समुद्र शास्त्र के अंतर्गत ऐसे कई माध्यम बताए गए हैं जिनसे किसी भी व्यक्ति के संबंध में काफी कुछ जाना जा सकता है। इसके अंतर्गत शरीर के हर अंग या निशान को देखकर उसके चरित्र को समझा जा सकता है। शरीर पर होने वाले तिल भी ऐसा ही एक माध्यम है। समुद्र शास्त्र में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि शरीर के किस अंग पर तिल होने से उसका क्या फल मिलता है। आप भी जानिए शरीर पर तिल होने के रोचक तथ्य लेकिन उसके पहले ये जानिए तिल होते क्या हैं-
चिकित्सीय भाषा के अनुसार जब त्वचा की कोशिकाएं पूरी त्वचा में फैलने के बजाय एक जगह इकट्ठी हो जाती हैं तो कुछ समय बाद वे मोल (मस्सा) का रूप ले लेती हैं। ऐसी कोशिकाओं को मेलानोसाइट्स कहते हैं।
इनकी रंगत त्वचा के रंग के समान ही होती है। कई बार मोल्स वंशानुगत भी होते हैं, जिसे कॉग्निटल मेलानेवी कहते हैं। वहीं, कुछ मोल्स धूप के अधिक संपर्क में आने की वजह से होते हैं, जिससे उनकी रंगत काली हो जाती है।
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