जीवन में बहुत सी घटनाएं ऐसी होती हैं जो हमारे लिए परेशानियां का कारण बन जाती हैं। इन घटनाओं पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। वहीं कई बार हम स्वयं ही जाने-अनजाने कुछ ऐसा काम कर देते हैं तो भविष्य किसी न किसी परेशानी का कारण बन जाता है। इस संबंध में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि-