शरीर द्वारा किसी पदार्थ को नापसंद करने की फिलिंग ही एलर्जी कहते हैं। वातावरण में विद्यमान पदार्थों से संवेदनशील इंसान को कभी भी एलर्जी हो सकती है। एलर्जी वंशानुगत भी होती है। यदि आपके शरीर में वंशानुगत एलर्जी होने की प्रवृति है तब वातावरण के कुछ पदार्थों के सम्पर्क में आने पर आपको एलर्जी हो सकती है।जैसे परागकण, डस्ट, डस्ट माइट, फंगस, दवाईयां, भोजन एवं खाद्य पदार्थ , सौंदर्य प्रसाधन, काई, कीट, धूल आदि ।
श्वास रोग में अधिकतर एलर्जन श्वासन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। कई रोगियों में एलर्जन का पता होता है लेकिन कुछ में इनका पता नहीं चल पाता। सावधानी बरतने, एलर्जी की चर्म जांच द्वारा रोग पैदा करने वाले एलर्जन को पहचाना जा सकता है।