शास्त्रों के अनुसार सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए कई नियम बताए गए हैं। इन्हीं नियमों में से एक नियम है कि बिना नहाए कुछ खाना-पीना नहीं चाहिए। इसके अलावा ऐसा भी नियम है कि दान करने के बाद हमें भोजन या अन्य अन्न ग्रहण करना चाहिए। खाने-पीने के संबंध में आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसी चीजें बताई हैं जिन्हें नहाने से पहले भी ले सकते हैं...
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि...
ऊख वारि पय मूल, पुनि औषधहू खायके।
तथा खाय तांबूल, स्नान दान आदिक उचित।।
ऊख (गन्ना), जल, दूध, पान, फल, औषधि इन 6 चीजों को खाने के बाद भी हम स्नान कर सकते हैं, दान कर सकते हैं, पूजा कर सकते हैं।