बलात्कारी की आत्मा कई वर्षों की नरक यातना के बाद जब इनका पृथ्वी पर जन्म होता है तो इन्हें बैल या घोड़ा बनकर पृथ्वी पर रहना होता है। चौरासी लाख योनियों को भोगने के पश्चात फिर कही जाकर इनको मनुष्य शरीर मिलता किंतु वह भी स्त्री रूप में तथा सदा रोगी बना रहता है।