
...अगर आपकी कुंडली में है केमद्रुम योग तो आज करें ये उपाय

हिंदू पंचांग के अनुसार मास की पंद्रहवी एवं शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि पूर्णिमा होती है। इस बार 25 फरवरी, सोमवार को माघ मास की पूर्णिमा है। माघ मास में होने के कारण इसे माघी पूर्णिमा कहते हैं।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्रमा हैं। ज्योतिष के अनुसार चंद्र व्यापार एवं धन की प्राप्ति कराने वाला ग्रह है। जिन लोगों की कुंडलियों में चंद्र अकेला हो एवं अन्य किसी ग्रह से दृष्ट ना हो वह जातक धन की कमी से सदा परेशान रहता है। नौकरी एवं व्यापार में भी वह मुश्किलों में रहता है। इसको केमद्रुम योग भी कहते है।
इस माघ पूर्णिमा पर चंद्रमा अपने मित्र सूर्य की राशि में स्थित होगा। अत: केमद्रुम योग वाले लोग यदि माघ पूर्णिमा के दिन सुबह किसी नदी, सरोवर अथवा कुंए पर स्नान कर सफेद वस्त्र, भोजन, घी, कपास एवं चंादी का दान करें तो इस योग से शांति मिलती है।
इस दिन पूर्ण सफेद वस्त्र धारण करने से भी लाभ होता है। इस दिन यदि सक्षमता हो तो अनामिका अंगुली में चांदी, सोने एवं तांबे के तार से बना हुआ छल्ला धारण किया जाए तो केमद्रुम योग से मुक्ति मिलती है।










