
खर मास आज से: करें इस मंत्र का जप, प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु

खर (मल) मास का प्रारंभ आज (14 मार्च, गुरुवार) से हो रहा है जो 14 अप्रैल, रविवार तक रहेगा। खर मास की महिमा का वर्णन अनेक धर्मग्रंथों में लिखा है। इस मास में अनेक नियमों का पालन भी किया जाता है तथा ईश्वर की आराधना की जाती है। धर्म ग्रंथों में ऐसे कई श्लोक भी वर्णित है जिनका जप यदि खर मास में किया जाए तो अतुल्य पुण्य की प्राप्ति होती है। प्राचीन काल में श्रीकौण्डिन्य ऋषि ने यह मंत्र बताया था। मंत्र जप किस प्रकार करें इसका वर्णन इस प्रकार है-
कौण्डिन्येन पुरा प्रोक्तमिमं मंत्र पुन: पुन:।
जपन्मासं नयेद् भक्त्या पुरुषोत्तममाप्नुयात्।।
ध्यायेन्नवघनश्यामं द्विभुजं मुरलीधरम्।
लसत्पीतपटं रम्यं सराधं पुरुषोत्तम्।।
अर्थात मंत्र जपते समय नवीन मेघश्याम दोभुजधारी बांसुरी बजाते हुए पीले वस्त्र पहने हुए श्रीराधिकाजी के सहित श्रीपुरुषोत्तम भगवान का ध्यान करना चाहिए।
मंत्र
गोवद्र्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।
गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।
इस मंत्र का एक महीने तक भक्तिपूर्वक बार-बार जप करने से पुरुषोत्तम भगवान की प्राप्ति होती है, ऐसा धर्मग्रंथों में लिखा है।











