बलात्कार केवल आज के युग का जघन्य अपराध नहीं है बल्कि वैदिक काल से इसे सबसे घृणित कार्य माना गया है। इसकी पुराणों में इसकी सजा भी इतनी कठोर सजा का उल्लेख मिलता है, जिसे सुनकर ही रूह कांप जाए।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा ने बताया कि सदाचरण मृत्यु के बाद उत्तम गति एवं दुराचरण दुर्गति प्रदान करता है। जानिए बलात्कार करने वाले और व्यभिचार करने वाले लोगों को गरुड़ पुराण के अनुसार क्या-क्या सजाएं दी जाती हैं-