आयुर्वेद में कई वृक्षों की छाल, पत्ते, फूल आदि का उपयोग दवाओं के रूप में किया जाता है। ऐसा ही एक वृक्ष मौलसिरी या बकूल जिसका आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान है। इस पेड़ के फूल इतने सुगन्धित होते हैं कि इनकी सुगंध फूलों के सूख जाने के बाद भी बनी रहती है। मौलसिरी के वृक्ष से कई बीमारियां का इलाज आसानी से हो जाता है।
मौलसिरी या बकुल को संस्कृत में चिरपुष्प और अंग्रेजी में बुलेटवूडट्री (BULLETWOOD TREE) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पत्तियां सघन और जामुन की पत्तियों के समान दिखाई देती हैं। फूल एक-एक या मंजरियों में लगते हैं। जानिए इसके क्या-क्या औषधीय गुण हैं-