
हनुमान अष्टमी 5 को, सबकी मुरादें पूरी करेंगे पवनपुत्र

कहते हैं कलयुग में हनुमानजी की उपासना सबसे ज्यादा फल देने वाली होती है। हनुमान को कलयुग का जीवित देवता माना गया है। कोई भी पीड़ा और परेशानी को हनुमान की आराधना से दूर किया जा सकता है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह उत्सव 5 जनवरी, शनिवार को है। यह विशेष अवसर है जब आप हनुमानजी की विशेष पूजन-अर्चना कर उनकी कृपा पा सकते हैं।
हनुमानजी का पूरा जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। हनुमानजी के जीवन चरित्र से हमें जीवन के कई अनमोल सूत्र मिलते हैं, जो वर्तमान समय के लिए बेहद जरुरी है। इन्हीं सूत्रों को अपने जीवन से जोड़कर आप भी कामयाबी पा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने जीवन में हनुमानजी को उतारना होगा। केवल हनुमानजी के आवरण को नहीं उनके आचरण को भी समझना होगा। भगवान हनुमान की आराधना सबसे सरल और सीधी मानी गई है। जो सबसे जल्दी फल देती है। शिव की तरह ही उनके अंशावतार हनुमान भी थोड़ी ही उपासना से प्रसन्न हो जाते हैं। हनुमान कर्मकांड, जीवन में सफलता के सूत्र से लेकर तंत्र तक हर विधा में उच्च फल देते हैं।
हनुमान अष्टमी के विशेष अवसर पर हनुमानजी की आराधना से जुड़ी विशेष सामग्री www.DAINIKBHASKAR.COM पर दी जाएगी। हनुमानजी से जुड़ी विशेष सामग्री जैसे रोचक बातें, टोने-टोटके, पूजन विधि, मंत्र, योग, प्रमुख मंदिर व जीवन प्रबंधन से जुड़े सूत्र आदि की श्रंखला प्रकाशित की जाएगी।











