बलात्कार या व्यभिचार को भी गरुड़ पुराण में नर्क में जाने का रास्ता बताया है। यमपुरी जाने के चार मार्ग हैं जो पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण दिशा में स्थित है। इनमें से दक्षिण मार्ग सबसे ज्यादा पीड़ा देने वाला है। इसी मार्ग में वैतरणी नदी भी है। खून और पीब से लबालब भरी इस नदी में कई प्रकार के भयानक कीड़े एवं अन्य जल जीव होते हैं।