किशमिश एक खट्टा-मीठा ड्रायफू ट है जो अंगुर को सुखाकर तैयार किया जाता है। इसमें भी अंगूर के सारे गुण विद्यमान होते हैं। दूध के लगभग सभी तत्त्व किशमिश में पाए जाते हैं। दूध के अभाव में इसका उपयोग किया जा सकता है। किशमिश दूध की अपेक्षा जल्दी पचती है। मुनक्के के नित्य सेवन से थोड़े ही दिनों में रस, रक्त, शुक्र आदि धातुओं तथा ओज की वृद्धि होती है। वृद्धावस्था में किशमिश या मुनक्के का प्रयोग न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है बल्कि आयु को बढ़ाने में भी सहायक होता है। माना जाता है कि किसी भी रोगी के लिए ये विशेष रूप से लाभदायक होती है। कई रोगों में इसका उपयोग औषधि की तरह भी किया जा सकता है आइए जाने मुनक्का के कुछ ऐसे ही औषधिय प्रयोगों के बारे में....