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Home >> Jeevan Mantra >> Dharm >> Utsav >> Rochak Batein >> Utsav- Sant Ravidas Jayanti Tomorrow (25 February, Monday).

सामाजिक एकता के प्रतीक संत रविदास की जयंती कल

धर्म डेस्क. उज्जैन | Feb 24, 2013, 07:00AM IST
 
 


हमारे देश में समय-समय पर कई महान संत हुए जिन्होंने समाज को एक नई दिशा दी तथा समाज में फैली कुरीतियों को दूर किया। संत रविदास भी उन्हीं में से एक थे। संत रविदास को ही रैदास के नाम से भी जाना जाता है। इस बार संत रविदास जयंती 25  फरवरी, सोमवार को है।
संत रविदास ने साधु-संतों की संगति से व्यावहारिक ज्ञान की शिक्षा पाई। जूते बनाने का काम उनका पैतृक व्यवसाय था और उन्होंने इसे सहर्ष अपनाया। वे अपना काम पूरी लगन तथा परिश्रम से करते थे और समय से काम को पूरा करने पर बहुत ध्यान देते थे। प्रारम्भ से ही रैदास बहुत परोपकारी तथा दयालु थे और दूसरों की सहायता करना उनका स्वभाव था।
साधु-संतों की सहायता करने में उनको विशेष आनंद मिलता था। उन्होंने समाज में फैली छुआ-छूत, ऊँच-नीच आदि सामाजिक बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। संत रविदास की भक्ति से प्रभावित भक्तों की एक लंबी श्रृंखला है। संत रविदास के आदर्शों और उपदेशों को मानने वाले 'रैदास पंथी' कहलाते हैं। रविदास के पद, नारद भक्ति सूत्र और रविदास की बानी उनके प्रमुख संग्रह हैं।
 

 

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