बच्चों की सही परवरिश उनका जीवन सुधार सकती है। यदि परवरिश में जरा सी भी लापरवाही हो जाए तो बच्चों का जीवन गलत दिशा भटक सकता है। माता-पिता का कर्तव्य होता है कि वे बच्चों को सही शिक्षा दें और उनका जीवन सुखमय बनाएं। आचार्य चाणक्य ने बताया है कि बच्चों के साथ किस उम्र में कैसा व्यवहार रखना चाहिए- अन्य चाणक्य नीतियां पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...