना अपने ईष्ट देव के साथ किया जाए तो बहुत ही शुभ फल प्राप्त होता है व हर मनोकामना पूरी हो जाती है।
आप भी जानिए खर मास में राशि अनुसार किस व्यक्ति को किसकी पूजा करना लाभप्रद रहता है-